A fé vem pelo ouvir
A fé vem pelo ouvir, e o ouvir pela Palavra de Cristo. Quando a Palavra é proclamada, a fé nasce nos corações. Ouvir a Deus é o primeiro passo para crer e seguir.
A fé vem pelo ouvir
A fé vem pelo ouvir, e o ouvir pela Palavra de Cristo. Quem ouve a Palavra crê e obtém a salvação eterna.
इसमें कोई फ़रक़ नहीं कि वह यहूदी हो या ग़ैरयहूदी। क्योंकि सबका एक ही ख़ुदावंद है, जो फ़ैयाज़ी से हर एक को देता है जो उसे पुकारता है। क्योंकि "जो भी ख़ुदावंद का नाम लेगा नजात पाएगा।"
लेकिन वह किस तरह उसे पुकार सकेंगे अगर वह उस पर कभी ईमान नहीं लाए? और वह किस तरह उस पर ईमान ला सकते हैं अगर उन्होंने कभी उसके बारे में सुना नहीं? और वह किस तरह उसके बारे में सुन सकते हैं अगर किसी ने उन्हें यह पैग़ाम सुनाया नहीं? और सुनानेवाले किस तरह दूसरों के पास जाएंगे अगर उन्हें भेजा न गया? इसलिए कलामे-मुक़द्दस फ़रमाता है, "उनके क़दम कितने प्यारे हैं जो ख़ुशख़बरी सुनाते हैं।" लेकिन सबने अल्लाह की यह ख़ुशख़बरी क़बूल नहीं की। यों यसायाह नबी फ़रमाता है, "ऐ रब, कौन हमारे पैग़ाम पर ईमान लाया?" ग़रज़, ईमान पैग़ाम सुनने से पैदा होता है, यानी मसीह का कलाम सुनने से।
मुझे एक बात बताएँ, क्या आपको शरीअत की पैरवी करने से रूहुल-क़ुद्स मिला? हरगिज़ नहीं! वह आपको उस वक़्त मिला जब आप मसीह के बारे में पैग़ाम सुनकर उस पर ईमान लाए।
आप भी मसीह में हैं, क्योंकि आप सच्चाई का कलाम और अपनी नजात की ख़ुशख़बरी सुनकर ईमान लाए। और अल्लाह ने आप पर भी रूहुल-क़ुद्स की मुहर लगा दी जिसका वादा उसने किया था। रूहुल-क़ुद्स हमारी मीरास का बयाना है। वह हमें यह ज़मानत देता है कि अल्लाह हमारा जो उस की मिलकियत हैं फ़िद्या देकर हमें पूरी मख़लसी तक पहुँचाएगा। क्योंकि हमारी ज़िंदगी का मक़सद यह है कि उसके जलाल की सताइश की जाए।
मैं तुमको सच बताता हूँ, जो भी मेरी बात सुनकर उस पर ईमान लाता है जिसने मुझे भेजा है अबदी ज़िंदगी उस की है। उसे मुजरिम नहीं ठहराया जाएगा बल्कि वह मौत की गिरिफ़्त से निकलकर ज़िंदगी में दाख़िल हो गया है।
मैं तुमको सच बताता हूँ कि एक वक़्त आनेवाला है बल्कि आ चुका है जब मुरदे अल्लाह के फ़रज़ंद की आवाज़ सुनेंगे। और जितने सुनेंगे वह ज़िंदा हो जाएंगे।
सिर्फ़ वह शख़्स मेरे पास आ सकता है जिसे बाप जिसने मुझे भेजा है मेरे पास खींच लाया है। ऐसे शख़्स को मैं क़ियामत के दिन मुरदों में से फिर ज़िंदा करूँगा। नबियों के सहीफ़ों में लिखा है, ‘सब अल्लाह से तालीम पाएँगे।’ जो भी अल्लाह की सुनकर उससे सीखता है वह मेरे पास आ जाता है। इसका मतलब यह नहीं कि किसी ने कभी बाप को देखा। सिर्फ़ एक ही ने बाप को देखा है, वही जो अल्लाह की तरफ़ से है। मैं तुमको सच बताता हूँ कि जो ईमान रखता है उसे अबदी ज़िंदगी हासिल है।
Ouvir e obedecer
Felizes os que ouvem a Palavra de Deus e a praticam. Quem tem ouvidos ouça o que o Espírito diz.
लेकिन ईसा ने जवाब दिया, "बात यह नहीं है। हक़ीक़त में वह मुबारक हैं जो अल्लाह का कलाम सुनकर उस पर अमल करते हैं।"
अगर कोई सुन सके तो सुन ले।"
फिर उसने उनसे कहा, "पूरी दुनिया में जाकर तमाम मख़लूक़ात को अल्लाह की ख़ुशख़बरी सुनाओ।
उनमें यसायाह नबी की यह पेशगोई पूरी हो रही है :
‘तुम अपने कानों से सुनोगे
मगर कुछ नहीं समझोगे,
तुम अपनी आँखों से देखोगे
मगर कुछ नहीं जानोगे।
क्योंकि इस क़ौम का दिल बेहिस हो गया है।
वह मुश्किल से अपने कानों से सुनते हैं,
उन्होंने अपनी आँखों को बंद कर रखा है,
ऐसा न हो कि वह अपनी आँखों से देखें,
अपने कानों से सुनें,
अपने दिल से समझें,
मेरी तरफ़ रुजू करें
और मैं उन्हें शफ़ा दूँ।’
लेकिन तुम्हारी आँखें मुबारक हैं क्योंकि वह देख सकती हैं और तुम्हारे कान मुबारक हैं क्योंकि वह सुन सकते हैं।
इनसान को क्या कुछ नापाक कर देता है?
फिर ईसा ने हुजूम को अपने पास बुलाकर कहा, "सब मेरी बात सुनो और इसे समझने की कोशिश करो।
कान लगाकर मेरे पास आओ! सुनो तो जीते रहोगे।
मैं तुम्हारे साथ अबदी अहद बाँधूँगा, तुम्हें उन अनमिट मेहरबानियों से नवाज़ूँगा जिनका वादा दाऊद से किया था।
तब रब ने फ़रमाया, "जा, इस क़ौम को बता, ‘अपने कानों से सुनो मगर कुछ न समझना। अपनी आँखों से देखो, मगर कुछ न जानना!’ इस क़ौम के दिल को बेहिस कर दे, उनके कानों और आँखों को बंद कर। ऐसा न हो कि वह अपनी आँखों से देखें, अपने कानों से सुनें, मेरी तरफ़ रुजू करें और शफ़ा पाएँ।"
साथ साथ हमारे लिए भी दुआ करें ताकि अल्लाह हमारे लिए कलाम सुनाने का दरवाज़ा खोले और हम मसीह का राज़ पेश कर सकें। आख़िर मैं इसी राज़ की वजह से क़ैद में हूँ।