A palavra
A Palavra de Deus é viva, eficaz e mais cortante que espada de dois gumes. Ela é lâmpada, alimento e purificação — tudo o que o cristão precisa para viver e crescer em fé.
काहेकि परमेस्वर को वचन जिन्दो, अर मजबुत अर हर एक दोधारी तलवार से भी बेजा तेज हैं, अर प्रान अर आत्मा ख, अर गाँठ-गाँठ अर गुदा-गुदा ख अलग कर ख आर पार छेद देह हैं अर मन कि भावना ख अर विचार ख परख लेवह हैं।
वचन न सरीर रूप धरियो
सबसे सुरू म सब्द हतो अऊर सब्द परमेस्वर को संग म हतो, सब्द ही परमेस्वर हतो।,
सब्द न सरीर रूप धर ख, हमरो बीच म आयो, अऊर हम न ओकी असी महेमा देखी जसो परमेस्वर बाप (पिता) को अकेलो पोरिया कि महेमा, जो किरपा अऊर सही से भरपूर हो ख हमारो बीच म ड़ेरा करो।
आत्मा ही हैं जो जीवन देवा हैं, सरीर से कुछ फायदा नी हाय; जो बात मी न तुम से कही हैं वी आत्मा हैं, अर जिन्दगी भी हैं।
तुम तो उ वचन को वजेसे जे मी न तुम से कहयो हैं, सुध्द हैं।
यीसु न जुवाब दियो, "सुध्द सास्र म असो लिख्यो हैं: ‘अदमी सिरप रोटी ही से जिन्दो नी हैं। बल्कि उ परमेस्वर को मुंडो से निकलन वालो हर एक वचन से जिन्दो रहवा हैं।’"
आकास अर धरती मिट जाहेगो, पर मोरो बात कभी नी मिटगो।
अपनो तुम ख परमेस्वर को विस्वास लायक अर असो काम करन वालो रोखन की कोसिस कर, जे लज्जित न होवन पाए, अर जे सही को वचन को ठीक रीति से काम म लावा हैं।
नयो जनम भयो पोरिया हुन का जसा साफ आत्मिक दुध की लालच करिये हैं, काहेकि ओखा दुवारा उध्दार पान को लाने बढ़ते जाव,
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