Admiração
O temor do Senhor é o princípio da sabedoria. A admiração reverente por Deus é a postura que produz conhecimento, obediência e bênção na vida do crente.
यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल हैयहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है: बुद्धि का आरम्भ श्रद्धा एवं आदर के स्वभाव में पाया जाता है। अनन्त व्यक्तित्व की उपस्थिति में सीमित मनुष्य के मन में उत्पन्न भय। ;
बुद्धि और शिक्षा को मूर्ख लोग ही तुच्छ जानते हैं।
यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है,
और परमपवित्र परमेश्वर को जानना ही समझ है।
यहोवा के भय मानने से बुद्धि की शिक्षा प्राप्त होती है,
और महिमा से पहले नम्रता आती है।
घबराहट के साथ बहुत रखे हुए धन से,
यहोवा के भय के साथ थोड़ा ही धन उत्तम है,
यहोवा का भय मानना बुराई से बैर रखना है।
घमण्ड और अहंकार, बुरी चाल से,
और उलट-फेर की बात से मैं बैर रखती हूँ।
नम्रता और यहोवा के भयनम्रता और यहोवा के भय: नम्रता का प्रतिफल यहोवा का भय, "धन-सम्पति, सम्मान और जीवन है। मानने का फल धन,
महिमा और जीवन होता है।
अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना;
यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना। (रोम. 12:16)
ऐसा करने से तेरा शरीर भला चंगा,
और तेरी हड्डियाँ पुष्ट रहेंगी।
शोभा तो झूठी और सुन्दरता व्यर्थ है,
परन्तु जो स्त्री यहोवा का भय मानती है, उसकी प्रशंसा की जाएगी।
सब कुछ सुना गया; अन्त की बात यह हैअन्त की बात यह है: परमेश्वर का आदर कर और उसकी आज्ञा मान यही मनुष्य की सम्पूर्ण जीवन रचना है। यही मनुष्य के लिये स्वीकार करने की बात है। अन्य सब बातें सर्वोच्च अज्ञेय शक्ति पर निर्भर है। कि परमेश्वर का भय मान और उसकी आज्ञाओं का पालन कर; क्योंकि मनुष्य का सम्पूर्ण कर्तव्य यही है।
बुद्धि का मूल यहोवा का भय है;
जितने उसकी आज्ञाओं को मानते हैं,
उनकी समझ अच्छी होती है।
उसकी स्तुति सदा बनी रहेगी।
धर्मी व्यक्ति के लक्षण
यहोवा की स्तुति करो!
क्या ही धन्य है वह पुरुष जो यहोवा का भय मानता है,
और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है!
परमेश्वर का भय मानने की आशीष
क्या ही धन्य है हर एक जो यहोवा का भय मानता है,
और उसके मार्गों पर चलता हैउसके मार्गों पर चलता है: परमेश्वर की आज्ञा और आदेशों के मार्ग।!
देखो, यहोवा की दृष्टि उसके डरवैयों पर
और उन पर जो उसकी करुणा की आशा रखते हैं,
बनी रहती है,
परमेश्वर हमको आशीष देगा;
और पृथ्वी के दूर-दूर देशों के सब लोग उसका भय मानेंगे।
परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धार्मिकता का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे; और तुम निकलकर पाले हुए बछड़ों के समान कूदोगे और फाँदोगे।
परमेश्वर की माँग
"अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता हैतेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है: परमेश्वर ने मूसा प्रदत्त विधान में अनेक शर्तें रखी थी। तथापि, यह बाहरी अनुष्ठानों से सम्बंधित हैं जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर लागू किया जा सकता है। परन्तु प्रेम लागू नहीं किया जा सकता, वे तो स्वाभाविक होना है।, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उससे प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे, (लूका 10:27) और यहोवा की जो-जो आज्ञा और विधि मैं आज तुझे सुनाता हूँ उनको ग्रहण करे, जिससे तेरा भला हो?
तुम अपने परमेश्वर यहोवा के पीछे चलना, और उसका भय मानना, और उसकी आज्ञाओं पर चलना, और उसका वचन मानना, और उसकी सेवा करना, और उसी से लिपटे रहना।
इसलिए कि दाइयाँ परमेश्वर का भय मानती थीं उसने उनके घर बसाएघर बसाए: उन्होंने इब्री पुरुषों से विवाह किया और इस्राएल की माता ठहरीं। ।
हे प्यारों जबकि ये प्रतिज्ञाएँ हमें मिली हैं, तो आओ, हम अपने आपको शरीर और आत्मा की सब मलिनता से शुद्ध करें, और परमेश्वर का भय रखते हुए पवित्रता को सिद्ध करें।
इसलिए हर एक का हक़ चुकाया करो; जिसे कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे चुंगी चाहिए, उसे चुंगी दो; जिससे डरना चाहिए, उससे डरो; जिसका आदर करना चाहिए उसका आदर करो।
"जो पड़ोसी पर कृपा नहीं करता वह
सर्वशक्तिमान का भय मानना छोड़ देता है।