Admiração
O temor do Senhor é o princípio da sabedoria. A admiração reverente por Deus é a postura que produz conhecimento, obediência e bênção na vida do crente.
ख़ुदावन्द का ख़ौफ़ 'इल्म की शुरू’आत है;
लेकिन बेवक़ूफ़ हिकमत और तरबियत की हिक़ारत करते हैं।
ख़ुदावन्द का ख़ौफ़ हिकमत का शुरू' है,
और उस क़ुद्दुस की पहचान समझ है।
ख़ुदावन्द का ख़ौफ़ हिकमत की तरबियत है,
और सरफ़राज़ी से पहले फ़रोतनी है।
थोड़ा जो ख़ुदावन्द के ख़ौफ़ के साथ हो,
उस बड़े ख़ज़ाने से जो परेशानी के साथ हो, बेहतर है।
ख़ुदावन्द का ख़ौफ़ बदी से 'अदावत है।
गु़रूर और घमण्ड और बुरी राह,
और टेढ़ी बात से मुझे नफ़रत है।
दौलत और 'इज़्ज़त — ओ — हयात,
ख़ुदावन्द के ख़ौफ़ और फ़रोतनी का अज्र हैं।
तू अपनी ही निगाह में 'अक़्लमन्द न बन,
ख़ुदावन्द से डर और बदी से किनारा कर।
ये तेरी नाफ़ की सिहत,
और तेरी हड़िडयों की ताज़गी होगी।
हुस्न, धोका और जमाल बेसबात है,
लेकिन वह 'औरत जो ख़ुदावन्द से डरती है, सतुदा होगी।
अब सब कुछ सुनाया गया;
हासिल — ए — कलाम ये है: ख़ुदा से डर
और उसके हुक्मों को मान कि इंसान का फ़र्ज़ — ए — कुल्ली यही है।
ख़ुदावन्द का ख़ौफ़ समझ का शुरू' है;
उसके मुताबिक 'अमल करने वाले अक़्लमंद हैं।
उसकी सिताइश हमेशा तक क़ाईम है।
ख़ुदावन्द की हम्द करो!
मुबारक है वह आदमी जो ख़ुदावन्द से डरता है,
और उसके हुक्मों में खू़ब मसरूर रहता है!
मुबारक है हर एक जो ख़ुदावन्द से डरता,
और उसकी राहों पर चलता है।
देखो ख़ुदावन्द की निगाह उन पर है जो उससे डरते हैं;
जो उसकी शफ़क़त के उम्मीदवार हैं,
ख़ुदा हम को बरकत देगा;
और ज़मीन की इन्तिहा तक सब लोग उसका डर मानेंगे।
लेकिन तुम पर जो मेरे नाम की ता’ज़ीम करते हो, आफ़ताब — ए — सदाक़त ताली’अ होगा, और उसकी किरनों में शिफ़ा होगी; और तुम गावख़ाने के बछड़ों की तरह कूदो — फाँदोगे।
"इसलिए ऐ इस्राईल, ख़ुदावन्द तेरा ख़ुदा तुझ से इसके अलावा और क्या चाहता है कि तू ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा का ख़ौफ़ माने, और उसकी सब राहों पर चले, और उससे मुहब्बत रख्खे, और अपने सारे दिल और अपनी सारी जान से ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा की बन्दगी करे, और ख़ुदावन्द के जो अहकाम और आईन मैं तुझको आज बताता हूँ उन पर 'अमल करो, ताकि तेरी ख़ैर हो?
तुम ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा की पैरवी करना, और उसका ख़ौफ़ मानना, और उसके हुक्मों पर चलना, और उसकी बात सुनना; तुम उसी की बन्दगी करना और उसी से लिपटे रहना।
और इस वजह से कि दाइयाँ ख़ुदा से डरी, उसने उनके घर आबाद कर दिए।
पस ऐ' अज़ीज़ो चुँकि हम से ऐसे वा’दे किए गए, आओ हम अपने आपको हर तरह की जिस्मानी और रूहानी आलूदगी से पाक करें और ख़ुदा के बेख़ौफ़ के साथ पाकीज़गी को कमाल तक पहुँचाए।
सब का हक़ अदा करो जिस को लगान चाहिए लगान दो, जिसको महसूल चाहिए महसूल जिससे डरना चाहिए उस से डरो, जिस की इज़्ज़त करना चाहिए उसकी इज़्ज़त करो।
उस पर जो कमज़ोर होने को है उसके दोस्त की तरफ़ से मेहरबानी होनी चाहिए,
बल्कि उस पर भी जो क़ादिर — ए — मुतलक़ का ख़ौफ़ छोड़ देता है।