Agradecimento pela vida
Agradecer pela vida é reconhecer que cada respiração é dom de Deus. Toda criatura que tem fôlego louve ao Senhor — porque Ele nos formou e nos sustenta com amor.
जितने प्राणी हैं
सब के सब यहोवा की स्तुति करेंजितने प्राणी हैं सब के सब यहोवा की स्तुति करें: आकाश पृथ्वी और जल के सब प्राणी। एक विश्वव्यापी स्तुति का उदगार हो केवल संगीत वाद्द्यों से ही नहीं, सब जीवित प्राणी एक साथ उसकी स्तुति करें।!
यहोवा की स्तुति करो!
उद्धारकर्ता परमेश्वर की स्तुति
यहोवा की स्तुति करो।
हे मेरे मन यहोवा की स्तुति कर!
मैं जीवन भर यहोवा की स्तुति करता रहूँगा;
जब तक मैं बना रहूँगा, तब तक मैं अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूँगा।
तूने मेरे अंदरूनी अंगों को बनाया है;
तूने मुझे माता के गर्भ में रचा।
मैं तेरा धन्यवाद करूँगा, इसलिए कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गयामैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया: भयानक अर्थात् भयभीत करनेवाली बातें जिनसे भय या श्रद्धा उत्पन्न होती है। अद्भुत रीति से रचा गया: का वास्तविक अर्थ है, विशिष्ट: या पृथक:। हूँ।
तेरे काम तो आश्चर्य के हैं,
और मैं इसे भली भाँति जानता हूँ। (प्रका. 15:3)
जब मैं गुप्त में बनाया जाता,
और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था,
तब मेरी देह तुझ से छिपी न थीं।
तेरी आँखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा;
और मेरे सब अंग जो दिन-दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहले
तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।
मैं जीवन भर यहोवा का गीत गाता रहूँगा;
जब तक मैं बना रहूँगा तब तक अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूँगा।
मेरे सोच-विचार उसको प्रिय लगे,
क्योंकि मैं तो यहोवा के कारण आनन्दित रहूँगा।
निश्चय जानो कि यहोवा ही परमेश्वर है
उसी ने हमको बनाया, और हम उसी के हैं;
हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैंहम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं: जिस प्रकार एक चरवाहा अपने वृन्द का स्वामी होता है, जिस प्रकार चरवाहा अपने वृन्द की रक्षा करता है और उनके लिए प्रावधान करता है, उसी प्रकार परमेश्वर हमारी रक्षा करता है और हमारी सुधि लेता है।।
उसके फाटकों में धन्यवाद,
और उसके आँगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो,
उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!
हे परमेश्वर, तेरी करुणा कैसी अनमोल है!
मनुष्य तेरे पंखो के तले शरण लेते हैं।
वे तेरे भवन के भोजन की
बहुतायत से तृप्त होंगे,
और तू अपनी सुख की नदी
में से उन्हें पिलाएगा।
क्योंकि जीवन का सोता तेरे ही पास हैजीवन का सोता तेरे ही पास है: सोता या स्रोत जहाँ से सम्पूर्ण जीवन प्रवाहित होता है। सब जीवित प्राणी उससे जीवन पाते हैं।;
तेरे प्रकाश के द्वारा हम प्रकाश पाएँगे। (यहू. 4:10,14, प्रका. 21:6)
धन्यवाद की प्रार्थना
हे यहोवा, मैं तुझे सराहूँगा क्योंकि तूने
मुझे खींचकर निकाला है,
और मेरे शत्रुओं को मुझ पर
आनन्द करने नहीं दिया।
हे मेरे परमेश्वर यहोवा,
मैंने तेरी दुहाई दी और तूने मुझे चंगा किया है।
हे यहोवा, तूने मेरा प्राण अधोलोक में से निकाला है,
तूने मुझ को जीवित रखा
और कब्र में पड़ने से बचाया हैऔर कब्र में पड़ने से बचाया है: अर्थात् मृत्यु उसके सिर पर थी वरन् वह कब्र के मुँह से निकाला गया।।
विजय के लिये धन्यवाद
हे यहोवा परमेश्वर मैं अपने पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूँगा;
मैं तेरे सब आश्चर्यकर्मों का वर्णन करूँगा।
मैं तेरे कारण आनन्दित और प्रफुल्लित होऊँगा,
हे परमप्रधान, मैं तेरे नाम का भजन गाऊँगा।
और सदा सब बातों के लिये हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम से परमेश्वर पिता का धन्यवाद करते रहो।
मसीह में छुटकारा
हमारे परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह के पिता का धन्यवाद हो कि उसने हमें मसीह में स्वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आत्मिक आशीष दी है।
परमेश्वर को उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो।
और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिसने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ विरासत में सहभागी हों। उसी ने हमें अंधकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया, जिसमें हमें छुटकारा अर्थात् पापों की क्षमा प्राप्त होती है।
मसीह की श्रेष्ठता और उसके कार्य
पुत्र तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्टि में पहलौठा है। क्योंकि उसी में सारी वस्तुओं की सृष्टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुताएँ, क्या प्रधानताएँ, क्या अधिकार, सारी वस्तुएँ उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। और वही सब वस्तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएँ उसी में स्थिर रहती हैं। (प्रका. 1:8)
और तू पेट भर खाएगा, और उस उत्तम देश के कारण जो तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देगा उसे धन्य मानेगा।
हे यहोवा, तूने मेरा मुकद्दमा लड़कर मेरा प्राण बचा लिया है।
मैं पहाड़ों की जड़ तक पहुँच गया था;
मैं सदा के लिये भूमि में बन्द हो गया था;
तो भी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तूने मेरे प्राणों को गड्ढे में से उठाया है।
जब मैं मूर्छा खाने लगा, तब मैंने यहोवा को स्मरण किया;
और मेरी प्रार्थना तेरे पास वरन् तेरे पवित्र मन्दिर में पहुँच गई।