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Agradecimento pela vida: o dom de respirar e existir

O dom do fôlego que sustenta o dia

Agradecer pela vida começa no instante em que você para e percebe a própria respiração. Estar vivo hoje não é obra do acaso nem do próprio esforço, mas de um sopro contínuo que Deus renova a cada instante.

Antes de qualquer palavra ou afazer, o corpo já recebe o sustento divino. No silêncio de quem se recolhe, o simples ato de respirar se torna a primeira oração.

हर एक जीयत परानी ह यहोवा के परसंसा करय।

यहोवा के परसंसा करव।(भजन-संहिता 150:6)

काबरकि तेंह मोर भीतरी भाग ला बनाय हस;

तेंह मोर दाई के गरभ म मोला एक संग जोड़े हस।

मेंह तोर परसंसा करथंव काबरकि मेंह भयानक अऊ अद्भूत रीति से बनाय गे हवंव;

तोर काममन अद्भूत अंय,

मेंह ओला बने करके जानथंव।

जब मोला गुपत जगह म बनाय गीस,

जब मोला धरती के गहरई म एक संग बुने गीस,

त मोर ढांचा ह तोर ले छुपे नइं रिहिस।

तोर आंखी ह मोर बिगर आकार के देहें ला देखिस;

मोर देहें के अंग, जऊन मन बनत जावत रिहिन,

ओमन रचे जाय के पहिले तोर किताब म लिखाय रिहिन।(भजन-संहिता 139:13-16)

मेंह अपन जिनगी भर यहोवा के गीत गाहूं;

जब तक मेंह जीयत हंव, मेंह अपन परमेसर के परसंसा के गीत गाहूं।

जइसे कि मेंह यहोवा म आनंदित रहिथंव,

त मोर मनन-चिंतन ह ओला खुसी देवय।(भजन-संहिता 104:33,34)

Quando a vida renasce da angústia

A gratidão mais profunda costuma brotar dos dias em que as forças pareceram se esgotar por completo. Quando o peso da caminhada silencia os planos, reconhecer que Deus sustentou os seus passos transforma o medo em alívio sereno.

हे यहोवा, मेंह तोर बहुंत परसंसा करहूं,

काबरकि तेंह मोला खंचवा ले ऊपर निकाले हस

अऊ मोर बईरीमन ला मोर ऊपर आनंद करे बर नइं दे हस।

हे यहोवा मोर परमेसर, मेंह तोला मदद बर पुकारेंव,

अऊ तेंह मोला चंगा करय।

हे यहोवा, तेंह मोला मिरतू-लोक ले निकाले हस;

तेंह मोला खाल्हे खंचवा म जाय ले बचाय हस।(भजन-संहिता 30:1-3)

हे परभू, तेंह मोर मामला ला अपन हांथ म लेय;

अऊ तेंह मोर जिनगी ला बचाय।(बिलापगीत 3:58)

मेंह पहाड़ के जरी तक चल दे रहेंव;

मेंह हमेसा बर भुइयां म गड़ गे रहेंव।

पर हे यहोवा मोर परमेसर,

तेंह मोला खंचवा म ले निकाले हस।

"जब मेंह बेहोस होवत रहेंव,

तब हे यहोवा, मेंह तोला सुरता करेंव,

अऊ मोर पराथना तोर मेर,

तोर पबितर मंदिर म पहुंचिस।(योना 2:6,7)

O reconhecimento do que sustenta o cotidiano

No ritmo veloz das tarefas, a mente se inclina a notar apenas o que ainda falta construir ou resolver. A Escritura convida a pousar os pés no chão, contemplar o alimento à mesa e lembrar quem é a fonte de cada dia vivido.

जब तुमन जी भरके खा लेवव, त यहोवा अपन परमेसर के ओ उत्तम देस बर परसंसा करव, जेला ओह तुमन ला देय हवय।(ब्यवस्था 8:10)

ये बात ला जानव कि यहोवा ही परमेसर अय।

ओही ह हमन ला बनाय हवय, अऊ हमन ओकरेच अन;

हमन ओकर मनखे, ओकर चरागन के भेड़ अन।

धनबाद करत ओकर कपाट के भीतर

अऊ परसंसा करत ओकर अंगना म जावव;

ओला धनबाद देवव अऊ ओकर नांव के महिमा करव।(भजन-संहिता 100:3,4)

हे परमेसर, तोर अब्बड़ मया ह अनमोल ए!

मनखेमन तोर डेना के छइहां म सरन लेथें।

ओमन तोर घर के भरे भंडार म ले जेवनार करथें;

तेंह अपन खुसी के नदी म ले ओमन ला पीये बर देथस।

काबरकि तोरेच करा जिनगी के पानी के सोत हवय;

तोरेच अंजोर म हमन अंजोर देखथन।(भजन-संहिता 36:7-9)

Uma existência guardada em Cristo

Agradecer pela existência é acolher não apenas os dias de sol, mas a graça invisível que envolve cada respiração. A vida encontra repouso quando descansamos na certeza de que estamos guardados nas mãos do Criador.

परमेसर अऊ हमर परभू यीसू मसीह के ददा के परसंसा होवय, जऊन ह हमन ला स्वरगीय ठऊर म मसीह म हर एक आतमिक आसीस दे हवय।(इफिसुस 1:3)

अऊ आनंद सहित परमेसर ददा के धनबाद करव, जऊन ह कि तुमन ला एकर लईक बनाईस कि तुमन अंजोर के राज म ओकर संतमन के संग वारिस होवव। काबरकि परमेसर ह हमन ला अंधियार के सक्ति ले छोंड़ाईस अऊ अपन मयारू बेटा के राज म लानिस, जेकर दुवारा हमन ला पाप ले मुक्ति याने कि पाप के छेमा मिलथे।

मसीह ह अदृस्य परमेसर के सरूप अऊ जम्मो सिरिस्टी म पहिलांत अय। काबरकि ओकरे दुवारा जम्मो चीज सिरजे गीस: ओ जम्मो चीज जऊन ह स्वरग अऊ धरती म हवय, देखे अऊ अनदेखे चीज; चाहे सिंघासन हो या राज; सासन करइया हो या अधिकारी; जम्मो चीज ह ओकरे दुवारा सिरजे गीस अऊ ओकरे बर सिरजे गीस। ओह जम्मो चीज ला सिरजे के पहिली रिहिस अऊ ओमा जम्मो चीज एक संग टिके रहिथें।(कुलुस्सी 1:12-17)

परमेसर के धनबाद होवय ओकर ओ दान खातिर, जेकर बयान नइं करे जा सकय!(2 कुरिन्थुस 9:15)

हे यहोवा, मेंह अपन पूरा मन से तोर धनबाद करहूं;

मेंह तोर जम्मो अचरज के काम के बखान करहूं।

मेंह तोर कारन खुस होहूं अऊ आनंद मनाहूं;

हे सर्वोच्च परमेसर, मेंह तोर नांव के महिमा के गीत गाहूं।(भजन-संहिता 9:1,2)

यहोवा के परसंसा करव।

हे मोर मन, यहोवा के परसंसा कर।

मेंह जिनगी भर यहोवा के परसंसा करहूं,

जब तक मेंह जीयत रहिहूं, मेंह अपन परमेसर के परसंसा के गीत गाहूं।(भजन-संहिता 146:1,2)

अऊ हमेसा, हर एक बात बर, हमर परभू यीसू मसीह के नांव म परमेसर ददा ला धनबाद देवव।(इफिसुस 5:20)

Oração de agradecimento pela vida

Respire fundo e solte a pressa por um instante antes de falar com Deus:

Senhor, eu paro agora e respiro na tua presença. Obrigado pelo fôlego deste dia, pelo corpo que me sustenta e pelo teu cuidado silencioso que nunca me deixou faltar o essencial. Onde houve cansaço, tu foste abrigo; onde houve incerteza, tua mão me sustentou. Recebe a minha existência como ela é hoje, com suas alegrias e suas fragilidades. Eu descanso em ti e te agradeço pelo simples dom de viver. Amém.

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