Agradecimento
O agradecimento é a linguagem natural do cristão. Em tudo dai graças! A gratidão a Deus transforma a perspectiva, fortalece a fé e produz alegria em todos os tempos.
Dar graças sempre
Em tudo dai graças, porque esta é a vontade de Deus em Cristo Jesus para convosco. A gratidão é atitude fundamental.
हर एक बात में शुक्र गुज़ारी करो क्यूँकि मसीह ईसा में तुम्हारे बारे में ख़ुदा की यही मर्ज़ी है।
और सब बातों में हमारे ख़ुदावन्द ईसा मसीह के नाम से हमेशा ख़ुदा बाप का शुक्र करते रहो।
मसीह की सलामती तुम्हारे दिलों में हुकूमत करे। क्यूँकि ख़ुदा ने तुम को इसी सलामती की ज़िन्दगी गुज़ारने के लिए बुला कर एक बदन में शामिल कर दिया है। शुक्रगुज़ार भी रहो। तुम्हारी ज़िन्दगी में मसीह के कलाम की पूरी दौलत घर कर जाए। एक दूसरे को हर तरह की हिक्मत से तालीम देते और समझाते रहो। साथ साथ अपने दिलों में ख़ुदा के लिए शुक्रगुज़ारी के साथ ज़बूर, हम्द — ओ — सना और रुहानी गीत गाते रहो। और जो कुछ भी तुम करो ख़्वाह ज़बानी हो या अमली वह ख़ुदावन्द ईसा का नाम ले कर करो। हर काम में उसी के वसीले से ख़ुदा बाप का शुक्र करो।
मसीह की सलामती तुम्हारे दिलों में हुकूमत करे। क्यूँकि ख़ुदा ने तुम को इसी सलामती की ज़िन्दगी गुज़ारने के लिए बुला कर एक बदन में शामिल कर दिया है। शुक्रगुज़ार भी रहो।
तुम्हारी ज़िन्दगी में मसीह के कलाम की पूरी दौलत घर कर जाए। एक दूसरे को हर तरह की हिक्मत से तालीम देते और समझाते रहो। साथ साथ अपने दिलों में ख़ुदा के लिए शुक्रगुज़ारी के साथ ज़बूर, हम्द — ओ — सना और रुहानी गीत गाते रहो। और जो कुछ भी तुम करो ख़्वाह ज़बानी हो या अमली वह ख़ुदावन्द ईसा का नाम ले कर करो। हर काम में उसी के वसीले से ख़ुदा बाप का शुक्र करो।
दुआ में लगे रहो। और दुआ करते वक़्त शुक्रगुज़ारी के साथ जागते रहो।
किसी बात की फ़िक्र न करो, बल्कि हर एक बात में तुम्हारी दरख़्वास्तें दुआ और मिन्नत के वसीले से शुक्रगुज़ारी के साथ ख़ुदा के सामने पेश की जाएँ।
Louvor e gratidão
Entrai pelas portas com ação de graças. Rendei graças ao Senhor porque Ele é bom e a sua bondade dura para sempre.
शुक्रगुज़ारी करते हुए उसके फाटकों में
और हम्द करते हुए उसकी बारगाहों में दाख़िल हो;
उसका शुक्र करो और उसके नाम को मुबारक कहो!
ख़ुदावन्द का शुक्र करो,
क्यूँकि वह भला है,
कि उसकी शफ़क़त हमेशा की है।
ख़ुदा का शुक्र करो, क्यूँकि वह भला है;
और उसकी शफ़क़त हमेशा की है!
शुक्रगुज़ारी करते हुए उसके सामने में हाज़िर हों,
मज़मूर गाते हुए उसके आगे ख़ुशी से ललकारें।
क्यूँकि ख़ुदावन्द ख़ुदा — ए — 'अज़ीम है,
और सब इलाहों पर शाह — ए — 'अज़ीम है।
क्या ही भला है, ख़ुदावन्द का शुक्र करना,
और तेरे नाम की मदहसराई करना; ऐ हक़ ता’ला!
सुबह को तेरी शफ़क़त का इज़्हार करना,
और रात को तेरी वफ़ादारी का,
जो शुक्रगुज़ारी की क़ुर्बानी पेश करता है वह मेरी तम्जीद करता है;
और जो अपना चालचलन दुरुस्त रखता है,
उसको मैं ख़ुदा की नजात दिखाऊँगा।"
तू मेरा ख़ुदा है, मैं तेरा शुक्र करूँगा;
तू मेरा ख़ुदा है, मैं तेरी तम्जीद करूँगा।
ख़ुदावन्द का शुक्र करो, क्यूँकि वह भला है;
और उसकी शफ़क़त हमेशा की है!
और अब ऐ हमारे ख़ुदा, हम तेरा शुक्र और तेरे जलाली नाम की ता’रीफ़ करते हैं।
Expressões de gratidão
Graças a Deus pelo seu dom inefável! A gratidão se expressa em oração, louvor e generosidade para com os outros.
शुक्र ख़ुदा का उसकी उस बख़्शिश पर जो बयान से बाहर है।
और तुम हर चीज़ को बहुतायत से पाकर सब तरह की सख़ावत करोगे; जो हमारे वसीले से ख़ुदा की शुक्रगुज़ारी के ज़रिए होती है।
मगर ख़ुदा का शुक्र है, जो हमारे ख़ुदावन्द 'ईसा मसीह के वसीले से हम को फ़तह बख्शता है।
मैं तुम्हारे बारे में ख़ुदा के उस फ़ज़ल के ज़रिए जो मसीह ईसा में तुम पर हुआ हमेशा अपने ख़ुदा का शुक्र करता हूँ।
पहले, तो मैं तुम सब के बारे में ईसा मसीह के वसीले से अपने ख़ुदा का शुक्र करता हूँ कि तुम्हारे ईमान का तमाम दुनिया में नाम हो रहा है।
इसलिए कि अगर्चे ख़ुदाई के लायक़ उसकी बड़ाई और शुक्रगुज़ारी न की बल्कि बेकार के ख़याल में पड़ गए, और उनके नासमझ दिलों पर अँधेरा छा गया।
क्यूँकि उसी की तरफ़ से, और उसी के वसीले से और उसी के लिए सब चीज़ें हैं; उसकी बड़ाई हमेशा तक होती रहे आमीन।
'ख़ुदावन्द तुझे बरकत दे और तुझे महफ़ूज़ रख्खें। "ख़ुदावन्द अपना चेहरा तुझ पर जलवागर फ़रमाए, और तुझ पर मेहरबान रहे। "ख़ुदावन्द अपना चेहरा तेरी तरफ़ मुतवज्जिह करे, और तुझे सलामती बख़्शे।
मै हम्द करता हुआ तेरे सामने क़ुर्बानी पेश करूँगा; मैं अपनी नज़्रें अदा करूँगा नजात ख़ुदावन्द की तरफ़ से है।"
ऐ भाइयों! तुम्हारे बारे में हर वक़्त ख़ुदा का शुक्र करना हम पर फ़र्ज़ है, और ये इसलिए मुनासिब है, कि तुम्हारा ईमान बहुत बढ़ता जाता है; और तुम सब की मुहब्बत आपस में ज़्यादा होती जाती है।
जिस ख़ुदा की इबादत में साफ़ दिल से बाप दादा के तौर पर करता हूँ; उसका शुक्र है कि अपनी दुआओं में बिला नाग़ा तुझे याद रखता हूँ।
तुम्हारे ज़रिए शुक्र करने से बा’ज़ नहीं आता, और अपनी दु’आओं में तुम्हें याद किया करता हूँ।
चुनाँचे आएँ, हम शुक्रगुज़ार हों। क्यूँकि हमें एक ऐसी बादशाही हासिल हो रही है जिसे हिलाया नहीं जा सकता। हाँ, हम शुक्रगुज़ारी की इस रूह में एहतिराम और ख़ौफ़ के साथ ख़ुदा की पसन्दीदा इबादत करें,
हम हर तरह और हर जगह कमाल शुक्र गुज़ारी के साथ तेरा एहसान मानते हैं।
उसने उन्हें देखकर कहा, "जाओ! अपने आपको काहिनों को दिखाओ!" और ऐसा हुआ कि वो जाते — जाते पाक साफ़ हो गए। फिर उनमें से एक ये देखकर कि मैं शिफ़ा पा गया हूँ, बुलन्द आवाज़ से ख़ुदा की बड़ाई करता हुआ लौटा; और मुँह के बल ईसा के पाँव पर गिरकर उसका शुक्र करने लगा; और वो सामरी था। ईसा ने जवाब में कहा, "क्या दसों पाक साफ़ न हुए; फिर वो नौ कहाँ है? क्या इस परदेसी के सिवा और न निकले जो लौटकर ख़ुदा की बड़ाई करते?" फिर उससे कहा, "उठ कर चला जा! तेरे ईमान ने तुझे अच्छा किया है।"
और एक गाँव में दाख़िल होते वक़्त दस कौढ़ी उसको मिले। उन्होंने दूर खड़े होकर बुलन्द आवाज़ से कहा, ऐ ईसा! ऐ ख़ुदावन्द! हम पर रहम कर। उसने उन्हें देखकर कहा, "जाओ! अपने आपको काहिनों को दिखाओ!" और ऐसा हुआ कि वो जाते — जाते पाक साफ़ हो गए। फिर उनमें से एक ये देखकर कि मैं शिफ़ा पा गया हूँ, बुलन्द आवाज़ से ख़ुदा की बड़ाई करता हुआ लौटा; और मुँह के बल ईसा के पाँव पर गिरकर उसका शुक्र करने लगा; और वो सामरी था। ईसा ने जवाब में कहा, "क्या दसों पाक साफ़ न हुए; फिर वो नौ कहाँ है? क्या इस परदेसी के सिवा और न निकले जो लौटकर ख़ुदा की बड़ाई करते?" फिर उससे कहा, "उठ कर चला जा! तेरे ईमान ने तुझे अच्छा किया है।"
मैं जब कभी तुम्हें याद करता हूँ, तो अपने ख़ुदा का शुक्र बजा लाता हूँ;