Ajuda ao próximo
Ajudar o próximo é mandamento de Deus e expressão prática da fé. A Bíblia ensina que a fé sem obras é morta — e que servir ao menor dos irmãos é servir a Cristo.
क्योंकि मैं भूखा था और तुमने मुझे खाने को दिया, मैं प्यासा था और तुमने मुझे पानी पिलाया, मैं परदेशी था और तुमने मुझे घर में बुलाया, मैं निर्वस्त्र था और तुमने मुझे वस्त्र पहनाए, मैं बीमार था और तुमने मेरी सुधि ली, मैं बंदीगृह में था और तुम मुझसे मिलने आए।’ तब धर्मी उससे कहेंगे, ‘हे प्रभु, हमने कब तुझे भूखा देखा और खिलाया, या प्यासा देखा और पानी पिलाया, और कब तुझे परदेशी देखा और घर में बुलाया, या निर्वस्त्र देखा और वस्त्र पहनाए, और कब हमने तुझे बीमार या बंदीगृह में देखा और तुझसे मिलने आए?’ तब राजा उन्हें उत्तर देगा, ‘मैं तुमसे सच कहता हूँ, तुमने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे साथ किया।’
जो तुझसे माँगे, उसे दे, और जो तुझसे उधार लेना चाहे, उससे मुँह न फेर।
उसी प्रकार अपनी ज्योति को मनुष्यों के सामने चमकने दो ताकि वे तुम्हारे भले कार्यों को देखकर तुम्हारे पिता की जो स्वर्ग में है, महिमा करें।
दो, तो तुम्हें दिया जाएगा; लोग अच्छे नाप से दबा दबाकर और हिला हिलाकर उमड़ता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे; क्योंकि जिस नाप से तुम नापते हो उसी से तुम्हारे लिए भी नापा जाएगा।"
तब लोग उससे पूछने लगे, "तो हम क्या करें?" उसने उन्हें उत्तर दिया, "जिसके पास दो कुरते हों वह उसके साथ बाँट ले जिसके पास नहीं है, और जिसके पास भोजन हो वह भी ऐसा ही करे।"
अपनी संपत्ति बेचकर दान कर दो; और अपने लिए ऐसे बटुए बनाओ जो पुराने नहीं होते, अर्थात् स्वर्ग में समाप्त न होनेवाला धन इकट्ठा करो, जिसके निकट न तो चोर आता है और न कीड़ा नष्ट करता है। क्योंकि जहाँ तुम्हारा धन है, वहाँ तुम्हारा मन भी होगा।
मेरी आज्ञा यह है कि जैसे मैंने तुमसे प्रेम रखा वैसे ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो।
इससे बड़ा प्रेम कोई नहीं कि कोई अपने मित्रों के लिए अपना प्राण दे।
मैंने तुम्हें सब बातों में दिखाया कि इसी प्रकार परिश्रम करके निर्बलों को संभालना, और प्रभु यीशु के उन वचनों को स्मरण रखना अवश्य है, जो उसने स्वयं कहे :‘लेने से देना धन्य है।’ "
ये बातें कहकर उसने अपने घुटने टेके और उन सब के साथ प्रार्थना की। तब वे सब बहुत रोए और पौलुस को गले लगाकर उसे चूमने लगे। वे विशेषकर इस बात से शोकित थे, जो उसने कही थी कि तुम मेरा मुँह फिर न देखोगे। तब उन्होंने उसे जहाज़ तक पहुँचाया।
पवित्र लोगों की आवश्यकताओं में सहायता करो, अतिथि-सत्कार में लगे रहो।
अब हम बलवानों को चाहिए कि निर्बलों की निर्बलताओं को सहें, न कि अपने आपको प्रसन्न करें।
एक दूसरे का बोझ उठाओ और इस प्रकार तुम मसीह की व्यवस्था को पूर्ण करोगे।
चोरी करनेवाला अब चोरी न करे, बल्कि कोई अच्छा कार्य करने के लिए अपने हाथों से परिश्रम करे ताकि आवश्यकता में पड़े हुए को देने के लिए उसके पास कुछ हो।
प्रत्येक व्यक्ति अपने हित का ही नहीं, बल्कि दूसरों के हित का भी ध्यान रखे।
हे मेरे भाइयो, यदि कोई कहे कि उसे विश्वास है, परंतु कार्य न करे तो इससे क्या लाभ? क्या ऐसा विश्वास उसका उद्धार कर सकता है? यदि किसी भाई या बहन के पास वस्त्र न हों और उसके पास प्रतिदिन के भोजन की भी कमी हो, और तुममें से कोई उनसे कहे, "कुशल से जाओ, गर्म और तृप्त रहो," परंतु तुम उन्हें वे वस्तुएँ न दो जो उनकी देह के लिए आवश्यक हैं, तो इससे क्या लाभ? इसी प्रकार विश्वास भी, यदि उसके साथ कार्य न हों तो अपने आपमें मरा हुआ है।
परंतु जिसके पास सांसारिक धन-संपत्ति है और अपने भाई को आवश्यकता में देखकर उसके प्रति अपना हृदय कठोर कर लेता है, तो परमेश्वर का प्रेम उसमें कैसे बना रहेगा?
जो कंगाल पर तरस खाता है,
वह यहोवा को उधार देता है;
और यहोवा उसे उसके भले कार्य का प्रतिफल देगा।