Ajuda
Deus é nosso auxílio e socorro em todo tempo. Ele não dorme nem cochila. O Senhor é nosso ajudador — não precisamos temer o que o homem possa nos fazer.
मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है,
जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।
परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है,
संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायकसंकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक: यहाँ सहायक अर्थात्, सहयोग एवं सहकारिता। संकट: अर्थात् तनाव और दुःख देनेवाली सब परिस्थितियाँ। ।
देखो, परमेश्वर मेरा सहायक है;
प्रभु मेरे प्राण को सम्भालनेवाला है।
धर्मियों की मुक्ति यहोवा की
ओर से होती है;
संकट के समय वह उनका दृढ़ गढ़ है।
यहोवा उनकी सहायता करके उनको बचाता है;
वह उनको दुष्टों से छुड़ाकर उनका उद्धार करता है,
इसलिए कि उन्होंने उसमें अपनी शरण ली है।
हे यहोवा, हे मेरे उद्धारकर्ता,
मेरी सहायता के लिये फुर्ती कर!
हे हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर, अपने नाम की महिमा के निमित्त हमारी सहायता कर;
और अपने नाम के निमित्त हमको छुड़ाकर हमारे पापों को ढाँप दे।
यहोवा धन्य है;
क्योंकि उसने मेरी गिड़गिड़ाहट को सुना है।
यहोवा मेरा बल और मेरी ढाल है;
उस पर भरोसा रखने से मेरे मन को सहायता मिली है;
इसलिए मेरा हृदय प्रफुल्लित है;
और मैं गीत गाकर उसका धन्यवाद करूँगा।
यदि यहोवा मेरा सहायक न होता,
तो क्षण भर में मुझे चुपचाप होकर रहना पड़ता।
क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दाहिना हाथ पकड़कर कहूँगा, "मत डर, मैं तेरी सहायता करूँगा।"
तूने मुझ को अपने उद्धार की ढाल दी है,
और तेरी नम्रता मुझे बढ़ाती है।
"हे सब परिश्रम करनेवालों और बोझ से दबेपरिश्रम करनेवालों और बोझ से दबे: जीवन की चिंताओं, पापों या धार्मिक संस्कारों की अनिवार्यता के कारण थके-हारे हुए। लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूँगा।
और मैं पिता से विनती करूँगामैं पिता से विनती करूँगा: यह उनकी मृत्यु और स्वर्ग में उठा लिए जाने के बाद उनके द्वारा मध्यस्थता करने को संदर्भित करता है, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे।
इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये विनती करता है। और मनों का जाँचनेवाला जानता है, कि पवित्र आत्मा की मनसा क्या है? क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार विनती करता है।
तू अपनी समझ का सहारा न लेना,
वरन् सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखनायहोवा पर भरोसा रखना: परमेश्वर की इच्छा में भरोसा रखना- सच्ची महानता का रहस्य अपनी सब चिन्ताओं, योजनाओं तथा भय से उभरना है। हम अपने स्वयं को अपना भाग्य विधाता समझते है तो अपनी ही समझ का सहारा लेते है। ।
उसी को स्मरण करके सब काम करना,
तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है।