Amor próprio
O amor próprio saudável reconhece o valor que Deus nos deu. Fomos criados à imagem de Deus, maravilhosamente formados. Aceitar-se é honrar o Criador.
पर तुमू एक त्योन्या होया वंश राज पदधारी पुजारा क समाज, आरू चुखलो मानसे आरू यहोवा–भगवान कि नीच प्रजा होय, अतरान करीन कि जो तुमूक आंधारला मा छे आपसी घण मोटो दिवा मा बुलाया छे, ओका गुण प्रगट करू।
काय दुय पयसिया क पाच चिल्ला नी वेचाये? तोभी यहोवा–भगवान ओका छे एक क भी नी भुलता। तुमरे मुनका क सब झोठा भी गीन्या हुया छे, अतरान करीन घाबराय नी, तुमू बैस चिल्ला छे मोटो होय।
काहकि हाव उको फुकट दया कारण जो मोखे मिवी छे, तुमू मा रईन हर एक से कयतु छे, कि जोसो समझनु जुवतो, उको बढ़िन कोय भी आपने आपसु मा नी समझे; पुन यहोवा–भगवान हर एक भुरसान परिणामन लारे वाट देदो छे, तोसलीज सुबुध्दि क साथे आपनु काजे समझे।