Autocontrole
O autocontrole é fruto do Espírito e virtude indispensável. A graça de Deus nos ensina a renunciar à impiedade e a viver com sobriedade, domínio próprio e piedade no mundo presente.
Fruto e virtude
O domínio próprio é fruto do Espírito. Acrescentai ao conhecimento o autocontrole. A disciplina interior produz maturidade.
पर आत्मा को फल प्रेम, खुसी, सान्ति, सबर, किरपा, भलाई, भरोसा, भोलो पन नमरता, अऊर संयम हैं असा-असा काम हुन को बदला विरोध म कोई भी नेम नी हाय।
एको लाने तुम सब तरीका को कोसिस कर ख अपनो विस्वास पर सद्गुन, अर सद्गुन पर समझ, अर समझ पर सहन कि सक्ति, अर सहन कि सक्ति, अर धीरज पर भक्ति, अर भक्ति पर भई चारा कि इच्छा पर प्रेम बढ़ते जा।
काहेकि परमेस्वर कि वा दया परघट हैं, जो सब अदमी हुन को उद्धार को कारन आय, अर हमका जतावा हैं कि हम अभक्ति अर दुनिया की इच्छा से मन ख फेर ख या दुनिया म धीरज अर धरम अऊर नेक पन से जीवन बिताँय;
काहेकि परमेस्वर न हमेय भय की नी पर सक्ति अर प्रेम अर संयम की आत्मा दी हैं।
अदि म अपनी सरीर ख मार कूट अऊर बस म लाऊ हैं, असो नी होय कि उ दूसरा ख प्रचार करन म स्वंय ही कोई रिती से बेकार हो।
सब प्रतियोगी हर बात म संयम रखह हैं। वी मुरझान वालो मुकुट पावन को लाने असो करह हैं, जब कि हम अविनासी मुकुट को लाने।
तुम कई असी परीक्छा म नी पड़ो, जो अदमी ख सहन से बाहर हैं। परमेस्वर विस्वास लायक हैं अऊर उ तुम ख सक्ति से बाहर परीक्छा म नी पड़न दे, पर परीक्छा का संग निकास भी करे कि तुम, सहन सके।
Dominar a si mesmo
Melhor é quem domina o seu espírito do que quem toma uma cidade. A cidade sem muros é quem não tem autocontrole.
अर यू दुनिया को सदस्य नी बन; पर तुमारी मन का नयो हो जानू से तुमारी चाल चलन भी बदलतो जाहे, जे से तुम परमेस्वर कि भली, अर भावती, अर पसंन्द, अर अच्छी परख अनुभव से मालूम कर सका हैं।
अरे मोरा प्यारो भई हुन, या बात तुम जान लेनू; अर हर एक अदमी सुनन को लाने तत्पर अर बोलनो म धीर अर गुस्सा म धीमो हो,
काहेकि हमारो यू मल्लयुध्द सरीर से या खून अर मांस से नी पर प्रधानता हुन से अर अधिकारी हुन से, अर यू दुनिया ख अन्धकार को हाकिमो से अऊर उ दुराचारी कि आत्मिक सेना से हैं जो बादल स्वर्ग म हैं।
एकोलाने हम दुसरा को समान सोते नी रैय पर जगते अर भागते सोते रहे।
खुद को बारे म सतर ख रहनो, कि जो मेहनत हम न करी हैं ओखा तुम गमा मत देनो, पर ओको पुरो फल पाव।