Bem
Fazer o bem é mandamento de Deus e expressão prática do amor cristão. A Bíblia convida a praticar o bem a todos, com alegria, sem se cansar — porque colheremos no tempo próprio.
वह बुराई से मुँह फेरकर नेक काम करे, सुलह-सलामती का तालिब होकर उसके पीछे लगा रहे।
रब पर भरोसा रखकर भलाई कर, मुल्क में रहकर वफ़ादारी की परवरिश कर।
लेकिन मेरा पूरा ईमान यह है कि मैं ज़िंदों के मुल्क में रहकर रब की भलाई देखूँगा।
ऐ रब, अपना वह रहम और मेहरबानी याद कर जो तू क़दीम ज़माने से करता आया है।
ऐ रब, मेरी जवानी के गुनाहों और मेरी बेवफ़ा हरकतों को याद न कर बल्कि अपनी भलाई की ख़ातिर और अपनी शफ़क़त के मुताबिक़ मेरा ख़याल रख।
रब अपनी तमाम राहों में रास्त और अपने तमाम कामों में वफ़ादार है।
तब तुझे रास्ती, इनसाफ़, दियानतदारी और हर अच्छी राह की समझ आएगी।
इनसान का लालच उस की रुसवाई का बाइस है, और ग़रीब दरोग़गो से बेहतर है।
रूहुल-क़ुद्स का फल फ़रक़ है। वह मुहब्बत, ख़ुशी, सुलह-सलामती, सब्र, मेहरबानी, नेकी, वफ़ादारी, नरमी और ज़ब्ते-नफ़स पैदा करता है। शरीअत ऐसी चीज़ों के ख़िलाफ़ नहीं होती।
इसलिए आएँ, जितना वक़्त रह गया है सबके साथ नेकी करें, ख़ासकर उनके साथ जो ईमान में हमारे भाई और बहनें हैं।
कोई भी बुरी बात आपके मुँह से न निकले बल्कि सिर्फ़ ऐसी बातें जो दूसरों की ज़रूरियात के मुताबिक़ उनकी तामीर करें। यों सुननेवालों को बरकत मिलेगी।
एक दूसरे पर मेहरबान और रहमदिल हों और एक दूसरे को यों मुआफ़ करें जिस तरह अल्लाह ने आपको भी मसीह में मुआफ़ कर दिया है।
आपकी मुहब्बत महज़ दिखावे की न हो। जो कुछ बुरा है उससे नफ़रत करें और जो कुछ अच्छा है उसके साथ लिपटे रहें।
अपने पर बुराई को ग़ालिब न आने दें बल्कि भलाई से आप बुराई पर ग़ालिब आएँ।
दूसरों के ज़मीर का लिहाज़ करना
सब कुछ रवा तो है, लेकिन सब कुछ मुफ़ीद नहीं। सब कुछ जायज़ तो है, लेकिन सब कुछ हमारी तामीरो-तरक़्क़ी का बाइस नहीं होता।
फ़रेब न खाएँ, बुरी सोहबत अच्छी आदतों को बिगाड़ देती है।
और अल्लाह इस क़ाबिल है कि आपको आपकी ज़रूरियात से कहीं ज़्यादा दे। फिर आपके पास हर वक़्त और हर लिहाज़ से काफ़ी होगा बल्कि इतना ज़्यादा कि आप हर क़िस्म का नेक काम कर सकेंगे।
इसी तरह मैं चाहता हूँ कि ख़वातीन मुनासिब कपड़े पहनकर शराफ़त और शायस्तगी से अपने आपको आरास्ता करें। वह गुंधे हुए बाल, सोना, मोती या हद से ज़्यादा महँगे कपड़ों से अपने आपको आरास्ता न करें बल्कि नेक कामों से। क्योंकि यही ऐसी ख़वातीन के लिए मुनासिब है जो ख़ुदातरस होने का दावा करती हैं।
क्योंकि मसीह ने हमारे लिए अपनी जान दे दी ताकि फ़िद्या देकर हमें हर तरह की बेदीनी से छुड़ाकर अपने लिए एक पाक और मख़सूस क़ौम बनाए जो नेक काम करने में सरगरम हो।
यह सब कुछ पेशे-नज़र रखकर पूरी लग्न से कोशिश करें कि आपके ईमान से अख़लाक़ पैदा हो जाए, अख़लाक़ से इल्म, इल्म से ज़ब्ते-नफ़स, ज़ब्ते-नफ़स से साबितक़दमी, साबितक़दमी से ख़ुदातरस ज़िंदगी, ख़ुदातरस ज़िंदगी से बरादराना शफ़क़त और बरादराना शफ़क़त से सबके लिए मुहब्बत।
अगर आप नेक काम करने में सरगरम हों तो कौन आपको नुक़सान पहुँचाएगा?
सहीह रास्ते की तलाश में रहो
रब फ़रमाता है, "रास्तों के पास खड़े होकर उनका मुआयना करो! क़दीम राहों की तफ़तीश करके पता करो कि उनमें से कौन-सी अच्छी है, फिर उस पर चलो। तब तुम्हारी जान को सुकून मिलेगा। लेकिन अफ़सोस, तुम इनकार करके कहते हो, नहीं, हम यह राह इख़्तियार नहीं करेंगे!
रब मेहरबान है। मुसीबत के दिन वह मज़बूत क़िला है, और जो उसमें पनाह लेते हैं उन्हें वह जानता है।
जब कोई चराग़ जलाता है तो वह उसे बरतन के नीचे नहीं रखता बल्कि शमादान पर रख देता है जहाँ से वह घर के तमाम अफ़राद को रौशनी देता है। इसी तरह तुम्हारी रौशनी भी लोगों के सामने चमके ताकि वह तुम्हारे नेक काम देखकर तुम्हारे आसमानी बाप को जलाल दें।
लाज़िम है कि तुम रहमदिल हो क्योंकि तुम्हारा बाप भी रहमदिल है।