Bom ânimo
Tende bom ânimo! Jesus repetiu estas palavras aos seus discípulos em meio às tempestades. No mundo tereis aflições, mas Ele já venceu o mundo — e nos dá coragem para enfrentar tudo.
"मह तमन ल य बत एकरसत कहव तक तमन ल मर म सत मलय। य ससर म तमन तकलफ पह। पर हममत रखव! मह ससर ऊपर जय पय हवव।"
क मह तल हकम नइ द हवव? मजबत अऊ सहस बन। झन डरब: नरस झन हब, कबरक जह घल तह जब, यहव तर परमसर ह तर सग रहह।"
तब यहस ह ओमन ल कहस, "झन डरव; नरस झन हवव। मजबत अऊ सहस बनव। कबरक यहव ह तमहर जमम ओ बईरमन क सग अइसनच करह, जमन ल तमन लडनवल हव।"
झन डर, कबरक म तर सग हवव;
भयभत झन ह, कबरक म तर परमसर अव।
म तल मजबत करह अऊ तर मदद करह;
अपन धरम जवन हथ ल म तल सभल रहह।
कबरक परमसर ह हमन ल डर क आतम नइ, पर ओह समरथ, मय अऊ सयम बरत क आतम द हवय।
जऊन ह मल तकत दथ, ओकर जरय, मह हर चज ल कर सकथव।
ह यहव ऊपर आस रखइय जमम मनखमन,
मजबत बनव अऊ धरज धर रहव।
जब मह तल पकरव, त तह मर परथन क उततर दय;
तह मल बहत हममत द हस।
यहव ह मर अजर अऊ मर उदधर अय—
त मह ककर ल डरह?
यहव ह मर जनग क मजबत कल अय—
त ककर ल मह भय खह?
तब यस ह तरत ओमन ल कहस, "हममत रखव। यह म अव। झन डरव।"
कबरक जमम चलमन ओल दखक डर ग रहय।
यस ह तरत ओमन ल गठयईस अऊ कहस, "हममत रखव, मह अव, झन डरव।"
तब यस ह ओल कहस, "बट, तर बसवस ह तल ठक कर हवय। सत म ज।"
एकरसत, हमन हमस भरस करथन अऊ जनथन क जब तक हमन य दह क घर म रहथन, तब तक हमन परभ ल दरह हवन।
सतव महन क तईसव दन म, सलमन ह ओ मनखमन ल ओमन क घर भजस; यहव ह जऊन भलई क कम दऊद अऊ सलमन अऊ अपन इसरयल मनखमन बर कर रहस, ओकर बर ओमन आनदत अऊ मगन हक लहट गन।
"मजबत अऊ सहस बनव। अससर क रज अऊ ओकर बड सन क करन झन डरव अऊ हतस झन हवव, कबरक ओकर ल बड तकत हमर सग हवय।
यद बपतत क बर तह लडखडथस,
त तर सकत बहत कम हवय!
एकरसत, ह मनखमन ह, हममत करव, कबरक मल परमसर ऊपर बसवस हवय क जइसन ओह मल कह हवय, वइसनच हह।
अऊ मल य बत क भरस हवय क जऊन ह तमन म य बन कम सर कर हवय, ओह यल मसह यस क आय क दन तक पर करह।
यम तमन बहत आनद मनवव, हलक अब कछ समय बर, तमन ल जमम कसम क परछ क करन दख सह बर पडत हवय।
धरममन क उदधर ह यहव कत ल हथ;
सकट क बर म ओहच ह ओमन क मजबत गढ ए।
तमन ल दख क, मर बहत ईछ हवय तक मह तमहर सग कछ आतमक बरदन बट सकव क तमन बसवस म मजबत हवव। मर कह क मतलब य अय क तमन अऊ म आपस म एक-दसर क बसवस ल उतसहत हवन।
एकरसत, हमन हममत नइ हरन। हलक हमर दह क बल ह धर-धर कमजर हवत जवत हवय, पर आतमक रप ल दन ब दन हमन नव हवत जवत हन।
एकर खतर, एक-दसर ल उतसहत करव अऊ एक-दसर क बढत म मदद करव, जइसन क तमन अभ करत घल हवव।
एकरसत ह भईमन, हमन ल हमर जमम बपत अऊ दख-तकलफ म, तमहर बसवस क करन खस मल हवय,
तब मनखमन जबब दन, "यहव ल तयगक आन दवतमन क सव करई हमन ल दरह क बत हवय! यह यहव हमर परमसर ह अय, जऊन ह हमन अऊ हमर परखमन ल मसर दस ल, ओ गलम क दस ल नकल लनस, अऊ हमर दखत म बड-बड अचरज क कम करस, अऊ जऊन डहर म अऊ जतक जत क मनखमन क बच म ल हवत हमन आयन, ओ जमम बत म ओह हमर रकछ करस।
कबरक तमहर बर मर जऊन यजन हवय, ओल मह जनत हव," यहव ह घसन करत ह, "तमहर नकसन कर क नइ पर तमहर उननत क यजन, तमन ल आस अऊ एक भवसय दय क यजन।