O que é bom
O que é bom vem de Deus. A Bíblia celebra a bondade divina e nos convida a discernir, praticar e desfrutar tudo o que é bom — porque toda boa dádiva vem do Pai das luzes.
और ख़ुदा ने सब पर जो उसने बनाया था नज़र की, और देखा कि बहुत अच्छा है, और शाम हुई और सुबह हुई तब छठा दिन हुआ।
ख़ुदावन्द नेक और रास्त है;
इसलिए वह गुनहगारों को राह — ए — हक़ की ता’लीम देगा।
लेकिन मेरे लिए यही भला है कि ख़ुदा की नज़दीकी हासिल करूँ;
मैंने ख़ुदावन्द ख़ुदा को अपनी पनाहगाह बना लिया है
ताकि तेरे सब कामों का बयान करूँ।
क्या ही भला है, ख़ुदावन्द का शुक्र करना,
और तेरे नाम की मदहसराई करना; ऐ हक़ ता’ला!
सुबह को तेरी शफ़क़त का इज़्हार करना,
और रात को तेरी वफ़ादारी का,
दस तार वाले साज़ और बर्बत पर,
और सितार पर गूंजती आवाज़ के साथ।
क्यूँकि ख़ुदावन्द भला है, उसकी शफ़क़त हमेशा की है,
और उसकी वफ़ादारी नसल दर नसल रहती है।
देखो! कैसी अच्छी और खु़शी की बात है,
कि भाई एक साथ मिलकर रहें!
क्यूँकि मैं तुम को अच्छी तल्क़ीन करता तुम मेरी ता’लीम को न छोड़ना।
आदमी अपने मुँह के जवाब से ख़ुश होता है,
और बामौक़ा' बात क्या खू़ब है।
ऐ मेरे बेटे, तू शहद खा, क्यूँकि वह अच्छा है,
और शहद का छत्ता भी क्यूँकि वह तुझे मीठा लगता है।
हिकमत भी तेरी जान के लिए ऐसी ही होगी;
अगर वह तुझे मिल जाए तो तेरे लिए बदला होगा,
और तेरी उम्मीद नहीं टूटेगी।
हिकमत खू़बी में मीरास के बराबर है,
और उनके लिए जो सूरज को देखते हैं ज़्यादा सूदमन्द है।
ख़ुदावन्द उन पर महरबान है, जो उसके मुन्तज़िर हैं; उस जान पर जो उसकी तालिब है।
ये खू़ब है कि आदमी उम्मीदवार रहे और ख़ामोशी से ख़ुदावन्द की नजात का इन्तिज़ार करे।
ऐ इंसान, उसने तुझ पर नेकी ज़ाहिर कर दी है; ख़ुदावन्द तुझ से इसके सिवा क्या चाहता है कि तू इन्साफ़ करे और रहमदिली को 'अज़ीज़ रख्खे, और अपने ख़ुदा के सामने फ़रोतनी से चले?
पस शरी’अत पाक है और हुक्म भी पाक और रास्ता भी अच्छा है।
और इस जहान के हमशक्ल न बनो बल्कि अक़्ल नई हो जाने से अपनी सूरत बदलते जाओ ताकि ख़ुदा की नेक और पसन्दीदा और कामिल मर्ज़ी को तजुर्बा से मा’लूम करते रहो।
पस तुम्हारी नेकी की बदनामी न हो।
पस मैं सबसे पहले ये नसीहत करता हूँ, कि मुनाजातें, और दू’आएँ और, इल्तिजाएँ और शुक्र्गुज़ारियाँ सब आदमियों के लिए की जाएँ, बादशाहों और सब बड़े मरतबे वालों के वास्ते इसलिए कि हम कमाल दीनदारी और सन्जीदगी से चैन सुकून के साथ ज़िन्दगी गुजारें। ये हमारे मुन्जी ख़ुदा के नज़दीक 'उम्दा और पसन्दीदा है।
क्यूँकि ख़ुदा की पैदा की हुई हर चीज़ अच्छी है, और कोई चीज़ इनकार के लायक़ नहीं; बशर्ते कि शुक्रगुज़ारी के साथ खाई जाए, इसलिए कि ख़ुदा के कलाम और दुआ से पाक हो जाती है।
हर अच्छी बख़्शिश और कामिल इनाम ऊपर से है और नूरों के बाप की तरफ़ से मिलता है जिस में न कोई तब्दीली हो सकती है और न गरदिश के वजह से उस पर साया पड़ता है।
नमक अच्छा है लेकिन अगर नमक की नमकीनी जाती रहे तो उसको किस चीज़ से मज़ेदार करोगे? अपने में नमक रख्खो और एक दूसरे के साथ मेल मिलाप से रहो।"