O que é bom
O que é bom vem de Deus. A Bíblia celebra a bondade divina e nos convida a discernir, praticar e desfrutar tudo o que é bom — porque toda boa dádiva vem do Pai das luzes.
अल्लाह ने सब पर नज़र की तो देखा कि वह बहुत अच्छा बन गया है। शाम हुई, फिर सुबह। छटा दिन गुज़र गया।
रब भला और आदिल है, इसलिए वह गुनाहगारों को सहीह राह पर चलने की तलक़ीन करता है।
लेकिन मेरे लिए अल्लाह की क़ुरबत सब कुछ है। मैंने रब क़ादिरे-मुतलक़ को अपनी पनाहगाह बनाया है, और मैं लोगों को तेरे तमाम काम सुनाऊँगा।
अल्लाह की सताइश करने की ख़ुशी
ज़बूर। सबत के लिए गीत।
रब का शुक्र करना भला है। ऐ अल्लाह तआला, तेरे नाम की मद्हसराई करना भला है।
सुबह को तेरी शफ़क़त और रात को तेरी वफ़ा का एलान करना भला है,
ख़ासकर जब साथ साथ दस तारोंवाला साज़, सितार और सरोद बजते हैं।
क्योंकि रब भला है। उस की शफ़क़त अबदी है, और उस की वफ़ादारी पुश्त-दर-पुश्त क़ायम है।
भाइयों की यगांगत की बरकत
दाऊद का ज़बूर। ज़ियारत का गीत।
जब भाई मिलकर और यगांगत से रहते हैं यह कितना अच्छा और प्यारा है।
मैं तुम्हें अच्छी तालीम देता हूँ, इसलिए मेरी हिदायत को तर्क न करो।
इनसान मौज़ूँ जवाब देने से ख़ुश हो जाता है, वक़्त पर मुनासिब बात कितनी अच्छी होती है।
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मेरे बेटे, शहद खा क्योंकि वह अच्छा है, छत्ते का ख़ालिस शहद मीठा है। जान ले कि हिकमत इसी तरह तेरी जान के लिए मीठी है। अगर तू उसे पाए तो तेरी उम्मीद जाती नहीं रहेगी बल्कि तेरा मुस्तक़बिल अच्छा होगा।
अगर हिकमत के अलावा मीरास में मिलकियत भी मिल जाए तो यह अच्छी बात है, यह उनके लिए सूदमंद है जो सूरज देखते हैं।
क्योंकि रब उन पर मेहरबान है जो उस पर उम्मीद रखकर उसके तालिब रहते हैं।
चुनाँचे अच्छा है कि हम ख़ामोशी से रब की नजात के इंतज़ार में रहें।
ऐ इनसान, उसने तुझे साफ़ बताया है कि क्या कुछ अच्छा है। रब तुझसे चाहता है कि तू इनसाफ़ क़ायम रखे, मेहरबानी करने में लगा रहे और फ़रोतनी से अपने ख़ुदा के हुज़ूर चलता रहे।
लेकिन शरीअत ख़ुद मुक़द्दस है और इसके अहकाम मुक़द्दस, रास्त और अच्छे हैं।
इस दुनिया के साँचे में न ढल जाएँ बल्कि अल्लाह को आपकी सोच की तजदीद करने दें ताकि आप वह शक्लो-सूरत अपना सकें जो उसे पसंद है। फिर आप अल्लाह की मरज़ी को पहचान सकेंगे, वह कुछ जो अच्छा, पसंदीदा और कामिल है।
ऐसा न हो कि लोग उस अच्छी चीज़ पर कुफ़र बकें जो आपको मिल गई है।
जमात की परस्तिश
पहले मैं इस पर ज़ोर देना चाहता हूँ कि आप सबके लिए दरख़ास्तें, दुआएँ, सिफारिशें और शुक्रगुज़ारियाँ पेश करें, बादशाहों और इख़्तियारवालों के लिए भी ताकि हम आराम और सुकून से ख़ुदातरस और शरीफ़ ज़िंदगी गुज़ार सकें। यह अच्छा और हमारे नजातदहिंदा अल्लाह को पसंदीदा है।
जो कुछ भी अल्लाह ने ख़लक़ किया है वह अच्छा है, और हमें उसे रद्द नहीं करना चाहिए बल्कि ख़ुदा का शुक्र करके उसे खा लेना चाहिए। क्योंकि उसे अल्लाह के कलाम और दुआ से मख़सूसो-मुक़द्दस किया गया है।
हर अच्छी नेमत और हर अच्छा तोह्फ़ा आसमान से नाज़िल होता है, नूरों के बाप से, जिसमें न कभी तबदीली आती है, न बदलते हुए सायों की-सी हालत पाई जाती है।
नमक अच्छी चीज़ है। लेकिन अगर उसका ज़ायक़ा जाता रहे तो उसे क्योंकर दुबारा नमकीन किया जा सकता है? अपने दरमियान नमक की खूबियाँ बरक़रार रखो और सुलह-सलामती से एक दूसरे के साथ ज़िंदगी गुज़ारो।"