Casamento
O casamento é aliança sagrada instituída por Deus. Ele une marido e mulher em uma só carne — pacto de amor, fidelidade e companheirismo que reflete o amor de Cristo pela Igreja.
Fundamento divino
Não é bom que o homem esteja só. Deus criou o casamento como aliança de companheirismo, amor e fecundidade.
फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, "आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं; मैं उसके लिए एक उपयुक्त सहायक बनाऊँगा।"
अत: यहोवा परमेश्वर ने आदम को गहरी नींद में डाल दिया, और जब वह सो गया तो उसने उसकी एक पसली निकाली और उसकी जगह मांस भर दिया। तब यहोवा परमेश्वर ने उस पसली से जो उसने आदम में से निकाली थी, एक स्त्री की रचना की; और उसे आदम के पास ले आया। तब आदम ने कहा, "यह तो मेरी हड्डियों में से निकली हड्डी, और मेरे मांस में से निकला मांस है; अतः यह नारी कहलाएगी, क्योंकि यह नर में से निकाली गई है।"
इस कारण पुरुष अपने पिता और अपनी माता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे।
इस कारण पुरुष अपने पिता और अपनी माता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे। आदम और उसकी पत्नी दोनों नग्न थे, पर लजाते नहीं थे।
इस कारण पुरुष अपने पिता और अपनी माता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे।
तब यहोवा परमेश्वर ने उस पसली से जो उसने आदम में से निकाली थी, एक स्त्री की रचना की; और उसे आदम के पास ले आया। तब आदम ने कहा, "यह तो मेरी हड्डियों में से निकली हड्डी, और मेरे मांस में से निकला मांस है; अतः यह नारी कहलाएगी, क्योंकि यह नर में से निकाली गई है।"
इस कारण पुरुष अपने पिता और अपनी माता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे।
फिर परमेश्वर ने कहा, "आओ हम मनुष्य को अपने स्वरूप और अपनी समानता में बनाएँ; और वे समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और घरेलू पशुओं, और सारी पृथ्वी पर, और सब रेंगनेवाले जंतुओं पर जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, अधिकार रखें।" तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप में रचा; अपने ही स्वरूप में परमेश्वर ने उसे रचा; उसने उन्हें नर और नारी के रूप में रचा। और परमेश्वर ने उन्हें आशिष दी, और उनसे कहा, "फूलो-फलो और पृथ्वी में भर जाओ, और उसे अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर चलने-फिरनेवाले सब जीव-जंतुओं पर तुम्हारा अधिकार हो।"
जब आदम अपनी पत्नी हव्वा के पास गया तो हव्वा ने गर्भवती होकर कैन को जन्म दिया, और कहा, "मुझे यहोवा की ओर से एक बालक मिला है।"
आदम फिर अपनी पत्नी के पास गया, और उसने एक पुत्र को जन्म दिया और यह कहकर उसका नाम शेत रखा, "परमेश्वर ने हाबिल के बदले जिसे कैन ने मार डाला था, मुझे एक और पुत्र दिया है।"
Fidelidade conjugal
O que Deus ajuntou não separe o homem. O casamento deve ser honrado e o leito matrimonial preservado sem impureza.
अतः अब वे दो नहीं बल्कि एक तन हैं। इसलिए जिसे परमेश्वर ने एक साथ जोड़ा है, उसे मनुष्य अलग न करे।"
इस पर उसने कहा,"क्या तुमने नहीं पढ़ा कि सृष्टिकर्ता ने आरंभ से उन्हें नर और नारी बनाया और कहा :इस कारण पुरुष अपने पिता और अपनी माता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे। अतः अब वे दो नहीं बल्कि एक तन हैं। इसलिए जिसे परमेश्वर ने एक साथ जोड़ा है, उसे मनुष्य अलग न करे।"
और कहा :इस कारण पुरुष अपने पिता और अपनी माता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे। अतः अब वे दो नहीं बल्कि एक तन हैं। इसलिए जिसे परमेश्वर ने एक साथ जोड़ा है, उसे मनुष्य अलग न करे।"
"यह कहा गया था : जो कोई अपनी पत्नी को तलाक देना चाहे, वह उसे त्याग-पत्र दे। परंतु मैं तुमसे कहता हूँ कि जो कोई व्यभिचार को छोड़ किसी और कारण से अपनी पत्नी को तलाक देता है, वह उससे व्यभिचार करवाता है, और यदि कोई त्यागी हुई स्त्री से विवाह करता है, वह व्यभिचार करता है।
"तुमने सुना है कि यह कहा गया था : तू व्यभिचार न करना। परंतु मैं तुमसे कहता हूँ कि जो कोई किसी स्त्री को कामुकता से देखता है, वह अपने मन में उससे व्यभिचार कर चुका।
उन्होंने कहा, "मूसा ने त्याग-पत्र लिखकर तलाक देने की अनुमति दी है।"
तब यीशु ने उनसे कहा,"यह आज्ञा उसने तुम्हारे मन की कठोरता के कारण तुम्हारे लिए लिखी। परंतु परमेश्वर ने सृष्टि के आरंभ से ही उन्हें नर और नारी बनाया। इस कारण पुरुष अपने पिता और माता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे। अतः अब वे दो नहीं बल्कि एक तन हैं। इसलिए जिसे परमेश्वर ने एक साथ जोड़ा है उसे कोई मनुष्य अलग न करे।"
और पत्नी भी यदि अपने पति को छोड़कर दूसरे से विवाह करती है तो वह व्यभिचार करती है।"
विवाह सब में आदर की बात समझी जाए, और विवाह-शय्या निष्कलंक रहे; क्योंकि परमेश्वर व्यभिचारियों और परस्त्रीगामियों को दंड देगा।
विवाह सब में आदर की बात समझी जाए, और विवाह-शय्या निष्कलंक रहे; क्योंकि परमेश्वर व्यभिचारियों और परस्त्रीगामियों को दंड देगा।
विवाह सब में आदर की बात समझी जाए, और विवाह-शय्या निष्कलंक रहे; क्योंकि परमेश्वर व्यभिचारियों और परस्त्रीगामियों को दंड देगा।
Amor como Cristo
Maridos, amai vossas mulheres como Cristo amou a igreja. O amor conjugal reflete o evangelho em ação.
हे पतियो, अपनी-अपनी पत्नियों से वैसा ही प्रेम रखो जैसा मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम रखा, और अपने आपको उसके लिए दे दिया कि वह वचन के द्वारा उसे जल के स्नान से शुद्ध करके पवित्र बनाए,
हे पतियो, अपनी-अपनी पत्नियों से वैसा ही प्रेम रखो जैसा मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम रखा, और अपने आपको उसके लिए दे दिया कि वह वचन के द्वारा उसे जल के स्नान से शुद्ध करके पवित्र बनाए, और अपने सामने एक महिमामय कलीसिया के रूप में खड़ी करे, जिसमें न कोई कलंक, न कोई झुर्री और न कोई ऐसी बात हो, बल्कि वह पवित्र और निष्कलंक हो।
हे पतियो, अपनी-अपनी पत्नियों से वैसा ही प्रेम रखो जैसा मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम रखा, और अपने आपको उसके लिए दे दिया कि वह वचन के द्वारा उसे जल के स्नान से शुद्ध करके पवित्र बनाए, और अपने सामने एक महिमामय कलीसिया के रूप में खड़ी करे, जिसमें न कोई कलंक, न कोई झुर्री और न कोई ऐसी बात हो, बल्कि वह पवित्र और निष्कलंक हो। इसी प्रकार पतियों को भी चाहिए कि वे अपनी-अपनी पत्नी से अपनी देह के समान प्रेम रखें। जो अपनी पत्नी से प्रेम रखता है वह स्वयं से प्रेम रखता है; क्योंकि कोई अपनी देह से घृणा नहीं करता, बल्कि उसका पालन-पोषण करता है, जैसे मसीह भी कलीसिया के साथ करता है, क्योंकि हम उसकी देह के अंग हैं।
इसी प्रकार पतियों को भी चाहिए कि वे अपनी-अपनी पत्नी से अपनी देह के समान प्रेम रखें। जो अपनी पत्नी से प्रेम रखता है वह स्वयं से प्रेम रखता है;
इसी प्रकार पतियों को भी चाहिए कि वे अपनी-अपनी पत्नी से अपनी देह के समान प्रेम रखें। जो अपनी पत्नी से प्रेम रखता है वह स्वयं से प्रेम रखता है; क्योंकि कोई अपनी देह से घृणा नहीं करता, बल्कि उसका पालन-पोषण करता है, जैसे मसीह भी कलीसिया के साथ करता है, क्योंकि हम उसकी देह के अंग हैं।
हे पत्नियो, अपने-अपने पति के वैसे ही अधीन रहो जैसे प्रभु के; क्योंकि पति पत्नी का सिर है जैसे मसीह कलीसिया का सिर है और स्वयं देह का उद्धारकर्ता भी है। इसलिए जैसे कलीसिया मसीह के अधीन है, वैसे ही पत्नियाँ भी हर बात में अपने-अपने पति के अधीन रहें।
हे पत्नियो, अपने-अपने पति के वैसे ही अधीन रहो जैसे प्रभु के; क्योंकि पति पत्नी का सिर है जैसे मसीह कलीसिया का सिर है और स्वयं देह का उद्धारकर्ता भी है।
हे पत्नियो, अपने-अपने पति के वैसे ही अधीन रहो जैसे प्रभु के; क्योंकि पति पत्नी का सिर है जैसे मसीह कलीसिया का सिर है और स्वयं देह का उद्धारकर्ता भी है। इसलिए जैसे कलीसिया मसीह के अधीन है, वैसे ही पत्नियाँ भी हर बात में अपने-अपने पति के अधीन रहें। हे पतियो, अपनी-अपनी पत्नियों से वैसा ही प्रेम रखो जैसा मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम रखा, और अपने आपको उसके लिए दे दिया कि वह वचन के द्वारा उसे जल के स्नान से शुद्ध करके पवित्र बनाए, और अपने सामने एक महिमामय कलीसिया के रूप में खड़ी करे, जिसमें न कोई कलंक, न कोई झुर्री और न कोई ऐसी बात हो, बल्कि वह पवित्र और निष्कलंक हो। इसी प्रकार पतियों को भी चाहिए कि वे अपनी-अपनी पत्नी से अपनी देह के समान प्रेम रखें। जो अपनी पत्नी से प्रेम रखता है वह स्वयं से प्रेम रखता है; क्योंकि कोई अपनी देह से घृणा नहीं करता, बल्कि उसका पालन-पोषण करता है, जैसे मसीह भी कलीसिया के साथ करता है, क्योंकि हम उसकी देह के अंग हैं। इस कारण पुरुष अपने पिता और अपनी माता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे। यह भेद तो बड़ा है, पर मैं मसीह और कलीसिया के विषय में कह रहा हूँ। अतः तुममें से प्रत्येक अपनी पत्नी से अपने समान प्रेम रखे, और पत्नी भी अपने पति का भय माने।
इस कारण पुरुष अपने पिता और अपनी माता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे।
अतः तुममें से प्रत्येक अपनी पत्नी से अपने समान प्रेम रखे, और पत्नी भी अपने पति का भय माने।
अतः तुममें से प्रत्येक अपनी पत्नी से अपने समान प्रेम रखे, और पत्नी भी अपने पति का भय माने।
जैसा कि पवित्र लोगों के लिए उचित है, तुम्हारे बीच व्यभिचार, किसी भी प्रकार की अशुद्धता या लालच का नाम तक न लिया जाए,
Submissão e respeito
Mulheres, sujeitem-se aos próprios maridos. Maridos, convivam com as esposas com conhecimento e honra.
हे पत्नियो, जैसा प्रभु में उचित है, अपने-अपने पतियों के अधीन रहो। हे पतियो, अपनी-अपनी पत्नियों से प्रेम रखो और उनके प्रति कठोर मत बनो।
और इन सब के ऊपर प्रेम को धारण करो जो सिद्धता का बंधन है। मसीह की शांति तुम्हारे मनों पर राज्य करे जिसके लिए तुम एक देह में बुलाए भी गए हो; और आभारी बने रहो। मसीह का वचन तुममें बहुतायत से वास करे। सारी बुद्धि के साथ तुम एक दूसरे को सिखाते और चेतावनी देते रहो और धन्यवाद के साथ अपने-अपने मनों में परमेश्वर के लिए भजन, स्तुति और आत्मिक गीत गाते रहो। वचन से या कार्य से तुम जो कुछ भी करो, सब प्रभु यीशु के द्वारा परमेश्वर पिता को धन्यवाद देते हुए उसके नाम से करो।
और इन सब के ऊपर प्रेम को धारण करो जो सिद्धता का बंधन है।
इसलिए जो कुछ तुममें सांसारिक है उसे मार डालो, जैसे व्यभिचार, अशुद्धता, कामुकता, बुरी लालसा, तथा लोभ को जो मूर्तिपूजा है।
हे पतियो, तुम भी इसी प्रकार अपनी-अपनी पत्नी के साथ समझदारी से रहो, और उन्हें निर्बल पात्र जानकर और अनुग्रह के जीवन का सह-उत्तराधिकारी समझकर उनका आदर करो, जिससे तुम्हारी प्रार्थनाओं में बाधा न आए।
हे पतियो, तुम भी इसी प्रकार अपनी-अपनी पत्नी के साथ समझदारी से रहो, और उन्हें निर्बल पात्र जानकर और अनुग्रह के जीवन का सह-उत्तराधिकारी समझकर उनका आदर करो, जिससे तुम्हारी प्रार्थनाओं में बाधा न आए।
Pureza no casamento
Não adulterarás. A impureza sexual destrói alianças e famílias. Deus chama à santidade no matrimônio.
"तू व्यभिचार न करना।
"तू किसी के घर का लालच न करना; न तो किसी की स्त्री का लालच करना, और न किसी के दास-दासी या बैल-गधे का, न किसी की वस्तु का लालच करना।"
परंतु व्यभिचार से बचने के लिए प्रत्येक पुरुष की अपनी पत्नी हो, और प्रत्येक स्त्री का अपना पति।
पति अपनी पत्नी के प्रति और इसी प्रकार पत्नी भी अपने पति के प्रति कर्तव्य निभाए। पत्नी को अपनी देह पर अधिकार नहीं, परंतु उसके पति को है। इसी प्रकार पति को भी अपनी देह पर अधिकार नहीं, परंतु उसकी पत्नी को है।
पति अपनी पत्नी के प्रति और इसी प्रकार पत्नी भी अपने पति के प्रति कर्तव्य निभाए। पत्नी को अपनी देह पर अधिकार नहीं, परंतु उसके पति को है। इसी प्रकार पति को भी अपनी देह पर अधिकार नहीं, परंतु उसकी पत्नी को है। एक दूसरे को इससे वंचित न करो; केवल कुछ समय के लिए आपसी सहमति से अलग रहो कि तुम्हें प्रार्थना के लिए अवकाश मिले और फिर एक साथ हो जाओ, कहीं ऐसा न हो कि तुम्हारे असंयम के कारण शैतान तुम्हें परीक्षा में डाल दे।
पति अपनी पत्नी के प्रति और इसी प्रकार पत्नी भी अपने पति के प्रति कर्तव्य निभाए। पत्नी को अपनी देह पर अधिकार नहीं, परंतु उसके पति को है। इसी प्रकार पति को भी अपनी देह पर अधिकार नहीं, परंतु उसकी पत्नी को है। एक दूसरे को इससे वंचित न करो; केवल कुछ समय के लिए आपसी सहमति से अलग रहो कि तुम्हें प्रार्थना के लिए अवकाश मिले और फिर एक साथ हो जाओ, कहीं ऐसा न हो कि तुम्हारे असंयम के कारण शैतान तुम्हें परीक्षा में डाल दे।
परंतु मैं अविवाहितों और विधवाओं से कहता हूँ : यदि वे वैसे ही रहें जैसा मैं हूँ, तो उनके लिए अच्छा है। परंतु यदि उनमें संयम न हो तो वे विवाह कर लें, क्योंकि विवाह करना कामातुर रहने से अच्छा है।
अब जो विवाहित हैं उनको मैं आज्ञा देता हूँ, मैं नहीं बल्कि प्रभु : पत्नी अपने पति से अलग न हो, और यदि वह अलग हो, तो बिना विवाह किए रहे, या अपने पति के साथ फिर से मेल कर ले; और पति भी अपनी पत्नी को न छोड़े।
क्योंकि अविश्वासी पति अपनी पत्नी के कारण पवित्र ठहरता है, और अविश्वासी पत्नी अपने पति के कारण पवित्र ठहरती है; अन्यथा तुम्हारे बच्चे अशुद्ध होते, परंतु वे तो पवित्र हैं।
मैं चाहता हूँ कि तुम चिंतामुक्त रहो। अविवाहित पुरुष प्रभु की बातों की चिंता करता है कि वह प्रभु को कैसे प्रसन्न रखे। परंतु विवाहित पुरुष सांसारिक बातों की चिंता करता है कि वह अपनी पत्नी को कैसे प्रसन्न रखे, और उसका ध्यान बँट जाता है। अविवाहिता या कुँवारी प्रभु की बातों की चिंता करती है, ताकि वह देह और आत्मा दोनों में पवित्र हो। परंतु विवाहिता संसार की बातों की चिंता करती है कि वह अपने पति को कैसे प्रसन्न रखे।
जब तक किसी स्त्री का पति जीवित है तब तक वह उसी से बँधी हुई है; परंतु यदि उसका पति मर जाए तो वह स्वतंत्र है कि जिससे चाहे विवाह कर ले, परंतु केवल प्रभु में।
अब उन बातों के विषय में जो तुमने लिखी हैं : पुरुष के लिए अच्छा यह है कि वह स्त्री को न छुए। परंतु व्यभिचार से बचने के लिए प्रत्येक पुरुष की अपनी पत्नी हो, और प्रत्येक स्त्री का अपना पति।
व्यभिचार से भागो; अन्य सब पाप जो मनुष्य करता है देह के बाहर होते हैं, परंतु व्यभिचार करनेवाला अपनी ही देह के विरुद्ध पाप करता है। क्या तुम यह नहीं जानते कि तुम्हारी देह पवित्र आत्मा का मंदिर है जो तुममें है, और परमेश्वर की ओर से तुम्हें मिला है? और तुम अपने नहीं हो, क्योंकि तुम मूल्य देकर खरीदे गए हो। इसलिए अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो।
भोजन पेट के लिए है और पेट भोजन के लिए, परंतु परमेश्वर इन दोनों को नष्ट करेगा। फिर भी देह व्यभिचार के लिए नहीं बल्कि प्रभु के लिए है, और प्रभु देह के लिए है। परमेश्वर ने प्रभु को जिलाया और हमें भी अपने उस सामर्थ्य से जिलाएगा।
या क्या तुम नहीं जानते कि अधर्मी लोग परमेश्वर के राज्य के उत्तराधिकारी नहीं होंगे? धोखा न खाओ : न व्यभिचारी, न मूर्तिपूजक, न परस्त्रीगामी, न किसी भी प्रकार के समलैंगिक, न चोर, न लोभी, न पियक्कड़, न गाली देनेवाले और न लुटेरे परमेश्वर के राज्य के उत्तराधिकारी होंगे।
प्रेम धैर्यवान है, प्रेम दयालु है, वह ईर्ष्या नहीं करता, प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और घमंड से नहीं फूलता। वह अनुचित व्यवहार नहीं करता, अपनी भलाई नहीं चाहता, झुँझलाता नहीं, बुराई का लेखा नहीं रखता; वह अधर्म से आनंदित नहीं होता, परंतु सत्य से आनंदित होता है। वह सब बातों को सहता है, सब बातों का विश्वास करता है, सब बातों की आशा रखता है, सब बातों में धीरज धरता है।
क्या मसीह बँट गया है? क्या पौलुस तुम्हारे लिए क्रूस पर चढ़ाया गया है? या तुम्हें पौलुस के नाम से बपतिस्मा दिया गया है? मैं परमेश्वर का धन्यवाद करता हूँ कि क्रिसपुस और गयुस को छोड़ मैंने तुममें से किसी को भी बपतिस्मा नहीं दिया, ताकि कोई यह न कहे कि तुम्हें मेरे नाम से बपतिस्मा दिया गया। हाँ, मैंने स्तिफनास के घराने को भी बपतिस्मा दिया था; इन्हें छोड़ मैं नहीं जानता कि मैंने किसी और को बपतिस्मा दिया। क्योंकि मसीह ने मुझे बपतिस्मा देने के लिए नहीं बल्कि सुसमाचार सुनाने के लिए भेजा है, और वह भी शब्दों के ज्ञान के द्वारा नहीं, कहीं ऐसा न हो कि मसीह का क्रूस व्यर्थ ठहरे।
यहाँ तक सुनने में आया है कि तुम्हारे बीच व्यभिचार होता है, और ऐसा व्यभिचार जो अविश्वासियों में भी नहीं होता कि कोई अपने पिता की पत्नी को रखता है। फिर भी तुम घमंड से फूले हुए हो। क्या तुम्हें शोक नहीं मनाना चाहिए था कि ऐसा कार्य करनेवाला तुम्हारे बीच में से निकाला जाता?
Sabedoria conjugal
Acha esposa, acha o bem. Bebe água da tua própria cisterna. A fidelidade conjugal é fonte de bênção permanente.
जो पत्नी प्राप्त करता है,
वह भलाई प्राप्त करता है,
और उस पर यहोवा का अनुग्रह होता है।
जो पत्नी प्राप्त करता है,
वह भलाई प्राप्त करता है,
और उस पर यहोवा का अनुग्रह होता है।
जो पत्नी प्राप्त करता है,
वह भलाई प्राप्त करता है,
और उस पर यहोवा का अनुग्रह होता है।
घर और धन तो पूर्वजों से प्राप्त होते हैं,
परंतु बुद्धिमान पत्नी यहोवा ही से मिलती है।
तेरा सोता धन्य रहे;
और तू अपनी जवानी की पत्नी के साथ आनंदित रह।
एक प्रेमी हरिणी और मनोहर मृगी के समान
उसके स्तन तुझे सदा तृप्त रखें;
उसका प्रेम तुझे सदा आकर्षित करता रहे।
क्योंकि व्यभिचारिणी के होंठों से मधु टपकता है,
और उसकी बातें तेल से भी अधिक चिकनी होती हैं;
परंतु अंत में वह स्त्री नागदौना सी कड़वी
और दोधारी तलवार सी पैनी सिद्ध होती है।
उसके पैर मृत्यु की ओर बढ़ते हैं,
और उसके कदम अधोलोक तक पहुँचते हैं।
वह जीवन के मार्ग पर ध्यान नहीं देती;
उसकी चाल टेढ़ी-मेढ़ी है, पर वह यह नहीं जानती।
इसलिए अब हे मेरे पुत्र, मेरी सुन,
और मेरी बातों से मुँह न मोड़।
ऐसी स्त्री से दूर ही रह,
और उसके घर के द्वार के पास भी न जा।
कहीं ऐसा न हो कि तू अपना मान-सम्मान औरों को,
और अपना जीवन किसी निर्दयी को सौंप दे;
क्योंकि व्यभिचारिणी के होंठों से मधु टपकता है,
और उसकी बातें तेल से भी अधिक चिकनी होती हैं;
परंतु अंत में वह स्त्री नागदौना सी कड़वी
और दोधारी तलवार सी पैनी सिद्ध होती है।
उसके पैर मृत्यु की ओर बढ़ते हैं,
और उसके कदम अधोलोक तक पहुँचते हैं।
वह जीवन के मार्ग पर ध्यान नहीं देती;
उसकी चाल टेढ़ी-मेढ़ी है, पर वह यह नहीं जानती।
ऐसी स्त्री से दूर ही रह,
और उसके घर के द्वार के पास भी न जा।
कहीं ऐसा न हो कि तू अपना मान-सम्मान औरों को,
और अपना जीवन किसी निर्दयी को सौंप दे;
या पराए तेरी कमाई से अपना पेट भरें,
और तेरे परिश्रम का फल किसी परदेशी के घर पहुँचे;
और अपने अंतिम समय में
जब तेरा शरीर क्षीण हो जाए
तो तू कराहते हुए कहे,
"हाय! मैंने शिक्षा से कैसा बैर किया,
और मेरे मन ने चेतावनियों का कैसा तिरस्कार किया!
मैंने अपने गुरुओं की बात न मानी
और अपने सिखानेवालों की ओर कान न लगाया।
मैं सभा और मंडली के सामने
पूरी तरह से नष्ट होने पर था।"
एक प्रेमी हरिणी और मनोहर मृगी के समान
उसके स्तन तुझे सदा तृप्त रखें;
उसका प्रेम तुझे सदा आकर्षित करता रहे।
हे मेरे पुत्र, तू व्यभिचारिणी स्त्री पर क्यों मोहित हो,
और किसी पराई स्त्री को सीने से क्यों लगाए?
पराई स्त्री के पास जानेवाले व्यक्ति की दशा ऐसी ही होती है;
जो कोई उस स्त्री को स्पर्श करेगा
वह दंड से न बचेगा।
परंतु जो परस्त्रीगमन करता है वह निरा मूर्ख है,
और ऐसा करनेवाला अपना ही विनाश करता है।
परंतु जो परस्त्रीगमन करता है वह निरा मूर्ख है,
और ऐसा करनेवाला अपना ही विनाश करता है।
उसे घायल और अपमानित होना पड़ेगा,
और उसका कलंक कभी न मिटेगा।
क्योंकि ईर्ष्या पति के क्रोध को भड़काती है,
और जब बदला लेने का समय आएगा
तो वह दया नहीं दिखाएगा।
वह किसी प्रकार की क्षतिपूर्ति ग्रहण न करेगा,
और चाहे तू उसे बहुत कुछ दे,
फिर भी वह न मानेगा।
गुणी पत्नी अपने पति का मुकुट है,
परंतु निर्लज्ज पत्नी उसकी हड्डियों की सड़ाहट के समान है।
मनुष्य का मन उसके मार्ग की योजनाएँ बनाता है,
परंतु यहोवा उसके प्रत्येक कदम को निर्धारित करता है।
झगड़ालू पत्नी के साथ घर के भीतर रहने की अपेक्षा
छत पर एक कोने में रहना अच्छा है।
गुणी पत्नी कौन पा सकता है?
उसका मूल्य तो रत्नों से भी बहुत अधिक है।
Bíblia e casamento
Deus abomina o divórcio. A aliança matrimonial é reflexo da aliança de Deus com seu povo — sagrada e eterna.
अविश्वासियों के साथ असमान जुए में न जुतो, क्योंकि धार्मिकता और अधर्म का क्या मेल? या ज्योति की अंधकार से क्या सहभागिता?
परमेश्वर की यही इच्छा है कि तुम पवित्र बनो, अर्थात् व्यभिचार से दूर रहो, और तुममें से प्रत्येक अपने-अपने पात्र को पवित्रता और आदर के साथ संभालना जाने, और उन गैरयहूदियों के समान कामुकता में नहीं, जो परमेश्वर को नहीं जानते हैं।
ध्यान रखो कि बुराई के बदले कोई किसी से बुराई न करे, परंतु सदा एक दूसरे और सब लोगों के साथ भलाई करने का प्रयत्न करो।
व्यभिचारियों, समलैंगिकों, अपहरणकर्ताओं, झूठ बोलनेवालों, झूठी गवाही देनेवालों, और जो कुछ उस खरी शिक्षा के विरोध में है, उन सब के लिए ठहराई गई है।
इसलिए आवश्यक है कि अध्यक्ष निर्दोष, एक ही पत्नी का पति, संयमी, समझदार, सम्माननीय, अतिथि-सत्कार करनेवाला और सिखाने में निपुण हो;
सेवक एक ही पत्नी के पति हों, और अपने बाल-बच्चों तथा घर को अच्छी तरह से संभालनेवाले हों।
प्रवर निर्दोष, और एक ही पत्नी का पति हो, और उसके बच्चे विश्वासी हों, दुराचार या अवज्ञाकारिता के दोषी न हों।
तू अपनी सौतेली माता का तन भी न उघाड़ना। वह तेरे पिता का ही तन है।
तू अपने पड़ोसी की पत्नी से कुकर्म न करना, कहीं ऐसा न हो कि तू उसके द्वारा अशुद्ध हो जाए।
"यदि कोई व्यक्ति किसी पराई स्त्री अर्थात् किसी दूसरे की स्त्री के साथ व्यभिचार करे, तो वह व्यभिचारी और वह व्यभिचारिणी दोनों निश्चय मार डाले जाएँ। यदि कोई पुरुष किसी पुरुष के साथ ऐसे सोए जैसे वह स्त्री के साथ सोता है तो उन दोनों ने घृणित काम किया है। वे निश्चय मार डाले जाएँ, उनका लहू उन्हीं के सिर पर पड़े।
वे किसी वेश्या या अशुद्ध स्त्री से विवाह न करें, और न ही अपने पति के द्वारा त्यागी हुई किसी स्त्री से विवाह करें, क्योंकि याजक अपने परमेश्वर के लिए पवित्र है।
वह कुँवारी स्त्री से ही विवाह करे। वह किसी विधवा, या त्यागी हुई, या अशुद्ध स्त्री अर्थात् वेश्या से विवाह न करे, बल्कि अपने ही लोगों में से किसी कुँवारी कन्या से विवाह करे,
Exemplos bíblicos
O Cântico dos Cânticos celebra o amor conjugal. A Bíblia honra o casamento em toda a sua beleza e profundidade.
अपनी प्रिय पत्नी के साथ अपने जीवन का आनंद ले, अर्थात् उस व्यर्थ जीवन के दिनों का जो परमेश्वर ने संसार में तेरे लिए ठहराए हैं; क्योंकि तेरे जीवन में और तेरे उस परिश्रम में जो तू संसार में करता है, तेरा यही भाग है।
अपनी प्रिय पत्नी के साथ अपने जीवन का आनंद ले, अर्थात् उस व्यर्थ जीवन के दिनों का जो परमेश्वर ने संसार में तेरे लिए ठहराए हैं; क्योंकि तेरे जीवन में और तेरे उस परिश्रम में जो तू संसार में करता है, तेरा यही भाग है।
एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उन्हें अपने परिश्रम का अच्छा प्रतिफल मिलता है। क्योंकि यदि उनमें से एक गिरे, तो दूसरा उसे उठाएगा; परंतु हाय उस पर जो अकेला होने पर गिरे और उसे उठानेवाला कोई न हो। फिर यदि दो व्यक्ति साथ सोएँ तो वे गरम रहते हैं, परंतु एक अकेला कैसे गरम रह सकता है? अकेले व्यक्ति पर तो कोई प्रबल हो सकता है, परंतु दो लोग उसका सामना कर सकते हैं। तीन लड़ियों से बटी रस्सी जल्दी नहीं टूटती।
Juízo e restauração
O Senhor é testemunha do pacto conjugal. Casamentos quebrados podem ser restaurados pelo poder e graça de Deus.
परंतु यहोवा ने अब्राम की पत्नी सारै के कारण फ़िरौन और उसके घराने पर बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ डालीं। तब फ़िरौन ने अब्राम को बुलवाकर कहा, "तूने मेरे साथ यह क्या किया? तूने मुझे क्यों नहीं बताया कि वह तेरी पत्नी है?
अब्राम की पत्नी सारै की कोई संतान नहीं थी। उसके पास हाजिरा नाम की एक मिस्री दासी थी। सारै ने अब्राम से कहा, "देख, यहोवा ने तो मेरी कोख बंद कर रखी है। इसलिए तू मेरी दासी के पास जा; संभव है कि उसके द्वारा मुझे संतान प्राप्त हो।" सारै की यह बात अब्राम ने मान ली। जब अब्राम को कनान देश में रहते हुए दस वर्ष बीत चुके तब उसकी पत्नी सारै ने अपनी मिस्री दासी हाजिरा को लेकर अपने पति अब्राम को सौंप दिया कि वह उसकी पत्नी हो।
उसने कहा, "मैं एक वर्ष बाद निश्चय तेरे पास फिर आऊँगा, और देख, तेरी पत्नी सारा के एक पुत्र होगा।" सारा तंबू के द्वार पर जो अब्राहम के पीछे था, सुन रही थी।
अब्राहम और सारा तो बूढ़े थे, उनकी आयु ढल गई थी, और सारा का मासिक धर्म भी बंद हो चुका था। इसलिए सारा मन में हँसते हुए कहने लगी, "मैं तो बूढ़ी हूँ, और मेरा पति भी बूढ़ा है, तो क्या मुझे यह सुख होगा?"
ओनान जानता था कि संतान उसकी न कहलाएगी; इसलिए जब वह अपने भाई की पत्नी के पास गया तो उसने भूमि पर वीर्य गिराकर नष्ट कर दिया, जिससे कि उसके द्वारा उसके भाई का वंश न चले। परंतु जो उसने किया वह यहोवा की दृष्टि में बुरा था, इसलिए उसने उसे भी मार डाला।
अब आशेर के गोत्र से फनूएल की बेटी हन्नाह एक भविष्यवक्तिन थी। वह बहुत बूढ़ी हो गई थी, और विवाह के बाद सात वर्ष अपने पति के साथ रही,
"जब कोई तुझे विवाह में आमंत्रित करे, तो मुख्य स्थान पर न बैठना, कहीं ऐसा न हो कि उसने तुझसे भी अधिक सम्मानित व्यक्ति को आमंत्रित किया हो,
"जो कोई अपनी पत्नी को तलाक देकर दूसरी से विवाह करता है, वह व्यभिचार करता है, और जो पति द्वारा त्यागी हुई स्त्री से विवाह करता है, वह भी व्यभिचार करता है।
जिस दिन तक नूह ने जहाज़ में प्रवेश न किया, लोग खाते, पीते, विवाह करते, और विवाह में दिए जाते रहे; तब जलप्रलय ने आकर सब को नष्ट कर दिया।
फिर यीशु ने उठकर उससे कहा,"हे नारी, वे कहाँ हैं? क्याकिसी ने तुझे दंड नहीं दिया?" उसने कहा, "किसी ने नहीं, प्रभु।" तब यीशु ने कहा,"मैं भी तुझे दंड नहीं देता। जा और अब से फिर पाप मत करना।"]
जिस किसी ने मेरे नाम के कारण घरों या भाइयों या बहनों या माता या पिताया बच्चों या खेतों को छोड़ा है, उसे सौ गुणा मिलेगा और वह अनंत जीवन का उत्तराधिकारी होगा।
"गुरु, मूसा ने कहा : यदि कोई निस्संतान मर जाए, तो उसका भाई उसकी पत्नी से विवाह करके अपने भाई के लिए वंश उत्पन्न करे। क्योंकि पुनरुत्थान होने पर वे न तो विवाह करेंगे और न ही विवाह में दिए जाएँगे, बल्कि स्वर्ग मेंदूतों के समान होंगे।
क्योंकि मन से बुरे बुरे विचार, हत्या, परस्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही और निंदा निकलती हैं।
अब शरीर के कार्य तो स्पष्ट हैं, अर्थात् व्यभिचार, अशुद्धता, कामुकता, मूर्तिपूजा, जादू-टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, स्वार्थ, फूट, दलबंदी, डाह, मतवालापन, रंगरेलियाँ, तथा ऐसे और भी कार्य हैं जिनके विषय में मैं तुम्हें पहले ही कह देता हूँ, जैसा मैं पहले भी कह चुका हूँ कि ऐसे कार्य करनेवाले परमेश्वर के राज्य के उत्तराधिकारी नहीं होंगे।
तेरे घर के भीतर तेरी पत्नी फलवंत दाखलता के समान,
और तेरे बच्चे तेरी मेज़ के चारों ओर
जैतून के पौधों के समान होंगे।
उदाहरण के लिए, एक विवाहित स्त्री व्यवस्था के अनुसार तब तक ही अपने पति से बँधी है जब तक वह जीवित है; परंतु यदि उसके पति की मृत्यु हो जाए, तो वह पति से संबंधित व्यवस्था से मुक्त हो जाती है। इसलिए यदि वह अपने पति के जीवित रहते हुए किसी दूसरे पुरुष की हो जाए तो व्यभिचारिणी कहलाएगी; परंतु यदि उसके पति की मृत्यु हो जाए तो वह उस व्यवस्था से स्वतंत्र है, और वह किसी दूसरे पुरुष की भी हो जाए तो भी व्यभिचारिणी नहीं कहलाएगी।
परंतु मुझे तेरे विरुद्ध यह कहना हैकि तू इज़ेबेल नामक उस स्त्री को सह लेता है जो अपने आपको भविष्यवक्तिन कहती है और मेरे दासों को व्यभिचार करने और मूर्तियों को चढ़ाया गया भोजन खाने की शिक्षा देकर भरमाती है।
उन्होंने न अपने हत्या के कार्यों से, न जादू-टोनों से, न व्यभिचार से और न ही चोरी से पश्चात्ताप किया।
क्योंकि उसके निर्णय सच्चे और न्यायसंगत हैं।
उसने उस बड़ी वेश्या को,
जो अपने व्यभिचार से पृथ्वी को भ्रष्ट कर रही थी दंड दिया,
और उससे अपने दासों के लहू का बदला लिया।