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Comunidade

Por Bíblia Online

A comunidade cristã é essencial para o crescimento da fé. A Bíblia ensina que fomos criados para viver em comunhão — edificando-nos, encorajando-nos e servindo uns aos outros.

Viver em unidade

Os que creram eram um coração e uma alma. A comunidade primitiva partilhava tudo e vivia em harmonia e alegria.

ििमदत

आरिकरनडळएक आरएक मनन ी, तक ि आपसधन आपसि कयता, पर सब जलिो।

आरििे, आरयनआरआरिनतकरनगलरया।

आरहड़ीएक मन ईन डळएखटयसआरघरघर ईन तलआरतरमनन करता। आरयहा–भगवनन बढ़ाकरता, आरसब गहन िदरयसा; आरटका, नकरबहड़ीकर ो।

आखमळथड़ाहनसआरईशमरियम आरउकईस एक मन ईन िनतआरथनकरतरया।

पतरस खवरयी; डळलग़ीएक मन यहा–भगवथनकरती।

"हकि जन एखटउकरहवो।"

Edificação mútua

Vivam em harmonia uns com os outros. Não haja divisões entre vós. A comunidade cresce quando cada membro contribui.

डळ

ईस, मरमररबईशमसवनकरति सब एक कयो, आर, एक मन आरएक हईन िरयो।

हकि सब यहि , ी, वत, एक आतएक यनकरतबपतिा, आरसब एक आतिगया।

हकि आपनएक े, आरसब एक ी; े, मसएक ईन आपसएक िसरे।

आपसएक मन ु; हवहयो, ़ा गति ु; आपनि िहयो।

एक िसरपर ़े

ििबल े, ओकआपसगति ु, ओकमतों पर िकरनकरती।

रज आरांयहा–भगववरदआपि मसईशआपसएक मन रवु।

आखरि

िईहो, वनकरते, ि नसििपर, वड़ो े, खनआरकर रण वते, ओकिकरआरओकवजु।

Amor e compromisso

Não deixemos de congregar. O vínculo perfeito é o amor — ele une a comunidade e produz frutos que duram.

आरों, आरभलचढ़ावनकरतएक िसरिंकर्‍करे। आरएक िसरएखठयनि तरि े, पर एक िसरसमझतरया; आरजसो–जसउनहड़ािकट आवतआरसवटकर्‍करू।

इन सब ऊपर ोंिदतपटांु।

आरवळन बनधन आतएकखनिकरो।

भलकरनरण सत

वलसब सब एक मन आरिरपआरईचोंखना, आरसहनकरमय, आरनमबनु।

ोंु, जव यहा–भगवओसोंो, आपस ोंखने।

पर यदि िे, िे, एक िसरसहभिखते, आरओक्‍ईशसब करते।

ियहि आरी, वत, आरनर ी, हकि सब मसईशएक े। आरयदि मसहन अबहम आररतिि

ियल, यले, िकर

सच सच कयति मकलकरते, मखकरते; आरमखकरते, मकलनकरते।"

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