Confissão
A confissão é caminho de libertação e restauração. Quando confessamos nossos pecados, Deus é fiel e justo para nos perdoar e nos purificar de toda injustiça.
Confessar e receber perdão
Se confessarmos os nossos pecados, Ele é fiel e justo para nos perdoar. A confissão abre a porta da graça restauradora.
यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। (भज. 32:5, नीति. 28:13)
जब मैंने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया
और अपना अधर्म न छिपाया,
और कहा, "मैं यहोवा के सामने अपने अपराधों को मान लूँगा;"
तब तूने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया। (सेला) (1 यूह. 1:9)
जब मैं चुप रहा
तब दिन भर कराहते-कराहते मेरी हड्डियाँ
पिघल गई।
जो अपने अपराध छिपा रखता है, उसका कार्य सफल नहीं होता,
परन्तु जो उनको मान लेता और छोड़ भी देता है,
उस पर दया की जाएगी। (1 यूह. 1:9)
हम लोगों ने तो पाप, कुटिलता, दुष्टता और बलवा किया हैहम लोगों ने तो पाप, कुटिलता, दुष्टता और बलवा किया है: यद्यपि दानिय्येल इस समय अकेला था, वह सब की ओर से प्रार्थना कर रहा था, निःसन्देह वह बन्धुवाई से पूर्ण उस राष्ट्र के अपराधों को स्मरण कर रहा था जिनके कारण वह नगर और परमेश्वर का मन्दिर नष्ट हुए थे।, और तेरी आज्ञाओं और नियमों को तोड़ दिया है।
और जब वह इन बातों में से किसी भी बात में दोषी हो, तब जिस विषय में उसने पाप किया हो वह उसको मान ले,
Confissão como fé
Se com a boca confessares que Jesus é Senhor e creres, serás salvo. A confissão de fé é alicerce da vida cristã.
कि यदि तू अपने मुँह से यीशु को प्रभु जानकर अंगीकार करे और अपने मन से विश्वास करे, कि परमेश्वर ने उसे मरे हुओं में से जिलाया, तो तू निश्चय उद्धार पाएगा। (प्रेरि. 16:31)
क्योंकि धार्मिकता के लिये मन से विश्वास किया जाता है, और उद्धार के लिये मुँह से अंगीकार किया जाता है।
इसलिए कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं, परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत-मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं।
विश्वास की अच्छी कुश्ती लड़; और उस अनन्त जीवन को धर ले, जिसके लिये तू बुलाया गया, और बहुत गवाहों के सामने अच्छा अंगीकार किया था।
इसलिए, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाएँ जाएँ, जिससे प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएँ।
इसलिए तुम आपस में एक दूसरे के सामने अपने-अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिससे चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
परमेश्वर के निकट आओ, तो वह भी तुम्हारे निकट आएगा: हे पापियों, अपने हाथ शुद्ध करो; और हे दुचित्ते लोगों अपने हृदय को पवित्र करो। (जक. 1:3, मला. 3:7)