Confissão
A confissão é caminho de libertação e restauração. Quando confessamos nossos pecados, Deus é fiel e justo para nos perdoar e nos purificar de toda injustiça.
Confessar e receber perdão
Se confessarmos os nossos pecados, Ele é fiel e justo para nos perdoar. A confissão abre a porta da graça restauradora.
कहूं हमन अपन पापमन ला मान लेथन, त परमेसर ह हमर पाप ला छेमा करही अऊ हमन ला जम्मो अधरम ले सुध करही, काबरकि ओह बिसवासयोग्य अऊ धरमी अय।
तब मेंह अपन पाप ला तोर आघू म मान लेंव
अऊ मोर अपराध ला नइं छुपांय।
मेंह कहेंव, "मेंह यहोवा के आघू म
अपन पाप ला मान लूहूं।"
अऊ तेंह मोर पाप के दोस ला
छेमा करय।
जब मेंह कलेचुप रहंय,
त दिन भर कलहरत-कलहरत
मोर हाड़ामन बेकार होय लगिन।
जऊन ह अपन पाप ला छुपाथे, ओह नइं बढ़य,
पर जऊन ह अपन पाप ला मान लेथे अऊ ओमन ला छोंड़ देथे, ओकर ऊपर दया करे जाथे।
हमन पाप करे हन अऊ गलत काम करे हन। हमन दुस्ट काम करके बिदरोह करे हन; हमन तोर हुकूम अऊ कानूनमन ले दूरिहा चल दे हन।
जब कोनो मनखे ला पता चलथे कि ये बातमन के कोनो एक ठन म घलो ओह दोसी अय, त ओह जऊन गलती करके पाप करे हवय, ओला मान लेवय।
Confissão como fé
Se com a boca confessares que Jesus é Senhor e creres, serás salvo. A confissão de fé é alicerce da vida cristã.
यदि तेंह अपन मुहूं ले कबूल करथस कि यीसू ह परभू अय अऊ अपन हिरदय म बिसवास करथस कि परमेसर ह ओला मरे म ले जियाईस, त तेंह उद्धार पाबे।
काबरकि मनखे ह अपन हिरदय म बिसवास करे के दुवारा परमेसर के नजर म सही ठहिरथे अऊ मुहूं ले कबूल करे के दुवारा उद्धार पाथे।
काबरकि जम्मो झन पाप करे हवंय अऊ ओमन परमेसर के महिमा ले अलग हवंय, अऊ परमेसर ह सेंतमेंत म अपन अनुग्रह ले मनखेमन ला धरमी ठहिराईस अऊ ओमन ला पाप ले मुक्ति दीस, अऊ पाप ले ये मुक्ति ह मसीह यीसू के दुवारा आईस।
बिसवास के बने लड़ई लड़त रह अऊ परमेसर के संग सदाकाल के जिनगी ला थामे रह, काबरकि एकरे बर तोला बलाय गे रिहिस, जब तेंह कतको गवाहमन के आघू म अपन बिसवास के सही गवाही देय रहय।
एकरसेति, अब तुमन अपन पापमन ले मन फिरावव अऊ परमेसर करा लहुंटव कि तुम्हर पापमन मिटाय जावंय, अऊ परभू करा ले आनंद मिलय,
एकरसेति, तुमन एक-दूसर के आघू म अपन-अपन पाप ला मान लेवव अऊ एक-दूसर बर पराथना करव, ताकि तुम्हर बेमारी ह ठीक हो जावय। धरमी मनखे के पराथना ह सक्तिसाली अऊ परभावी होथे।
परमेसर के लकठा म आवव, त ओह घलो तुम्हर लकठा म आही। हे पापी मनखेमन, अपन हांथ ला धोवव, अऊ हे ढोंगी मनखेमन, अपन हिरदय ला सुध करव।