Contentamento
O contentamento é a arte de estar satisfeito com o que Deus provê. Não é conformismo, mas confiança de que Deus supre toda necessidade segundo suas riquezas.
Aprender a estar contente
Aprendi a viver contente em toda situação. O contentamento com a piedade é grande fonte de lucro.
यो नी कि हाव आपसी घटीन कारण यो कयतो छे; काहकि हाव ने यो सिक्यो छे कि जिन दशा मा छे; ओको मा सन्तोष करू।
हाव दीन भी होयनो जानतु छे आरू बढ़ने भी जानतु छे; हर एक वात आरू सब दशा मा हाव ने तृप्त हुयने, भूकलो रोवने, आरू वदने घटने सिक्यो छे।
पर सन्तोष सहित भक्ति मोटी कमाय छे।
काहकि नी हामु धरती मा काही लाया छे आरू नी काही ली जाय सकता छे। यदि हामरे साथे खाने आरू पेहरने क होय, तो इन्ही पर सन्तोष करनो जूवे।
Livre da avareza
Guardai-vos da ganância. Seja o viver sem cobiça, contentando-vos com o que tendes. Deus nunca nos desamparará.
आरू त्यो उनछे कयो, "चोकचौळीया रया, आरू हर प्रकार क लोभ छे आपने आप क वाचाड़्यो राख्यो काहकि काही क जीवन ओकी सम्पती की देखाड़ी छे नी हुयसे।"
ओतरा मा जव हजारो की गर्दी लागी गयी, याहा तक कि वे एक दिसरा पर गिर पड़ता हुता, तो वो सब छे पेहल आपने चेला छे कयनो लाग्या, "फरीसियों क कपट राखनीया न सखमीर सी चोकचौळीया रयने।" काय ढाक्य नी, जो उघडी नी जाछे; आरू नी काय डुकाय छे, जो जाने नी जाछे। एरकरीन जो काय तुमू ने आंधारो मा कयो छे, वो विजावो मा सोमवाय जाछे; आरू जो तुमू ने कोठरियो मा कांटो कयो छे, वो छत पर छे खबर कर्या जाछे।
"हाव तुमू मारे दोस्त होय कयता छे कि जो डील क घात करता छे पुन ओको पछळ आरू काय नी कर सकता, उका मा घाबराये।" हाव तुमूक चितावो छे कि तुमूक कुनी घबरायना जुवे, घात करने क बाद जिनाक नरक मा नाखने क हक छे, तीनी यहोवा–भगवान छे घाबराय; हाव तुमू छे कयतु छे, तीनी छे घाबरया।
काय दुय पयसिया क पाच चिल्ला नी वेचाये? तोभी यहोवा–भगवान ओका छे एक क भी नी भुलता। तुमरे मुनका क सब झोठा भी गीन्या हुया छे, अतरान करीन घाबराय नी, तुमू बैस चिल्ला छे मोटो होय।
"हाव तुमू छे कयता छे जो काही मानुस क सामने मखे मान लेछे ओको मानुस क पोर्या भी यहोवा–भगवान क सोरगदूतो बासन सामने मान लेछे।" पुन जो मानुस क सामने मखे मना करे ओको यहोवा–भगवान क सोरगदूत क सामने मना कर्या जाछे।
जो काही मानुस क पोर्या क विरोध मा काही वात कये, ओको वो गुणेहगार माफ कर्या जाछे, पुन जो चुखलो आत्मा की नींदा कर्या ओको गुणेहगार माफ नी कर्या जाछे।
जव मानसे तुम्हे सभा आरू हाकिम आरू आधिकारी क सामने लेय जाछे, तो चिंता नी करनो की हामु काही रीति छे या काय जवाब देय, या काय कयो। काहकि चुखलो आत्मा तीनी घड़ी तुम्हे सिखाड़ देसे की काय कयनो जुवे।
पछी गर्दी मा छे एक ने उको कयो, "हे गुरू मारे भाईस छे कय की बास की सम्पती हामु विरासत मा मिवी छे वो मारे साथे वाट लेय।"
त्यो ओका सी कयो, "हे मानुस कुन मखे तुमरा न्यायी या पाच पंचु नीयुक्त कर्या छे?" आरू त्यो उनछे कयो, "चोकचौळीया रया, आरू हर प्रकार क लोभ छे आपने आप क वाचाड़्यो राख्यो काहकि काही क जीवन ओकी सम्पती की देखाड़ी छे नी हुयसे।"
त्यो उनछे एक दृष्टान्त कयो: "काही धनवान की धरती मा मोटी उपज होयी।" तव वो आपने मन मा विचार करने लाग्या, "हाव काय करीस? काहकि मारे या धरती नी जहा आपसी उपज आरू काय राखीस।" आरू त्यो कयो, "हाव यो करसे: हाव आपसी बखारिया तुड़ीन उनछे मोटी बनावीस; आरू कुठार मा आपसा सब अन आरू संपत्ती रवछे; आरू आपने जीव छे कयसे कि जीव तारे साथे घोणा साल क करता घोणा संपत्ती राखी छे चैन कर खाय, पी, सुख छे रेयछे।" पुन यहोवा–भगवान ने ओका सी कयो, "हे मुर्ख, इनी रात तारे जीव तुखे से ली जाछे तव जो काही तुने एखठा कर्या छे वो कुनीन होय छे?"
"ओसो ही वो माणुस भी छे जो आपने करता धन भराता छे पुन यहोवा–भगवान कि दृष्टीमा धनी नी।"
पछु त्यो आपने चेला क कयो, "अतरान करीन हाव तुमू कयतो छे आपनो जीव क चिंता नी करू कि हामु काय खासु, नी आपने डील क काय पेहरसु।" काहकि भोजन छे जीव आरू लुगड़ा छे डिल बडीन छे। हा़डगाळा पर ध्यान देवु, वो नी वेरतो छे नी काटतो नी ओको भंडार आरू नी कुठार हुता छे तो भी यहोवा–भगवान तिनुक देखतो छे, तुमरा किमत चिल्ला छे कयी सवटो छे। तुमू मा छे, ओसो कुण छे जो चिंता करसे आपने उमर थुड़ीक वार बढ़ाव आरू मोटी कर सकता छे? अतरान करीन यदि तुमो सपछे नाना काम भी नी कर सकता तो आरू वात क करता काय चिंता करता होय? जंगल क फुल क देख्या करो कि वो कसो मोटो होयतो छे वो नी हावहनत करता नी काटतो छे तो भी हाव तुमछे कयता छे की सुलैमान भी आपने सब वैभव मा उनमा छे काही एक क समान लुगड़ो पेहरला नी हुता। अतरान करीन यदि यहोवा–भगवान मैदान कि खोड़ो क जो आज छे आरू काल आगठा झोकी जाछे, ओसो पेहर्या छे तो हे विनभुरसीया वो तुम्हे काय नी पेहर छे?
आरू तुमू इनीये वात कि खोज मा नी रया कि काय खासे आरू काय पीछे आरू नी संदेह करो। काय कि संसार कि मानसे इन सब समान कि खोज मा रहती छे आरू तुमरा बास जानता छे कि तुम्हे इन समान कि छचो छे। पुन ओका राज्य कि खोज मा रया तो यो समान भी तुमूक मिव जाछे।
मारो नाना टुळा मानसे मत घाबराय काहकि तुमरे बास क वो भाया छे कि तुम्हे राज्य देय। आपने संपत्ती वेचीन गरीब क दान कर दियो आरू आपने करता ओसो थैली बनायो जो जुनला नी हुयसे मतलब सोरग क ओसो धन एखठा कर्या जो घटता नी आरू जीसके नीकट चुर नी जाता छे आरू किड़ा नी बिगड़ता। काहकि वा तारो धन छे, चा तारो मन भी लागी रोवसे।
तुमरी कड़ीया बांधीन रया आरू तुमरे दिया धपतो रयो। आरू तुमू उन माणुस क समान बन्या जो आपने भगवान कि वाट देखता रया होय कि वो वियाव छे किही पछु कि जव वो आवीन दरवाजा खटखटये तो तत्काल ओका करता उघाड दे। धन्य छे वो दास जिन्हे भगवान आवीन जागता देख्यो हाव तुमू छे सच कयता छे कि कड़ीया बांधीन कर तीनुक भोजन करने क बठ्या आरू साथे आवीन उनकी सेवा करसे। यदि वो रात क दुसरा पहेर्या या तीसरा पहेर्यामा आवीन तीनुक जागता देख्या तो वो धन्य छे। पुन तुमू यह जान राख्या कि यदि घरको सामने जानता कि चोर कि काय घड़ी आवसे तो जागता रयता आरू आपने घर मा डुचो नी लागने देता। तुमो भी तियार रयो काहकि जिना घड़ी तुमो चोकळिया भी नी तीनी घड़ी माणुस क पोर्य आय जाछे।
तव पतरस ने कयो, "हे पोरबु काय यो दृष्टान्त तु हामु ही छे या सब छे कयता छे।"
पोरबु न कयो, "वो विश्वास योग्य आरू बुध्दिमान भण्डारी कुन छे, जेरो मालिक ओको नौकर चाकर पर सरदार ठेराया कि तीनुक टेहाव पर भोजन सामग्री देय।" धन्य छे वो दास, जिनाक ओको भगवान आवीन ओसो ही करता देख्या हाव तुमू छे सच कयता छे वो ओको आपसी सब धन पर हकदार ठरछे। पुन यदि वो दास विचार करने लाग्या कि मारो भगवान आवने मा वार कर रया छे, आरू खाने पीने आरू दासियो क मारने पीटने लाग्या, आरू खाने पीने आरू साकिन हुयने लाग्या। तो उना दास क भगवान ओसो दाहड़ो, जव वो ओकी वाट जुवता नी रया, आरू ओसी घड़ी जिनाक वो जानता नी होय, आवसे आरू उको भारी दण्ड दीन ओको भाग विनभुरसीया क साथे ठरसे।
वो दास जो आपने भगवान की मरजी जानता हुता, आरू तीयार नी रया आरू नी ओकी मरजी क नुसार चाल, घोणा मार खासे। पुन जो नी जाईन मार खाने क योग्य काम करे वो थुड़ी मार खासे। एरकरीन जिनाक घोणा दिया गया छे, ओका सी घोणा मांगने जाछे आरू जिनाक घोणा सौप गया छे, ओका सी घोणा ली जाछे।
हाव धरती पर आगठो लागाड़ ने आश छे; आरू काय जुवता छे केवल यो कि हिमी सुलग जाती। मखे तो एक बपतिस्मा लेने छे, आरू जव तक वो नी होय लेय तव तक हाव कोसी व्यथा मा रवीस! काय तुमू समझता होय कि हाव धरती पर मिलाप करावने आयु छे? हाव तमुक कयतु छे: नी, अलग करने आयु छे। काहकि हिमी छे एक घर मा पाच जना आपस मा विरोध राखछे, तीन दुय छे आरू दुय तीन छे। बास पोर्या छे, आरू पोर्या बास छे विरोध राखछे; आश पोराय छे, आरू पोराय आश छे, सासु उहडीस छे, आरू उहडीस सासु छे विरोध राखछे।
त्यो गर्दी छे भी कयो, "जव वादवो क पश्चिम छे उठतला देखीन तत्काल कयता होय कि साल होयछे, आरू ओसो ही हुयसे छे; आरू जव दक्षिण वाहवो चालती देखता होयतो कयता होय लहू चालसे, आरू ओसो हिय हुयसे छे। हे कपटीयो, धरती आरू आकाश क रूपरंगमा भेद करता छे होय पुन इनीये युग क विषयमा काय भेद करने नी जानता?"
तुमू आप ही न्याय काय नी कर लेता कि वात काय छे? जव तु आपने मुद्दे क साथ सरदार क साथे जाईन रया छे तो मार्ग हिय मा ओका सी छुटने क यत्न कर ले, ओसो नी होय कि वो तुखे न्यायी क साथे खेच लेय जाय, आरू न्यायी तुखे शिपाई क सौपे आरू शिपाई तुखे जेलमा नाक देय। हाव तुमछे कयता छे कि जब तक तु दमडी भर नी देसे तव तक वा छे छुटने नी पाये गा।
तुमरा स्वभाव लोभरहित होय, आरू जो तुमरे साथे छे तीनी पर सन्तोष करू काहकि त्यो आप ही कयो छे, "हाव तुखे कदी नी छुड़ीस; आरू नी कदी तुखे त्यागीस।"
अतरान करीन–करीन मे तुमू से कयतो छे, कि आपसा जीवन करीन यी चिंता नी करने कि हामु काय खासे, आरू काय पीसे, आरू नी आपसा डीलन करीन कि काय पेरसे, काय खानो से, आरू डील पर छिंदरा रयन मोटो नी।
आपसु मा एक जोसो मन राखु; डाहवाळा मा हयो, पुन दाहाड़ा साथे संगति राखु; आपनी दृष्टि मा बुध्दिमान मा हयो।
Paz e confiança
Quando sou fraco, sou forte. Na presença de Deus encontramos contentamento que o mundo não pode oferecer.
इनीये कारण हाव मसीह क करता निर्बलता मा, आरू निंदा मा आरू दरिद्रता मा, आरू झगड़ो करावनो मा, आरू संकट मा खुश छे; काहकि जव हाव निर्बल हुयसे छे, तो भी बलवन्त हुयसे छे।
फिलिप्पुस उका कयो, "हे पोरबु, बास काजे हामुक देखाड़ दे, यो हामरे करता खुब छे।"