Contentamento
O contentamento é a arte de estar satisfeito com o que Deus provê. Não é conformismo, mas confiança de que Deus supre toda necessidade segundo suas riquezas.
Aprender a estar contente
Aprendi a viver contente em toda situação. O contentamento com a piedade é grande fonte de lucro.
मैं यह अपनी किसी ज़रूरत की वजह से नहीं कह रहा, क्योंकि मैंने हर हालत में ख़ुश रहने का राज़ सीख लिया है।
मुझे दबाए जाने का तजरबा हुआ है और हर चीज़ कसरत से मुयस्सर होने का भी। मुझे हर हालत से ख़ूब वाक़िफ़ किया गया है, सेर होने से और भूका रहने से भी, हर चीज़ कसरत से मुयस्सर होने से और ज़रूरतमंद होने से भी।
ख़ुदातरस ज़िंदगी वाक़ई बहुत नफ़ा का बाइस है, लेकिन शर्त यह है कि इनसान को जो कुछ भी मिल जाए वह उस पर इकतिफ़ा करे।
हम दुनिया में अपने साथ क्या लाए? कुछ नहीं! तो हम दुनिया से निकलते वक़्त क्या कुछ साथ ले जा सकेंगे? कुछ भी नहीं! चुनाँचे अगर हमारे पास ख़ुराक और लिबास हो तो यह हमारे लिए काफ़ी होना चाहिए।
Livre da avareza
Guardai-vos da ganância. Seja o viver sem cobiça, contentando-vos com o que tendes. Deus nunca nos desamparará.
फिर उसने उनसे मज़ीद कहा, "ख़बरदार! हर क़िस्म के लालच से बचे रहना, क्योंकि इनसान की ज़िंदगी उसके मालो-दौलत की कसरत पर मुनहसिर नहीं।"
रियाकारी से ख़बरदार रहो!
इतने में कई हज़ार लोग जमा हो गए थे। बड़ी तादाद की वजह से वह एक दूसरे पर गिरे पड़ते थे। फिर ईसा अपने शागिर्दों से यह बात करने लगा, "फ़रीसियों के ख़मीर यानी रियाकारी से ख़बरदार! जो कुछ भी अभी छुपा हुआ है उसे आख़िर में ज़ाहिर किया जाएगा और जो कुछ भी इस वक़्त पोशीदा है उसका राज़ आख़िर में खुल जाएगा। इसलिए जो कुछ तुमने अंधेरे में कहा है वह रोज़े-रौशन में सुनाया जाएगा और जो कुछ तुमने अंदरूनी कमरों का दरवाज़ा बंद करके आहिस्ता आहिस्ता कान में बयान किया है उसका छतों से एलान किया जाएगा।
किससे डरना चाहिए?
मेरे अज़ीज़ो, उनसे मत डरना जो सिर्फ़ जिस्म को क़त्ल करते हैं और मज़ीद नुक़सान नहीं पहुँचा सकते। मैं तुमको बताता हूँ कि किससे डरना है। अल्लाह से डरो, जो तुम्हें हलाक करने के बाद जहन्नुम में फेंकने का इख़्तियार भी रखता है। जी हाँ, उसी से ख़ौफ़ खाओ।
क्या पाँच चिड़ियाँ दो पैसों में नहीं बिकतीं? तो भी अल्लाह हर एक की फ़िकर करके एक को भी नहीं भूलता। हाँ, बल्कि तुम्हारे सर के सब बाल भी गिने हुए हैं। लिहाज़ा मत डरो। तुम्हारी क़दरो-क़ीमत बहुत-सी चिड़ियों से कहीं ज़्यादा है।
मसीह का इक़रार या इनकार करने के नतीजे
मैं तुमको बताता हूँ, जो भी लोगों के सामने मेरा इक़रार करे उसका इक़रार इब्ने-आदम भी फ़रिश्तों के सामने करेगा। लेकिन जो लोगों के सामने मेरा इनकार करे उसका भी अल्लाह के फ़रिश्तों के सामने इनकार किया जाएगा।
और जो भी इब्ने-आदम के ख़िलाफ़ बात करे उसे मुआफ़ किया जा सकता है। लेकिन जो रूहुल-क़ुद्स के ख़िलाफ़ कुफ़र बके उसे मुआफ़ नहीं किया जाएगा।
जब लोग तुमको इबादतख़ानों में और हाकिमों और इख़्तियारवालों के सामने घसीटकर ले जाएंगे तो यह सोचते सोचते परेशान न हो जाना कि मैं किस तरह अपना दिफ़ा करूँ या क्या कहूँ, क्योंकि रूहुल-क़ुद्स तुमको उसी वक़्त सिखा देगा कि तुमको क्या कहना है।"
नादान अमीर की तमसील
किसी ने भीड़ में से कहा, "उस्ताद, मेरे भाई से कहें कि मीरास का मेरा हिस्सा मुझे दे।"
ईसा ने जवाब दिया, "भई, किसने मुझे तुम पर जज या तक़सीम करनेवाला मुक़र्रर किया है?" फिर उसने उनसे मज़ीद कहा, "ख़बरदार! हर क़िस्म के लालच से बचे रहना, क्योंकि इनसान की ज़िंदगी उसके मालो-दौलत की कसरत पर मुनहसिर नहीं।"
उसने उन्हें एक तमसील सुनाई। "किसी अमीर आदमी की ज़मीन में अच्छी फ़सल पैदा हुई। चुनाँचे वह सोचने लगा, ‘अब मैं क्या करूँ? मेरे पास तो इतनी जगह नहीं जहाँ मैं सब कुछ जमा करके रखूँ।’ फिर उसने कहा, ‘मैं यह करूँगा कि अपने गोदामों को ढाकर इनसे बड़े तामीर करूँगा। उनमें अपना तमाम अनाज और बाक़ी पैदावार जमा कर लूँगा। फिर मैं अपने आपसे कहूँगा कि लो, इन अच्छी चीज़ों से तेरी ज़रूरियात बहुत सालों तक पूरी होती रहेंगी। अब आराम कर। खा, पी और ख़ुशी मना।’ लेकिन अल्लाह ने उससे कहा, ‘अहमक़! इसी रात तू मर जाएगा। तो फिर जो चीज़ें तूने जमा की हैं वह किसकी होंगी?’
यही उस शख़्स का अंजाम है जो सिर्फ़ अपने लिए चीज़ें जमा करता है जबकि वह अल्लाह के सामने ग़रीब है।"
अल्लाह पर भरोसा
फिर ईसा ने अपने शागिर्दों से कहा, "इसलिए अपनी ज़िंदगी की ज़रूरियात पूरी करने के लिए परेशान न रहो कि हाय, मैं क्या खाऊँ। और जिस्म के लिए फ़िकरमंद न रहो कि हाय, मैं क्या पहनूँ। ज़िंदगी तो खाने से ज़्यादा अहम है और जिस्म पोशाक से ज़्यादा। कौवों पर ग़ौर करो। न वह बीज बोते, न फ़सलें काटते हैं। उनके पास न स्टोर होता है, न गोदाम। तो भी अल्लाह ख़ुद उन्हें खाना खिलाता है। और तुम्हारी क़दरो-क़ीमत तो परिंदों से कहीं ज़्यादा है। क्या तुममें से कोई फ़िकर करते करते अपनी ज़िंदगी में एक लमहे का भी इज़ाफ़ा कर सकता है? अगर तुम फ़िकर करने से इतनी छोटी-सी तबदीली भी नहीं ला सकते तो फिर तुम बाक़ी बातों के बारे में क्यों फ़िकरमंद हो? ग़ौर करो कि सोसन के फूल किस तरह उगते हैं। न वह मेहनत करते, न कातते हैं। लेकिन मैं तुम्हें बताता हूँ कि सुलेमान बादशाह अपनी पूरी शानो-शौकत के बावुजूद ऐसे शानदार कपड़ों से मुलब्बस नहीं था जैसे उनमें से एक। अगर अल्लाह उस घास को जो आज मैदान में है और कल आग में झोंकी जाएगी ऐसा शानदार लिबास पहनाता है तो ऐ कमएतक़ादो, वह तुमको पहनाने के लिए क्या कुछ नहीं करेगा?
इसकी तलाश में न रहना कि क्या खाओगे या क्या पियोगे। ऐसी बातों की वजह से बेचैन न रहो। क्योंकि दुनिया में जो ईमान नहीं रखते वही इन तमाम चीज़ों के पीछे भागते रहते हैं, जबकि तुम्हारे बाप को पहले से मालूम है कि तुमको इनकी ज़रूरत है। चुनाँचे उसी की बादशाही की तलाश में रहो। फिर यह तमाम चीज़ें भी तुमको मिल जाएँगी।
आसमान पर दौलत जमा करना
ऐ छोटे गल्ले, मत डरना, क्योंकि तुम्हारे बाप ने तुमको बादशाही देना पसंद किया। अपनी मिलकियत बेचकर ग़रीबों को दे देना। अपने लिए ऐसे बटवे बनवाओ जो नहीं घिसते। अपने लिए आसमान पर ऐसा ख़ज़ाना जमा करो जो कभी ख़त्म नहीं होगा और जहाँ न कोई चोर आएगा, न कोई कीड़ा उसे ख़राब करेगा। क्योंकि जहाँ तुम्हारा ख़ज़ाना है वहीं तुम्हारा दिल भी लगा रहेगा।
हर वक़्त तैयार नौकर
ख़िदमत के लिए तैयार खड़े रहो और इस पर ध्यान दो कि तुम्हारे चराग़ जलते रहें। यानी ऐसे नौकरों की मानिंद जिनका मालिक किसी शादी से वापस आनेवाला है और वह उसके लिए तैयार खड़े हैं। ज्योंही वह आकर दस्तक दे वह दरवाज़े को खोल देंगे। वह नौकर मुबारक हैं जिन्हें मालिक आकर जागते हुए और चौकस पाएगा। मैं तुमको सच बताता हूँ कि यह देखकर मालिक अपने कपड़े बदलकर उन्हें बिठाएगा और मेज़ पर उनकी ख़िदमत करेगा। हो सकता है मालिक आधी रात या इसके बाद आए। अगर वह इस सूरत में भी उन्हें मुस्तैद पाए तो वह मुबारक हैं। यक़ीन जानो, अगर किसी घर के मालिक को पता होता कि चोर कब आएगा तो वह ज़रूर उसे घर में नक़ब लगाने न देता। तुम भी तैयार रहो, क्योंकि इब्ने-आदम ऐसे वक़्त आएगा जब तुम इसकी तवक़्क़ो नहीं करोगे।"
वफ़ादार नौकर
पतरस ने पूछा, "ख़ुदावंद, क्या यह तमसील सिर्फ़ हमारे लिए है या सबके लिए?"
ख़ुदावंद ने जवाब दिया, "कौन-सा नौकर वफ़ादार और समझदार है? फ़र्ज़ करो कि घर के मालिक ने किसी नौकर को बाक़ी नौकरों पर मुक़र्रर किया हो। उस की एक ज़िम्मादारी यह भी है कि उन्हें वक़्त पर मुनासिब खाना खिलाए। वह नौकर मुबारक होगा जो मालिक की वापसी पर यह सब कुछ कर रहा होगा। मैं तुमको सच बताता हूँ कि यह देखकर मालिक उसे अपनी पूरी जायदाद पर मुक़र्रर करेगा। लेकिन फ़र्ज़ करो कि नौकर अपने दिल में सोचे, ‘मालिक की वापसी में अभी देर है।’ वह नौकरों और नौकरानियों को पीटने लगे और खाते-पीते वह नशे में रहे। अगर वह ऐसा करे तो मालिक ऐसे दिन और वक़्त आएगा जिसकी तवक़्क़ो नौकर को नहीं होगी। इन हालात को देखकर वह नौकर को टुकड़े टुकड़े कर डालेगा और उसे ग़ैरईमानदारों में शामिल करेगा।
जो नौकर अपने मालिक की मरज़ी को जानता है, लेकिन उसके लिए तैयारियाँ नहीं करता, न उसे पूरी करने की कोशिश करता है, उस की ख़ूब पिटाई की जाएगी। इसके मुक़ाबले में वह जो मालिक की मरज़ी को नहीं जानता और इस बिना पर कोई क़ाबिले-सज़ा काम करे उस की कम पिटाई की जाएगी। क्योंकि जिसे बहुत दिया गया हो उससे बहुत तलब किया जाएगा। और जिसके सुपुर्द बहुत कुछ किया गया हो उससे कहीं ज़्यादा माँगा जाएगा।
ईसा की वजह से इख़्तिलाफ़ पैदा होगा
मैं ज़मीन पर आग लगाने आया हूँ, और काश वह पहले ही भड़क रही होती! लेकिन अब तक मेरे सामने एक बपतिस्मा है जिसे लेना ज़रूरी है। और मुझ पर कितना दबाव है जब तक उस की तकमील न हो जाए। क्या तुम समझते हो कि मैं दुनिया में सुलह-सलामती क़ायम करने आया हूँ? नहीं, मैं तुमको बताता हूँ कि इसकी बजाए मैं इख़्तिलाफ़ पैदा करूँगा। क्योंकि अब से एक घराने के पाँच अफ़राद में इख़्तिलाफ़ होगा। तीन दो के ख़िलाफ़ और दो तीन के ख़िलाफ़ होंगे। बाप बेटे के ख़िलाफ़ होगा और बेटा बाप के ख़िलाफ़, माँ बेटी के ख़िलाफ़ और बेटी माँ के ख़िलाफ़, सास बहू के ख़िलाफ़ और बहू सास के ख़िलाफ़।"
मौजूदा हालात का सहीह नतीजा निकालना चाहिए
ईसा ने हुजूम से यह भी कहा, "ज्योंही कोई बादल मग़रिबी उफ़क़ से चढ़ता हुआ नज़र आए तो तुम कहते हो कि बारिश होगी। और ऐसा ही होता है। और जब जुनूबी लू चलती है तो तुम कहते हो कि सख़्त गरमी होगी। और ऐसा ही होता है। ऐ रियाकारो! तुम आसमानो-ज़मीन के हालात पर ग़ौर करके सहीह नतीजा निकाल लेते हो। तो फिर तुम मौजूदा ज़माने के हालात पर ग़ौर करके सहीह नतीजा क्यों नहीं निकाल सकते?
अपने मुख़ालिफ़ से समझौता करना
तुम ख़ुद सहीह फ़ैसला क्यों नहीं कर सकते? फ़र्ज़ करो कि किसी ने तुझ पर मुक़दमा चलाया है। अगर ऐसा हो तो पूरी कोशिश कर कि कचहरी में पहुँचने से पहले पहले मामला हल करके मुख़ालिफ़ से फ़ारिग़ हो जाए। ऐसा न हो कि वह तुझको जज के सामने घसीटकर ले जाए, जज तुझे पुलिस अफ़सर के हवाले करे और पुलिस अफ़सर तुझे जेल में डाल दे। मैं तुझे बताता हूँ, वहाँ से तू उस वक़्त तक नहीं निकल पाएगा जब तक जुर्माने की पूरी पूरी रक़म अदा न कर दे।"
आपकी ज़िंदगी पैसों के लालच से आज़ाद हो। उसी पर इकतिफ़ा करें जो आपके पास है, क्योंकि अल्लाह ने फ़रमाया है, "मैं तुझे कभी नहीं छोड़ूँगा, मैं तुझे कभी तर्क नहीं करूँगा।"
इसलिए मैं तुम्हें बताता हूँ, अपनी ज़िंदगी की ज़रूरियात पूरी करने के लिए परेशान न रहो कि हाय, मैं क्या खाऊँ और क्या पियूँ। और जिस्म के लिए फ़िकरमंद न रहो कि हाय, मैं क्या पहनूँ। क्या ज़िंदगी खाने-पीने से अहम नहीं है? और क्या जिस्म पोशाक से ज़्यादा अहमियत नहीं रखता?
एक दूसरे के साथ अच्छे ताल्लुक़ात रखें। ऊँची सोच न रखें बल्कि दबे हुओं से रिफ़ाक़त रखें। अपने आपको दाना मत समझें।
इनसाफ़ से थोड़ा-बहुत कमाना नाइनसाफ़ी से बहुत दौलत जमा करने से कहीं बेहतर है।
Paz e confiança
Quando sou fraco, sou forte. Na presença de Deus encontramos contentamento que o mundo não pode oferecer.
यही वजह है कि मैं मसीह की ख़ातिर कमज़ोरियों, गालियों, मजबूरियों, ईज़ारसानियों और परेशानियों में ख़ुश हूँ, क्योंकि जब मैं कमज़ोर होता हूँ तब ही मैं ताक़तवर होता हूँ।
यह सब कुछ सुनकर अय्यूब उठा। अपना लिबास फाड़कर उसने अपने सर के बाल मुँडवाए। फिर उसने ज़मीन पर गिरकर औंधे मुँह रब को सिजदा किया। वह बोला, "मैं नंगी हालत में माँ के पेट से निकला और नंगी हालत में कूच कर जाऊँगा। रब ने दिया, रब ने लिया, रब का नाम मुबारक हो!"
फ़िलिप्पुस ने कहा, "ऐ ख़ुदावंद, बाप को हमें दिखाएँ। बस यही हमारे लिए काफ़ी है।"