Conversão
A conversão é o ato de se voltar para Deus — arrependendo-se do pecado e abraçando a graça. É o início de uma vida nova, transformada pelo amor de Cristo.
Arrependei-vos
Arrependei-vos e convertei-vos para que os vossos pecados sejam apagados. A conversão começa com a mudança de mente e coração.
ऐको लाने मन फिराओ अर परमेस्वर कि ओर लोउट आओ ताकि तुम्हारो पाप ख माप कियो जाहे,
पतरस न ओसे कहयो, "मन फिराओ, अर अपना पाप हुन माफी पान को लाने तुम म से हर एक ख यीसु मसी क नाम से बपतिस्मा लेनू चहिए; अर तुम ख परमेस्वर को सुध्द आत्मा को वरदान मिलेगो।
ओको लाने परमेस्वर न अन्यता को बखतों पर ध्यान नी दियो, पर अब हर जगह सब इंसान को मन फिरान को आदेस देवह हैं।
उ बखत से यीसु प्रचार करन अर या खबर सुनान लग गयो, "मन फिराव, काहेकि स्वर्ग को राज्य नजीक आ गयो हैं।"
एकोलाने मन फिराव को लायक फल लाओ।
अर कहयो, "बखत पुरो भयो, अर परमेस्वर को राज्य नजीक आ गयो हैं; बुरा काम हुन से मन फिराव अर सुसमाचार पर भरोसा करो।"
O amor de Deus converte
Céu se alegra por um pecador que se arrepende. Deus não deseja a morte do ímpio, mas que se converta e viva.
मी तोसे कहू हैं कि असो तरीका से एक मन फिरान वालो पापी को बारे म भी स्वर्ग म इत्तो ही खुसी होय, जितनो कि निन्यानवे असा धर्मी हुन को बारे म नी होवा, जिन्हे का मन फिरानू की आवस्यकता नी।
मी तोसे कहूँ हैं कि इ ही रीति से एक मन फिरावन वाला पापी का विसय म परमेस्वर का स्वर्गदूत का सामने खुसी होवा हैं।"
मी धर्मियो का नी, पर पापियो को मन फिरानो को लियो बुलायो आयो हूँ।"
प्रभु अपनी वादा को बारा म देर नी करिये, जसो देर कुछ अदमी समझ हैं; पर तुमारो बारा म धीरज रखह हैं, अर नी चाह हैं कि कई नास होए, यानी यू कि सब को मन फिराव को मऊका मिलह हैं।
Transformação
Voltai-vos para mim e sereis salvos! Rasgai o coração e não as vestes. A verdadeira conversão transforma o interior.
मी जिन-जिन से प्रेम करु हैं, वी सब ख ड़ाट अर फटकार देऊ हैं; एकोलाने अंधन जसो गरम हो जा अर मन फिरा।
ऐको लाने अपनो उ आग ख मार डाले जे जमीन पर हैं, छिनाला करन वाली असुध्द, बुरो काम, बुरी इकछा अर लोब ख जे मूर्ति पूजा को बराबर हैं।
अर नी अपनो आग हुन ख अधर्म का हथियार होन का लाने पाप ख दियो, पर अपनो तुम ख मरो भयो म से जिन्दो हुयो जाना क परमेस्वर ख दियो, अर अपनो सरीर हुन ख धर्म ख हथियार होन का लाने परमेस्वर ख दियो।
अरे भैय्या हुन अर बहिन, अदि कोई अदमी कोई अपराध म पकड़ा भी जाय ते तुम जे आत्मिक हैं, नम्रता को संग असा ख संभालो, अर अपनी भी देख भाल रखनू कि तुम भी परीक्छा म मत पढ़नु।
एकोलाने पुरी मलिनता अर दुसमनी भाव की बढ़ती ख दुर कर ख उ वचन ख धीरे से ग्रहण कर ले जे दिल म बोयो गयो अर जे तुमरी जान हुन ख उध्दार कर सकह हैं।