Coragem
A coragem cristã não é ausência de medo — é confiança em Deus maior que todo temor. Sê forte e corajoso! é o chamado repetido do Senhor aos seus filhos.
Sê forte e corajoso
O Senhor é a minha luz e a minha salvação — de quem terei medo? Com coragem enfrentamos o mundo, porque Deus está conosco.
Coragem em Cristo
Não vos deu Deus espírito de covardia. Sede fortes na fé! O perfeito amor lança fora todo medo.
कयक परमशवर सझ डरफक न बणय ह, पर परमशवर द आतम सड मन ज मजबत करद ह, कन दजजय न पयर करण च सहयत करद ह, कन सझ सबर रखण सखद ह।
कयक परमशवर सझ डरफक न बणय ह, पर परमशवर द आतम सड मन ज मजबत करद ह, कन दजजय न पयर करण च सहयत करद ह, कन सझ सबर रखण सखद ह।
सबधन रय, लगतर भरस करद रय, सहस मण बण, कन परमशवर सग अपण रशत ज मजबत रख।
सबधन रय, लगतर भरस करद रय, सहस मण बण, कन परमशवर सग अपण रशत ज मजबत रख।
पयर च डर न हद, सदध पयर डर ज भ दर कर दनद ह, कयक जड डरद ह स सज ल डरद ह। जड डरद ह स पयर च सदध न हय ह।
कन कस भ गलल तई अपण वरधय ल डरद न। तहड हममत उन तई खतम द सफ चनह ह, पर तहड तई उदधर द, कन ऐ परमशवर दय तरफ ल ह।
मसह द जरय, जड मज शकत दनद ह, उद च म सब कछ कर सकद ह।
कयक तस ज गलम द आतम न मलय ह, क तस फर परमशवर ल डरन, पर तहज परमशवर द आतम मलल ह जल उन तस ज अपण बचच हण तई गद लय, जसन अस ह बप, ह पत बल कर पकरद न।
Não temas
Não temas, porque Eu sou contigo. Quando tiver medo, em ti confiarei. Deus é nosso escudo e fortaleza.
Conforto e encorajamento
O Deus de toda consolação nos consola em todas as tribulações. Coragem não falta a quem descansa em Deus.
सड परभ यश मसह द पत कन परमशवर द धनयबद ह, जड सझ पर दय कन सझ हमश तसलल दनद ह। स सझ सड सर दख च तसलल दनद ह; तक अस दजजय द दख च उन ज इय ह तसलल दई सकन जय परमशवर सझ दख च तसलल दनद ह।
अस उस मटय द भडय सई न जन च ऐ खजन रखय ह। इसल ऐ गलल सफ हई जद ह क, ऐ असम शकत सडय तरफ ल न ह, पर परमशवर दय तरफ ल ह। अस चर पस ल परशनय ल घरय रद न पर कद हर न मद; घबरद त हन, पर हममत न छडद। अस सतय त जद न, पर परमशवर सझ छडद न ह; डऐ त जद न पर, पर परमशवर सझ खतम न हण दनद। अस हमश उन दख ज अपण शरर च महसस करद न, जड दख यशऐ मरद बकत महसस कत थ; तक जड कमम अस करद न उद जरय लक यश द जनदग ज दख सकन।
कयक अस जद ज यश दय बज ल मत द खतर च र, तक यशऐ द जनदग भ सड मरण बल शरर पर परगट हऐ।
अपणय जनदगय ज पसय द ललच ल दर रख, कन जड तहड बल ह तस उस च ह खश रय; कयक परमशवर अप ह बलय ह, "म तज कद भ न छडग कन न ह कद तयगण ह।" इस तई अस बन डरय बलद न, "परभ, मर सहयत करद ह, म न डरण; मण मर कय बगड सकद ह।"
अगर तस हमश भल कमम करण द कशश करद न, त कई भ असल च तहड नकसन न कर सकद। पर अगर जड सह ह स करण दय बज ल अस दख झलद न, त असल च अस धनय हण। इस तई अगर कई लक सझ डरन, त डरद मत कन न ह घबरनय,
म तहज शत दनद ह, म अपण शत तहज दनद ह; ऐ स शत न ह जड ससर दई सकद ह। तस अपण मन ज दख कन डरय हय मत हण दय।
पर जल उन उसय झल पर चलद दखय, त स डडण लगग प, उन ज लगय क स भत ह, त स दखकर डर ग, कयक सर उसय दखकर घबरई गय थ। पर यशऐ उन न झट गलल कतय कन बलय, "हममत रख, डर मत, म यश ह।"