Corpo de Cristo
A Igreja é o Corpo de Cristo — organismo vivo onde cada membro tem função única e indispensável. Cristo é a cabeça; nós somos seus membros.
Um corpo, muitos membros
Assim como o corpo é um e tem muitos membros, assim é Cristo. Nós somos o corpo de Cristo e individualmente seus membros.
एक सरीर के निरे हिस्सा
जैसे सरीर एक है, और बाके अंग निरे हैं, पर अंग भौत होत भै भी बासे सरीर एकै बनथै, बैसिये मसीह है।
ऐसियै तुम सब मिलकै मसीह की सरीर हौ, और बटे भै अंग हौ।
का तुम नाय जानथौ, की तुमरो सरीर मसीह को अंग है? तौ का मैं मसीह के सरीर को अंग लैकै उनकै वेस्या को अंग बनामौं? कतई नाय!
जैसे हमरे सरीर मैं भौत से अंग हैं, और सब अंगन को एक सो काम नाय है। बैसिये हमउँ निरे हैं, मसीह मैं एक सरीर हुईकै आपसै मैं एक सरीर के अलग-अलग अंग हैं।
एकै सरीर है, और एकै आत्मा; जैसे कि जो आसा के ताहीं परमेस्वर तुमकै बुलाई है बौ भी एक है।
बाके बस मैं सरीर के सबै अलग-अलग हिस्सा एक संग ठीक तरीका से बैठे होथैं, और पूरे सरीर कै एक संग हर जोर गाँठ से रखो जाथै, जैसे कि होनो चाहिए तभई जब हर अलग हिस्सा काम करथै तौ पूरो सरीर बढ़थै, कि बौ प्रेम मैं उन्नति करत जाए।
Cristo, a cabeça
Ele é a cabeça do corpo, que é a igreja. O corpo cresce e se edifica em amor quando cada parte faz o seu trabalho.
बौ अपने सरीर को मुखिया है, मतलब कलीसिया को मूड़; बहे तौ सरीर की जिंदगी को स्रोत है। बौ पहलोठो लौड़ा है। जहे मारे बाकै मरन से उठाओ गौ रहै। ताकी बौ सबै चीजन मैं पहली जघा पाबै।
कलीसिया को सेवक होन के नाते पौलुस को काम
अब मैं बे दुखन की बजह से खुसी मनाथौं, जो तुमरे ताहीं दुख उठाथौं, और मसीह के कलेस की घटी बाके सरीर के ताहीं जैसो कि कलीसिया के ताहीं अपने सरीर मैं पूरी कर देथौं।
मसीह की सांति, जोके ताहीं तुम एक सरीर हुईकै बुलाए गै हौ, तुमरे मन मैं राज करै, और तुम धन्यबादी बने रहबौ।
हममैं से कोईये अपने सरीर कै कहुओ घिनौनाे नाय मानथै। जाके अलावा हम बाकै खबाथैं, और बाकी देखाभारी करथैं; जैसो मसीह कलीसिया की करथै। हम बाके सरीर के हिस्सा हैं।