Criação
A criação revela a glória de Deus. Céus, terra, mares e tudo o que existe testemunham o poder criador. No princípio Deus criou — e tudo era muito bom.
No princípio
No princípio criou Deus os céus e a terra. O Espírito de Deus pairava sobre as águas. E Deus disse: haja luz.
दुनिया की तख़लीक़ का पहला दिन : रौशनी
इब्तिदा में अल्लाह ने आसमान और ज़मीन को बनाया। अभी तक ज़मीन वीरान और ख़ाली थी। वह गहरे पानी से ढकी हुई थी जिसके ऊपर अंधेरा ही अंधेरा था। अल्लाह का रूह पानी के ऊपर मँडला रहा था।
अल्लाह ने कहा, "आओ अब हम इनसान को अपनी सूरत पर बनाएँ, वह हमसे मुशाबहत रखे। वह तमाम जानवरों पर हुकूमत करे, समुंदर की मछलियों पर, हवा के परिंदों पर, मवेशियों पर, जंगली जानवरों पर और ज़मीन पर के तमाम रेंगनेवाले जानदारों पर।"
यों अल्लाह ने इनसान को अपनी सूरत पर बनाया, अल्लाह की सूरत पर। उसने उन्हें मर्द और औरत बनाया।
अल्लाह ने सातवें दिन को बरकत दी और उसे मख़सूसो-मुक़द्दस किया। क्योंकि उस दिन उसने अपने तमाम तख़लीक़ी काम से फ़ारिग़ होकर आराम किया।
रब ख़ुदा ने कहा, "अच्छा नहीं कि आदमी अकेला रहे। मैं उसके लिए एक मुनासिब मददगार बनाता हूँ।"
O poder criador
Pela palavra do Senhor foram feitos os céus. Tudo foi criado por Ele e para Ele — o visível e o invisível.
रब के कहने पर आसमान ख़लक़ हुआ, उसके मुँह के दम से सितारों का पूरा लशकर वुजूद में आया।
इससे पहले कि पहाड़ पैदा हुए और तू ज़मीन और दुनिया को वुजूद में लाया तू ही था। ऐ अल्लाह, तू अज़ल से अबद तक है।
आओ हम सिजदा करें और रब अपने ख़ालिक़ के सामने झुककर घुटने टेकें।
इनसान का वफ़ादार मुहाफ़िज़
ज़ियारत का गीत।
मैं अपनी आँखों को पहाड़ों की तरफ़ उठाता हूँ। मेरी मदद कहाँ से आती है?
मेरी मदद रब से आती है, जो आसमानो-ज़मीन का ख़ालिक़ है।
रब का नाम, हाँ उसी का नाम हमारा सहारा है जो आसमानो-ज़मीन का ख़ालिक़ है।
इसी दिन रब ने अपनी क़ुदरत दिखाई है। आओ, हम शादियाना बजाकर उस की ख़ुशी मनाएँ।
क्योंकि तूने मेरा बातिन बनाया है, तूने मुझे माँ के पेट में तश्कील दिया है।
मैं तेरा शुक्र करता हूँ कि मुझे जलाली और मोजिज़ाना तौर से बनाया गया है। तेरे काम हैरतअंगेज़ हैं, और मेरी जान यह ख़ूब जानती है।
Criador e Sustentador
O Deus eterno não se cansa nem se fatiga. Dele, por Ele e para Ele são todas as coisas — a Ele seja a glória.
क्या तुझे मालूम नहीं, क्या तूने नहीं सुना कि रब लाज़वाल ख़ुदा और दुनिया की इंतहा तक का ख़ालिक़ है? वह कभी नहीं थकता, कभी निढाल नहीं होता। कोई भी उस की समझ की गहराइयों तक नहीं पहुँच सकता।
अपने ख़ालिक़ पर इलज़ाम लगानेवाले पर अफ़सोस
उस पर अफ़सोस जो अपने ख़ालिक़ से झगड़ा करता है, गो वह मिट्टी के टूटे-फूटे बरतनों का ठीकरा ही है। क्या गारा कुम्हार से पूछता है, "तू क्या बना रहा है?" क्या तेरी बनाई हुई कोई चीज़ तेरे बारे में शिकायत करती है, "उस की कोई ताक़त नहीं"?
‘ऐ रब क़ादिरे-मुतलक़, तूने अपना हाथ बढ़ाकर बड़ी क़ुदरत से आसमानो-ज़मीन को बनाया, तेरे लिए कोई भी काम नामुमकिन नहीं।
वह आसमान पर अपना बालाखाना तामीर करता और ज़मीन पर अपने तहख़ाने की बुनियाद डालता है। वह समुंदर का पानी बुलाकर रूए-ज़मीन पर उंडेल देता है। उसी का नाम रब है!
क्योंकि सब कुछ उसी ने पैदा किया है, सब कुछ उसी के ज़रीए और उसी के जलाल के लिए क़ायम है। उसी की तमजीद अबद तक होती रहे! आमीन।
क्योंकि दुनिया की तख़लीक़ से लेकर आज तक इनसान अल्लाह की अनदेखी फ़ितरत यानी उस की अज़ली क़ुदरत और उलूहियत मख़लूक़ात का मुशाहदा करने से पहचान सकता है। इसलिए उनके पास कोई उज़्र नहीं।
हाँ, तमाम कायनात यह देखने के लिए तड़पती है कि अल्लाह के फ़रज़ंद ज़ाहिर हो जाएँ,
Nova criação
Se alguém está em Cristo, nova criatura é. O Criador faz novas todas as coisas — na natureza e na redenção.
चुनाँचे जो मसीह में है वह नया मख़लूक़ है। पुरानी ज़िंदगी जाती रही और नई ज़िंदगी शुरू हो गई है।
हाँ, हम उसी की मख़लूक़ हैं जिन्हें उसने मसीह में नेक काम करने के लिए ख़लक़ किया है। और यह काम उसने पहले से हमारे लिए तैयार कर रखे हैं, क्योंकि वह चाहता है कि हम उन्हें सरंजाम देते हुए ज़िंदगी गुज़ारें।
उसी ने अपनी मरज़ी से हमें सच्चाई के कलाम के वसीले से पैदा किया। यों हम एक तरह से उस की तमाम मख़लूक़ात का पहला फल हैं।
क्योंकि हर घर को किसी न किसी ने बनाया होता है, जबकि अल्लाह ने सब कुछ बनाया है।
क्योंकि उसमें हम जीते, हरकत करते और वुजूद रखते हैं। आपके अपने कुछ शायरों ने भी फ़रमाया है, ‘हम भी उसके फ़रज़ंद हैं।’
फिर मैंने आसमान पर, ज़मीन पर, ज़मीन के नीचे और समुंदर की हर मख़लूक़ की आवाज़ें सुनीं। हाँ, कायनात की सब मख़लूक़ात यह गा रहे थे,
"तख़्त पर बैठनेवाले और लेले की सताइश और इज़्ज़त,
जलाल और क़ुदरत अज़ल से अबद तक रहे।"