Crianças
As crianças ocupam lugar especial no coração de Deus. A Bíblia instrui a educá-las, protegê-las e ensiná-las nos caminhos do Senhor desde cedo — formando gerações que temem a Deus.
Herança do Senhor
Os filhos são herança do Senhor. Eles são presentes de Deus — cada criança é um milagre e uma responsabilidade sagrada.
देखो, बच्चे यहोवा के दिए हुए भाग हैंबच्चे यहोवा के दिए हुए भाग हैं: वे प्रकृति की ओर से परमेश्वर की भक्ति का प्रतिफल हैं वे परमेश्वर की प्रतिज्ञा के अनुसार आशीषें हैं।,
गर्भ का फल उसकी ओर से प्रतिफल है।
हमारे बेटे जवानी के समय पौधों के समान बढ़े हुए होंहमारे बेटे जवानी के समय पौधों के समान बढ़े हुए हों: अर्थात् आरम्भिक जीवन ही में वे स्वस्थ, बलवन्त, जीवन्त, गठे हुए रहे हों।,
और हमारी बेटियाँ उन कोनेवाले खम्भों के समान हों, जो महल के लिये बनाए जाएँ;
तूने मेरे अंदरूनी अंगों को बनाया है;
तूने मुझे माता के गर्भ में रचा।
मैं तेरा धन्यवाद करूँगा, इसलिए कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गयामैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया: भयानक अर्थात् भयभीत करनेवाली बातें जिनसे भय या श्रद्धा उत्पन्न होती है। अद्भुत रीति से रचा गया: का वास्तविक अर्थ है, विशिष्ट: या पृथक:। हूँ।
तेरे काम तो आश्चर्य के हैं,
और मैं इसे भली भाँति जानता हूँ। (प्रका. 15:3)
जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे?
तेरे वचन का पालन करने से।
जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे?
तेरे वचन का पालन करने से।
हे बच्चों, आओ मेरी सुनो,
मैं तुम को यहोवा का भय मानना सिखाऊँगा।
Instruir as crianças
Instrui a criança no caminho em que deve andar. A educação cristã é mandamento repetido através de toda a Escritura.
लड़के को उसी मार्ग की शिक्षा दे जिसमें उसको चलना चाहिये,
और वह बुढ़ापे में भी उससे न हटेगा। (इफि. 6:4)
लड़के को उसी मार्ग की शिक्षा दे जिसमें उसको चलना चाहिये,
और वह बुढ़ापे में भी उससे न हटेगा। (इफि. 6:4)
लड़के को उसी मार्ग की शिक्षा दे जिसमें उसको चलना चाहिये,
और वह बुढ़ापे में भी उससे न हटेगा। (इफि. 6:4)
लड़के के मन में मूर्खता की गाँठ बंधी रहती है,
परन्तु अनुशासन की छड़ी के द्वारा वह खोलकर उससे दूर की जाती है।
लड़के के मन में मूर्खता की गाँठ बंधी रहती है,
परन्तु अनुशासन की छड़ी के द्वारा वह खोलकर उससे दूर की जाती है।
जो बेटे पर छड़ी नहीं चलाता वह उसका बैरी है,
परन्तु जो उससे प्रेम रखता, वह यत्न से उसको शिक्षा देता है।
बुद्धिमान पुत्र पिता की शिक्षा सुनता है,
परन्तु ठट्ठा करनेवाला घुड़की को भी नहीं सुनता।
हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना;
अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना;
क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी,
और तू अधिक कुशल से रहेगा।
हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना;
अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना;
जैसे पिता अपने प्रिय पुत्र को डाँटता है,
वैसे ही यहोवा जिससे प्रेम रखता है उसको डाँटता है। (इफि. 6:4, इब्रा. 12:5-7)
और मेरा पिता मुझे यह कहकर सिखाता था,
"तेरा मन मेरे वचन पर लगा रहे;
तू मेरी आज्ञाओं का पालन कर, तब जीवित रहेगा।
बुद्धि को प्राप्त कर, समझ को भी प्राप्त कर;
उनको भूल न जाना, न मेरी बातों को छोड़ना।
Disciplinar com amor
A vara e a repreensão dão sabedoria. A disciplina produz o fruto pacífico da justiça nos que são exercitados por ela.
छड़ी और डाँट से बुद्धि प्राप्त होती है,
परन्तु जो लड़का ऐसे ही छोड़ा जाता है वह अपनी माता की लज्जा का कारण होता है।
लड़के की ताड़ना न छोड़नालड़के की ताड़ना न छोड़ना: अर्थात् आपकी ताड़ना से आपके पुत्र की मृत्यु नहीं होगी परन्तु आपका उसको ताड़ना ना देना उसे बुराई की मृत्यु की ओर ले जायेगा। ;
क्योंकि यदि तू उसको छड़ी से मारे, तो वह न मरेगा।
अपने जन्मानेवाले पिता की सुनना,
और जब तेरी माता बुढ़िया हो जाए, तब भी उसे तुच्छ न जानना।
सच्चाई को मोल लेना, बेचना नहीं;
और बुद्धि और शिक्षा और समझ को भी मोल लेना।
जो पुत्र अपने बाप को उजाड़ता, और अपनी माँ को भगा देता है,
वह अपमान और लज्जा का कारण होगा।
जो निर्धन खराई से चलता है,
वह उस मूर्ख से उत्तम है जो टेढ़ी बातें बोलता है।
वह व्यक्ति जो अपनी सत्यनिष्ठा पर चलता है,
उसके पुत्र जो उसके पीछे चलते हैं, वे धन्य हैं।
लड़का भी अपने कामों से पहचाना जाता है,
कि उसका काम पवित्र और सीधा है, या नहीं।
मूर्ख पुत्र से पिता उदास होता है,
और उसकी जननी को शोक होता है।
बूढ़ों की शोभा उनके नाती पोते हैं;
और बाल-बच्चों की शोभा उनके माता-पिता हैं।
बूढ़ों की शोभा उनके नाती पोते हैं;
और बाल-बच्चों की शोभा उनके माता-पिता हैं।
मूर्ख अपने पिता की शिक्षा का तिरस्कार करता है,
परन्तु जो डाँट को मानता, वह विवेकी हो जाता है।
बुद्धिमान पुत्र से पिता आनन्दित होता है,
परन्तु मूर्ख अपनी माता को तुच्छ जानता है।
जो व्यवस्था का पालन करता वह समझदार सुपूत होता है,
परन्तु उड़ाऊ का संगी अपने पिता का मुँह काला करता है।
हे मेरे पुत्र, अपने पिता की शिक्षा पर कान लगा,
और अपनी माता की शिक्षा को न तज;
क्योंकि वे मानो तेरे सिर के लिये शोभायमान मुकुट,
और तेरे गले के लिये माला होगी।
"इसलिए अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो;
क्या ही धन्य हैं वे जो मेरे मार्ग को पकड़े रहते हैं।
शिक्षा को सुनो, और बुद्धिमान हो जाओ,
उसको अनसुना न करो।
Obediência e promessa
Filhos, obedecei a vossos pais no Senhor. Honra a teu pai e tua mãe para que viva muito tempo sobre a terra.
हे बच्चों, प्रभु में अपने माता-पिता के आज्ञाकारी बनो, क्योंकि यह उचित है। "अपनी माता और पिता का आदर कर (यह पहली आज्ञा है, जिसके साथ प्रतिज्ञा भी है), कि तेरा भला हो, और तू धरती पर बहुत दिन जीवित रहे।" (निर्ग. 20:12, व्यव. 5:16)
और हे पिताओं, अपने बच्चों को रिस न दिलाओ परन्तु प्रभु की शिक्षा, और चेतावनी देते हुए, उनका पालन-पोषण करो। (व्यव. 6:7, नीति. 3:11,12 नीति. 19:18, नीति. 22:6, कुलु. 3:2)
और हे पिताओं, अपने बच्चों को रिस न दिलाओ परन्तु प्रभु की शिक्षा, और चेतावनी देते हुए, उनका पालन-पोषण करो। (व्यव. 6:7, नीति. 3:11,12 नीति. 19:18, नीति. 22:6, कुलु. 3:2)
इसलिए प्रिय बच्चों के समान परमेश्वर का अनुसरण करो;
हे बच्चों, सब बातों में अपने-अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करो, क्योंकि प्रभु इससे प्रसन्न होता है।
हे पिताओं, अपने बच्चों को भड़काया न करो, न हो कि उनका साहस टूट जाए।
और ये आज्ञाएँ जो मैं आज तुझको सुनाता हूँ वे तेरे मन में बनी रहें और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। (इफि. 6:4)
और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। (इफि. 6:4)
और तू उसकी विधियों और आज्ञाओं को जो मैं आज तुझे सुनाता हूँ मानना, इसलिए कि तेरा और तेरे पीछे तेरे वंश का भी भला हो, और जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसमें तेरे दिन बहुत वरन् सदा के लिये हों।"
इन बातों को जिनकी आज्ञा मैं तुझे सुनाता हूँ चित्त लगाकर सुन, कि जब तू वह काम करे जो तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में भला और ठीक है, तब तेरा और तेरे बाद तेरे वंश का भी सदा भला होता रहे।
तब उसने उनसे कहा, "जितनी बातें मैं आज तुम से चिताकर कहता हूँ उन सब पर अपना-अपना मन लगाओ, और उनके अर्थात् इस व्यवस्था की सारी बातों के मानने में चौकसी करने की आज्ञा अपने बच्चों को दो। क्योंकि यह तुम्हारे लिये व्यर्थ काम नहीं, परन्तु तुम्हारा जीवन ही है, और ऐसा करने से उस देश में तुम्हारी आयु के दिन बहुत होंगे, जिसके अधिकारी होने को तुम यरदन पार जा रहे हो।"
Crianças e o reino
Deixai vir a mim as crianças. Jesus honrou as crianças como modelo de fé e humildade para todo o seu povo.
यीशु ने कहा, "बालकों को मेरे पास आने दो, और उन्हें मना न करो, क्योंकि स्वर्ग का राज्य ऐसों ही का है।"
यीशु ने कहा, "बालकों को मेरे पास आने दो, और उन्हें मना न करो, क्योंकि स्वर्ग का राज्य ऐसों ही का है।"
उसी समय चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे, "स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है?" इस पर उसने एक बालक को पास बुलाकर उनके बीच में खड़ा किया, और कहा, "मैं तुम से सच कहता हूँ, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश नहीं कर पाओगे। जो कोई अपने आपको इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा।
और कहा, "मैं तुम से सच कहता हूँ, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश नहीं कर पाओगे। जो कोई अपने आपको इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा। और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है।
"देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूँ, कि स्वर्ग में उनके स्वर्गदूत मेरे स्वर्गीय पिता का मुँह सदा देखते हैं।
उसी समय यीशु ने कहा, "हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु, मैं तेरा धन्यवाद करता हूँ, कि तूने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया है।
"धन्य हैं वे, जो मेल करवानेवाले हैं, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र कहलाएँगे।
फिर लोग बालकों को उसके पास लाने लगे, कि वह उन पर हाथ रखे; पर चेलों ने उनको डाँटा। यीशु ने यह देख क्रुद्ध होकर उनसे कहा, "बालकों को मेरे पास आने दो और उन्हें मना न करो, क्योंकि परमेश्वर का राज्य ऐसों ही का है।
और उसने एक बालक को लेकर उनके बीच में खड़ा किया, और उसको गोद में लेकर उनसे कहा, "जो कोई मेरे नाम से ऐसे बालकों में से किसी एक को भी ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो कोई मुझे ग्रहण करता, वह मुझे नहीं, वरन् मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है।"
और यीशु बुद्धि और डील-डौल में और परमेश्वर और मनुष्यों के अनुग्रह में बढ़ता गया। (1 शमू. 2:26, नीति. 3:4)
भोजन करने के बाद यीशु ने शमौन पतरस से कहा, "हे शमौन, यूहन्ना के पुत्र, क्या तू इनसे बढ़कर मुझसे प्रेम रखता है?" उसने उससे कहा, "हाँ प्रभु; तू तो जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूँ।" उसने उससे कहा, "मेरे मेम्नों को चरा।"
Identidade e crescimento
Somos filhos de Deus pelo Espírito de adoção. Crescer em Cristo é amadurecer em fé, obediência e amor ao próximo.
परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात् उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं
इसलिए कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं।
क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिससे हम हे अब्बा, हे पिता कहकर पुकारते हैं।
पवित्र आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं।
क्योंकि सृष्टि बड़ी आशा भरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की प्रतीक्षा कर रही है।
क्योंकि तुम सब उस विश्वास करने के द्वारा जो मसीह यीशु पर है, परमेश्वर की सन्तान हो। और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहन लिया है।
देखो, पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएँ, और हम हैं भी; इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि उसने उसे भी नहीं जाना।
हे प्रियों, अब हम परमेश्वर की सन्तान हैं, और अब तक यह प्रगट नहीं हुआ, कि हम क्या कुछ होंगे! इतना जानते हैं, कि जब यीशु मसीह प्रगट होगा तो हम भी उसके समान होंगे, क्योंकि हम उसको वैसा ही देखेंगे जैसा वह है। और जो कोई उस पर यह आशा रखता है, वह अपने आपको वैसा ही पवित्र करता है, जैसा वह पवित्र है।
हे बालकों, मैं तुम्हें इसलिए लिखता हूँ, कि उसके नाम से तुम्हारे पाप क्षमा हुए। (भज. 25:11)
हे बालकों, अपने आपको मूरतों से बचाए रखो।
अपने घर का अच्छा प्रबन्ध करता हो, और बाल-बच्चों को सारी गम्भीरता से अधीन रखता हो।
पर यदि कोई अपने रिश्तेदारों की, विशेष रूप से अपने परिवार की चिन्ता न करे, तो वह विश्वास से मुकर गया है, और अविश्वासी से भी बुरा बन गया है।
और तुम उस उपदेश को जो तुम को पुत्रों के समान दिया जाता है, भूल गए हो:
"हे मेरे पुत्र, प्रभु की ताड़ना को हलकी बात न जान,
और जब वह तुझे घुड़के तो साहस न छोड़।
क्योंकि प्रभु, जिससे प्रेम करता है, उसको अनुशासित भी करता है;
और जिसे पुत्र बना लेता है, उसको ताड़ना भी देता है।"
तुम दुःख को अनुशासन समझकर सह लो; परमेश्वर तुम्हें पुत्र जानकर तुम्हारे साथ बर्ताव करता है, वह कौन सा पुत्र है, जिसकी ताड़ना पिता नहीं करता? (नीति. 3:11,12, व्यव. 8:5, 2 शमू. 7:14) यदि वह ताड़ना जिसके भागी सब होते हैं, तुम्हारी नहीं हुई, तो तुम पुत्र नहीं, पर व्यभिचार की सन्तान ठहरे! फिर जबकि हमारे शारीरिक पिता भी हमारी ताड़ना किया करते थे और हमने उनका आदर किया, तो क्या आत्माओं के पिता के और भी अधीन न रहें जिससे हम जीवित रहें।
और वर्तमान में हर प्रकार की ताड़ना आनन्द की नहीं, पर शोक ही की बात दिखाई पड़ती है, तो भी जो उसको सहते-सहते पक्के हो गए हैं, बाद में उन्हें चैन के साथ धार्मिकता का प्रतिफल मिलता है।
उन्होंने कहा, "प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा।"
जवानी की अभिलाषाओं से भाग; और जो शुद्ध मन से प्रभु का नाम लेते हैं, उनके साथ धार्मिकता, और विश्वास, और प्रेम, और मेल-मिलाप का पीछा कर।
और जो बातें तूने बहुत गवाहों के सामने मुझसे सुनी हैं, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों।
Transmitir a fé
Contaremos à geração vindoura os louvores do Senhor. O legado de fé é o maior presente que damos aos nossos filhos.
तेरे सब लड़के यहोवा के सिखाए हुए होंगे, और उनको बड़ी शान्ति मिलेगी। (भज. 119:165, यूह. 6:45)
तेरे सब लड़के यहोवा के सिखाए हुए होंगे, और उनको बड़ी शान्ति मिलेगी। (भज. 119:165, यूह. 6:45)
जीवित, हाँ जीवित ही तेरा धन्यवाद करता है, जैसा मैं आज कर रहा हूँ;
पिता तेरी सच्चाई का समाचार पुत्रों को देता है।
"क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूध पीते बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हाँ, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। देख, मैंने तेरा चित्र अपनी हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के सामने बनी रहती है।
तब मैं देखकर उठा, और रईसों और हाकिमों और सब लोगों से कहा, "उनसे मत डरो; प्रभु जो महान और भययोग्य है, उसी को स्मरण करके, अपने भाइयों, बेटों, बेटियों, स्त्रियों और घरों के लिये युद्ध करना।"
वह बालक शमूएल एली के सामने यहोवा की सेवा टहल करता था। उन दिनों में यहोवा का वचन दुर्लभ था; और दर्शन कम मिलता था।
मुझे इससे बढ़कर और कोई आनन्द नहीं, कि मैं सुनूँ, कि मेरे बच्चे सत्य पर चलते हैं।
मुझे इससे बढ़कर और कोई आनन्द नहीं, कि मैं सुनूँ, कि मेरे बच्चे सत्य पर चलते हैं।
उन्हें हम उनकी सन्तान से गुप्त न रखेंगे,
परन्तु होनहार पीढ़ी के लोगों से,
यहोवा का गुणानुवाद और उसकी सामर्थ्य
और आश्चर्यकर्मों का वर्णन करेंगे। (व्यव. 4:9, यहो. 4:6,7, इफि. 6:4)
उसने तो याकूब में एक चितौनी ठहराई,
और इस्राएल में एक व्यवस्था चलाई,
जिसके विषय उसने हमारे पितरों को आज्ञा दी,
कि तुम इन्हें अपने-अपने बाल-बच्चों को बताना;
कि आनेवाली पीढ़ी के लोग, अर्थात् जो बच्चे उत्पन्न होनेवाले हैं, वे इन्हें जानें;
और अपने-अपने बाल-बच्चों से इनका बखान करने में उद्यत हों,
जिससे वे परमेश्वर का भरोसा रखें, परमेश्वर के बड़े कामों को भूल न जाएँ,
परन्तु उसकी आज्ञाओं का पालन करते रहें;