Tomar uma decisão
Tomar decisões com sabedoria é um dos maiores desafios da vida. A Bíblia nos ensina a buscar a Deus em oração, na Palavra e no conselho, confiando que Ele dirige os nossos passos.
Buscar a Deus
Se algum de vós tem falta de sabedoria, peça a Deus. Ele dá generosamente e sem repreensão a todos os que pedem.
लेकिन अगर तुम में से किसी में हिक्मत की कमी हो तो ख़ुदा से माँगे जो बग़ैर मलामत किए सब को बहुतायत के साथ देता है। उसको दी जाएगी।
और हमे जो उसके सामने दिलेरी है, उसकी वजह ये है कि अगर उसकी मर्ज़ी के मुवाफ़िक़ कुछ माँगते हैं, तो वो हमारी सुनता है।
अगर अपने गुनाहों का इक़रार करें, तो वो हमारे गुनाहों को मु’आफ़ करने और हमें सारी नारास्ती से पाक करने में सच्चा और 'आदिल है।
सारे दिल से ख़ुदावन्द पर भरोसा कर,
और अपनी समझ पर इत्मिनान न कर।
अपनी सब राहों में उसको पहचान,
और वह तेरी रहनुमाई करेगा।
अपनी सब राहों में उसको पहचान,
और वह तेरी रहनुमाई करेगा।
क्यूँकि मैं तुम्हारे हक़ में अपने ख़यालात को जानता हूँ, ख़ुदावन्द फ़रमाता है, या’नी सलामती के ख़यालात, बुराई के नहीं; ताकि मैं तुम को नेक अन्जाम की उम्मीद बख़्शूँ।
Conselho e direção
Onde não há conselho os planos se frustam. Toda Escritura é útil para nos guiar nas decisões da vida.
नेक सलाह के बगै़र लोग तबाह होते हैं,
लेकिन सलाहकारों की कसरत में सलामती है।
पर्ची गोद में डाली जाती है,
लेकिन उसका सारा इन्तिज़ाम ख़ुदावन्द की तरफ़ से है।
जो अपने आप को सब से अलग रखता है, अपनी ख़्वाहिश का तालिब है,
और हर मा’कूल बात से बरहम होता है।
बेवक़ूफ़ समझ से ख़ुश नहीं होता,
लेकिन सिर्फ़ इस से कि अपने दिल का हाल ज़ाहिर करे।
शरीर के साथ हिकारत आती है,
और रुस्वाई के साथ ना क़द्री।
इंसान के मुँह की बातें गहरे पानी की तरह है
और हिकमत का चश्मा बहता नाला है।
शरीर की तरफ़दारी करना,
या 'अदालत में सादिक़ से बेइन्साफ़ी करना, अच्छा नहीं।
बेवक़ूफ़ के होंट फ़ितनाअंगेज़ी करते हैं,
और उसका मुँह तमाँचों के लिए पुकारता है।
बेवक़ूफ़ का मुँह उसकी हलाकत है,
और उसके होंट उसकी जान के लिए फन्दा हैं।
ग़ैबतगो की बातें लज़ीज़ निवाले हैं
और वह खू़ब हज़्म हो जाती हैं।
काम में सुस्ती करने वाला,
फ़ुज़ूल ख़र्च का भाई है।
ख़ुदावन्द का नाम मज़बूत बुर्ज है,
सादिक़ उस में भाग जाता है और अम्न में रहता है
दौलतमन्द आदमी का माल उसका मज़बूत शहर,
और उसके तसव्वुर में ऊँची दीवार की तरह है।
आदमी के दिल में तकब्बुर हलाकत का पेशरौ है,
और फ़रोतनी 'इज़्ज़त की पेशवा।
जो बात सुनने से पहले उसका जवाब दे,
यह उसकी बेवक़ूफ़ी और शर्मिन्दगी है।
इंसान की रूह उसकी नातवानी में उसे संभालेगी,
लेकिन अफ़सुर्दा दिली को कौन बर्दाश्त कर सकता है?
हर एक सहीफ़ा जो ख़ुदा के इल्हाम से है ता’लीम और इल्ज़ाम और इस्लाह और रास्तबाज़ी में तरबियत करने के लिए फ़ाइदे मन्द भी है।
ताकि मर्दे ख़ुदा कामिल बने और हर एक नेक काम के लिए बिल्कुल तैयार हो जाए।
और उन्होंने मूसिया के क़रीब पहुँचकर बितूनिया सूबे में जाने की कोशिश की मगर ईसा की रूह ने उन्हें जाने न दिया।
अन्ताकिया में उस कलीसिया के मुता’ल्लिक़ जो वहाँ थी, कई नबी और मु’अल्लिम थे या’नी बरनबास और शमौन जो काला कहलाता है, और लुकियुस कुरेनी और मनाहेम जो चौथाई मुल्क के हाकिम हेरोदेस के साथ पला था, और साऊल। जब वो ख़ुदावन्द की इबादत कर रहे और रोज़े रख रहे थे, तो रूह — उल — क़ुद्दूस ने कहा, "मेरे लिए बरनबास और साऊल को उस काम के वास्ते मख़्सूस कर दो जिसके वास्ते में ने उनको बुलाया है।" तब उन्हों ने रोज़ा रख कर और दुआ करके और उन पर हाथ रखकर उन्हें रुख़्सत किया।
Confiar e seguir
Seja o que for que façais, fazei tudo para a glória de Deus. O sábio ouve a Deus antes de agir.
पस तुम खाओ या पियो जो कुछ करो ख़ुदा के जलाल के लिए करो।
ग़रज़, हम गवाहों के इतने बड़े लश्कर से घिरे रहते हैं, इस लिए आएँ, हम सब कुछ उतारें जो हमारे लिए रुकावट का ज़रिया बन गया है, हर गुनाह को जो हमें आसानी से उलझा लेता है। आएँ, हम साबितक़दमी से उस दौड़ में दौड़ते रहें जो हमारे लिए मुक़र्रर की गई है।
जिबाऊन में ख़ुदावन्द रात के वक़्त सुलेमान को ख़्वाब में दिखाई दिया, और ख़ुदावन्द ने कहा, "माँग, मैं तुझे क्या दूँ।" सुलेमान ने कहा, "तू ने अपने ख़ादिम मेरे बाप दाऊद पर बड़ा एहसान किया, इसलिए कि वह तेरे सामने सच्चाई और सदाक़त और तेरे साथ सीधे दिल से चलता रहा, और तू ने उसके वास्ते यह बड़ा एहसान रख छोड़ा था कि तू ने उसे एक बेटा इनायत किया जो उसके तख़्त पर बैठे, जैसा आज के दिन है। और अब ऐ ख़ुदावन्द, मेरे ख़ुदा! तू ने अपने ख़ादिम को मेरे बाप दाऊद की जगह बादशाह बनाया है, और मैं छोटा लड़का ही हूँ और मुझे बाहर जाने और भीतर आने का तमीज़ नहीं। और तेरा ख़ादिम तेरी क़ौम के बीच में है, जिसे तू ने चुन लिया है; वह ऐसी क़ौम है जो कसरत के ज़रिए' न गिनी जा सकती है न शुमार हो सकती है। तब तू अपने ख़ादिम को अपनी क़ौम का इन्साफ़ करने के लिए समझने वाला दिल 'इनायत कर, ताकि मैं बुरे और भले में फ़र्क़ कर सकूँ; क्यूँकि तेरी इस बड़ी क़ौम का इन्साफ़ कौन कर सकता है?" और यह बात ख़ुदावन्द को पसन्द आई कि सुलेमान ने यह चीज़ माँगी। और ख़ुदा ने उससे कहा, "चूँकि तू ने यह चीज़ माँगी, और अपने लिए लम्बी उम्र की दरख़्वास्त न की और न अपने लिए दौलत का सवाल किया और न अपने दुश्मनों की जान माँगीं, बल्कि इन्साफ़ पसन्दी के लिए तू ने अपने वास्ते 'अक़्लमन्दी की दरख़्वास्त की है। इसलिए देख, मैंने तेरी दरख़्वास्त के मुताबिक़ किया; मैंने एक 'अक़्लमन्द और समझने वाला दिल तुझ को बख़्शा, ऐसा कि तेरी तरह न तो कोई तुझ से पहले हुआ और न कोई तेरे बाद तुझ सा पैदा होगा।
तब उसकी बीवी उससे कहने लगी, कि "क्या तू अब भी अपनी रास्ती पर क़ाईम रहेगा? ख़ुदा की बुराई कर और मर जा।" लेकिन उसने उससे कहा, कि "तू नादान 'औरतों की जैसी बातें करती है; क्या हम ख़ुदा के हाथ से सुख पाएँ और दुख न पाएँ?" इन सब बातों में अय्यूब ने अपने लबों से ख़ता न की।