Dia das crianças
As crianças são preciosas aos olhos de Deus. Jesus as acolheu, abençoou e ensinou que delas é o Reino dos Céus — modelos de fé, pureza e humildade.
Jesus e as crianças
Deixai vir a mim as crianças. Jesus abraçou, abençoou e honrou as crianças como modelo de fé para os adultos.
यह देखकर ईसा ने कहा, "बच्चों को मेरे पास आने दो और उन्हें न रोको, क्योंकि आसमान की बादशाही इन जैसे लोगों को हासिल है।"
कौन सबसे बड़ा है?
उस वक़्त शागिर्द ईसा के पास आकर पूछने लगे, "आसमान की बादशाही में कौन सबसे बड़ा है?"
जवाब में ईसा ने एक छोटे बच्चे को बुलाकर उनके दरमियान खड़ा किया और कहा, "मैं तुमको सच बताता हूँ अगर तुम बदलकर छोटे बच्चों की मानिंद न बनो तो तुम कभी आसमान की बादशाही में दाख़िल नहीं होगे। इसलिए जो भी अपने आपको इस बच्चे की तरह छोटा बनाएगा वह आसमान में सबसे बड़ा होगा।
खोई हुई भेड़ की तमसील
ख़बरदार! तुम इन छोटों में से किसी को भी हक़ीर न जानना। क्योंकि मैं तुमको बताता हूँ कि आसमान पर इनके फ़रिश्ते हर वक़्त मेरे बाप के चेहरे को देखते रहते हैं।
लेकिन राहनुमा इमाम और शरीअत के उलमा नाराज़ हुए जब उन्होंने उसके हैरतअंगेज़ काम देखे और यह कि बच्चे बैतुल-मुक़द्दस में "इब्ने-दाऊद को होशाना" चिल्ला रहे हैं। उन्होंने उससे पूछा, "क्या आप सुन रहे हैं कि यह बच्चे क्या कह रहे हैं?"
"जी," ईसा ने जवाब दिया, "क्या तुमने कलामे-मुक़द्दस में कभी नहीं पढ़ा कि ‘तूने छोटे बच्चों और शीरख़ारों की ज़बान को तैयार किया है ताकि वह तेरी तमजीद करें’?"
मैं तुमको सच बताता हूँ, जो अल्लाह की बादशाही को बच्चे की तरह क़बूल न करे वह उसमें दाख़िल नहीं होगा।" यह कहकर उसने उन्हें गले लगाया और अपने हाथ उन पर रखकर उन्हें बरकत दी।
फिर उसने एक छोटे बच्चे को लेकर उनके दरमियान खड़ा किया। उसे गले लगाकर उसने उनसे कहा, "जो मेरे नाम में इन बच्चों में से किसी को क़बूल करता है वह मुझे ही क़बूल करता है। और जो मुझे क़बूल करता है वह मुझे नहीं बल्कि उसे क़बूल करता है जिसने मुझे भेजा है।"
Instruir e proteger
Instrui a criança no caminho de Deus. Elas são herança do Senhor — presentes sagrados que devemos educar com amor.
छोटे बच्चे को सहीह राह पर चलने की तरबियत कर तो वह बूढ़ा होकर भी उससे नहीं हटेगा।
तेरे तमाम फ़रज़ंद रब से तालीम पाएँगे, और तेरी औलाद की सलामती अज़ीम होगी।
बच्चे ऐसी नेमत हैं जो हम मीरास में रब से पाते हैं, औलाद एक अज्र है जो वही हमें देता है।
बच्चो, हर बात में अपने माँ-बाप के ताबे रहें, क्योंकि यही ख़ुदावंद को पसंद है।
वालिदो, अपने बच्चों को मुश्तइल न करें, वरना वह बेदिल हो जाएंगे।
बच्चों और वालिदैन का ताल्लुक़
बच्चो, ख़ुदावंद में अपने माँ-बाप के ताबे रहें, क्योंकि यही रास्तबाज़ी का तक़ाज़ा है। कलामे-मुक़द्दस में लिखा है, "अपने बाप और अपनी माँ की इज़्ज़त करना।" यह पहला हुक्म है जिसके साथ एक वादा भी किया गया है, "फिर तू ख़ुशहाल और ज़मीन पर देर तक जीता रहेगा।"
ऐ वालिदो, अपने बच्चों से ऐसा सुलूक मत करें कि वह ग़ुस्से हो जाएँ बल्कि उन्हें ख़ुदावंद की तरफ़ से तरबियत और हिदायत देकर पालें।
‘रब तुझे बरकत दे और तेरी हिफ़ाज़त करे।
रब अपने चेहरे का मेहरबान नूर तुझ पर चमकाए और तुझ पर रहम करे।
रब की नज़रे-करम तुझ पर हो, और वह तुझे सलामती बख़्शे।’