Dia dos pais
O Dia dos Pais celebra o amor e o sacrifício paterno. A Bíblia honra os pais como provedores, protetores e guias espirituais que moldam as próximas gerações.
O pai que educa
Instrui a criança no caminho em que deve andar. O pai justo educa com amor, firmeza e o exemplo de uma vida íntegra.
अपनी संतान को उसी जीवनशैली के लिए तैयार कर लो,
जो सुसंगत है, वृद्ध होने पर भी वह इससे भटकेगा नहीं.
जो पिता अपने पुत्र को दंड नहीं देता, उसे अपने पुत्र से प्रेम नहीं है,
किंतु जिसे अपने पुत्र से प्रेम है, वह बड़ी सावधानीपूर्वक उसे अनुशासन में रखता है.
धर्मी जन निष्कलंक जीवन जीता है;
उसके बाद आनेवाली संतानें धन्य हैं.
सबसे अधिक उल्लसित व्यक्ति होता है धर्मी व्यक्ति का पिता;
जिसने बुद्धिमान पुत्र को जन्म दिया है, वह पुत्र उसके आनंद का विषय होता है.
जिसके हृदय में याहवेह के प्रति श्रद्धा होती है, उसे दृढ़ गढ़ प्राप्त हो जाता है,
उसकी संतान सदैव सुरक्षित रहेगी.
Honra e alegria
Honra a teu pai e tua mãe. Os filhos são herança do Senhor, e a família que serve a Deus junta é inabalável.
तुम अपने पिता एवं अपनी माता का आदर करना, ताकि वह देश, जो याहवेह तुम्हारे परमेश्वर, तुम्हें देनेवाले हैं, उसमें तुम बहुत समय तक रह पाओ.
संतान याहवेह के दिए हुए निज भाग होते हैं,
तथा बालक उनका दिया हुआ उपहार.
युवावस्था में उत्पन्न हुई संतान वैसी ही होती है,
जैसे योद्धा के हाथों में बाण.
कैसा धन्य होता है वह पुरुष,
जिसका तरकश इन बाणों से भरा हुआ है!
नगर द्वार पर शत्रुओं का प्रतिकार करते हुए
उन्हें लज्जित नहीं होना पड़ेगा.
यदि इस समय तुम्हें याहवेह की सेवा करना अच्छा नहीं लग रहा है, तो आज ही यह निर्णय कर लो कि किसकी सेवा करोगे तुम; उन देवताओं की, जिनकी उपासना तुम्हारे पूर्वज फरात नदी के पार किया करते थे या अमोरियों के उन देवताओं की, जिनके देश में तुम अब रह रहे हो. जहां तक मेरा और मेरे परिवार की बात है, हम तो याहवेह ही की सेवा-वन्दना करेंगे."
जागते रहो, विश्वास में स्थिर रहो, निडर बनो, निश्चय करो
इसलिये वह उठकर अपने पिता के पास लौट गया.
"वह दूर ही था कि पिता ने उसे देख लिया और वह दया से भर गया. वह दौड़कर अपने पुत्र के पास गया और उसे गले लगाकर चूमता रहा.
"पुत्र ने पिता से कहा, ‘पिताजी! मैंने स्वर्ग के विरुद्ध तथा आपके प्रति पाप किया है, मैं अब इस योग्य नहीं रहा कि मैं आपका पुत्र कहलाऊं.’
"किंतु पिता ने अपने सेवकों को आज्ञा दी, ‘बिना देर किए सबसे अच्छे वस्त्र लाकर इसे पहनाओ और इसकी उंगली में अंगूठी और पांवों में जूतियां भी पहनाओ; जाकर एक सबसे अच्छे बछड़े से भोजन तैयार करो. चलो, हम सब आनंद मनाएं