Dificuldades
As dificuldades são parte da vida, mas Deus é refúgio certo em todo tempo de angústia. A Bíblia promete que nenhuma adversidade pode separar os filhos de Deus do seu amor.
Deus é refúgio
Deus é nosso refúgio e fortaleza, socorro bem presente nas angústias. Nada poderá nos separar do amor de Cristo.
परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है,
संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायकसंकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक: यहाँ सहायक अर्थात्, सहयोग एवं सहकारिता। संकट: अर्थात् तनाव और दुःख देनेवाली सब परिस्थितियाँ। ।
इस कारण हमको कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी
उलट जाए,
और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएँ;
चाहे समुद्र गरजें और फेन उठाए,
और पहाड़ उसकी बाढ़ से काँप उठे। (सेला) (लूका 21:25, मत्ती 7:25)
मैं यहोवा के विषय कहूँगा, "वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है;
वह मेरा परमेश्वर है, जिस पर मैं भरोसा रखता हूँ"
हे लोगों, हर समय उस पर भरोसा रखो;
उससे अपने-अपने मन की बातें खोलकर कहोउससे अपने-अपने मन की बातें खोलकर कहो: यहाँ अंतर्निहित विचार है कि मन कोमल एवं मुलायम हो जाए कि उसकी भावनाएँ और इच्छाएँ पानी के सदृश्य बहने लगें।;
परमेश्वर हमारा शरणस्थान है। (सेला)
यहोवा पिसे हुओं के लिये ऊँचा गढ़ ठहरेगा,
वह संकट के समय के लिये भी ऊँचा गढ़ ठहरेगा।
और तेरे नाम के जाननेवाले तुझ पर भरोसा रखेंगे,
क्योंकि हे यहोवा तूने अपने खोजियों को त्याग नहीं दिया।
समुद्र के गर्व को तू ही तोड़ता है;
जब उसके तरंग उठते हैं, तब तू उनको शान्त कर देता है।
महासागर के शब्द से,
और समुद्र की महातरंगों से,
विराजमान यहोवा अधिक महान है।
वह आँधी को थाम देता है और तरंगें बैठ जाती हैं।
कौन हमको मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार? जैसा लिखा है, "तेरे लिये हम दिन भर मार डाले जाते हैं; हम वध होनेवाली भेड़ों के समान गिने गए हैं।" (भज. 44:22) परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिसने हम से प्रेम किया है, विजेता से भी बढ़कर हैं। क्योंकि मैं निश्चय जानता हूँ, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएँ, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ्य, न ऊँचाई, न गहराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी।
Provisão nas dificuldades
O Senhor provê mesmo nos tempos mais difíceis. Ele sustentou Elias, protegeu Israel e cuida dos seus com fidelidade eterna.
यहोवा के उस वचन के अनुसार जो उसने एलिय्याह के द्वारा कहा था, न तो उस घड़े का मैदा समाप्त हुआ, और न उस कुप्पी का तेल घटा।
उसने छाया के लिये बादल फैलाया,
और रात को प्रकाश देने के लिये आग प्रगट की।
उन्होंने माँगा तब उसने बटेरें पहुँचाई,
और उनको स्वर्गीय भोजन से तृप्त किया। (यूह. 6:31)
उसने चट्टान फाड़ी तब पानी बह निकला;
और निर्जल भूमि पर नदी बहने लगी।
मैं लड़कपन से लेकर बुढ़ापे
तक देखता आया हूँ;
परन्तु न तो कभी धर्मी को त्यागा हुआ,
और न उसके वंश को टुकड़े माँगते देखा है।
यहोवा खरे लोगों की आयु की सुधि रखता है,
और उनका भाग सदैव बना रहेगा।
विपत्ति के समय, वे लज्जित न होंगे,
और अकाल के दिनों में वे तृप्त रहेंगे।
क्योंकि मैं प्यासी भूमि पर जल और सूखी भूमि पर धाराएँ बहाऊँगा; मैं तेरे वंश पर अपनी आत्मा और तेरी सन्तान पर अपनी आशीष उण्डेलूँगा। (प्रका. 21:6, योए. 2:28)
क्योंकि तू संकट में दीनों के लिये गढ़, और जब भयानक लोगों का झोंका दीवार पर बौछार के समान होता था, तब तू दरिद्रों के लिये उनकी शरण, और तपन में छाया का स्थान हुआ।
वह दिन को धूप से बचाने के लिये और आँधी–पानी और झड़ी में एक शरण और आड़ होगा।
जब तू जल में होकर जाए, मैं तेरे संग-संग रहूँगा और जब तू नदियों में होकर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेगी; जब तू आग में चले तब तुझे आँच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी।
Força nas provas
Em tudo somos atribulados, mas não esmagados. O Senhor é bom e é fortaleza no dia da angústia — Ele conhce os seus.
हम चारों ओर से क्लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरुपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते। सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधि रखता है।
वह जल को अपनी काली घटाओं में बाँध रखतावह जल को अपनी काली घटाओं में बाँध रखता: बादलों में पानी ऐसा रहता है जैसे बंधा है जब तक कि परमेश्वर उसे बूँदों के रूप में पृथ्वी पर न बरसाएँ। ,
और बादल उसके बोझ से नहीं फटता।
वह अपने सिंहासन के सामने बादल फैलाकर
चाँद को छिपाए रखता है।
उजियाले और अंधियारे के बीच जहाँ सीमा बंधी है,
वहाँ तक उसने जलनिधि का सीमा ठहरा रखी है।
तू वचनरुपी कोड़े से बचा रहेगा और जब
विनाश आए, तब भी तुझे भय न होगा।
उसने उनसे कहा, "हे अल्पविश्वासियों, क्यों डरते हो?" तब उसने उठकर आँधी और पानी को डाँटा, और सब शान्त हो गया। और वे अचम्भा करके कहने लगे, "यह कैसा मनुष्य है, कि आँधी और पानी भी उसकी आज्ञा मानते हैं।"
इसलिए जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्त्र पहनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्यों न पहनाएगा?
"इसलिए तुम चिन्ता करके यह न कहना, कि हम क्या खाएँगे, या क्या पीएँगे, या क्या पहनेंगे?
और वह स्त्री उस जंगल को भाग गई, जहाँ परमेश्वर की ओर से उसके लिये एक जगह तैयार की गई थी कि वहाँ वह एक हजार दो सौ साठ दिन तक पाली जाए। (प्रका. 12:14)
मैंने तुम्हें साँपों और बिच्छुओं को रौंदनेसाँपों और बिच्छुओं को रौंदने: खतरे से परिरक्षण। यदि हम जहरीले साँपों पर पाँव रखते है कि हम घायल हो जाए, तो परमेश्वर हमें खतरे से बचाने का वादा करता है। का, और शत्रु की सारी सामर्थ्य पर अधिकार दिया है; और किसी वस्तु से तुम्हें कुछ हानि न होगी। (भज. 91:13)