Dificuldades
As dificuldades são parte da vida, mas Deus é refúgio certo em todo tempo de angústia. A Bíblia promete que nenhuma adversidade pode separar os filhos de Deus do seu amor.
Deus é refúgio
Deus é nosso refúgio e fortaleza, socorro bem presente nas angústias. Nada poderá nos separar do amor de Cristo.
परमेश्वर हमारे आश्रय-स्थल एवं शक्ति हैं,
संकट की स्थिति में सदैव उपलब्ध सहायक.
तब हम भयभीत न होंगे, चाहे पृथ्वी विस्थापित हो जाए,
चाहे पर्वत महासागर के गर्भ में जा पड़ें,
हां, तब भी जब समुद्र गरजना करते हुए फेन उठाने लगें
और पर्वत इस उत्तेजना के कारण थर्रा जाएं.
याहवेह के विषय में मेरी घोषणा है, "वह मेरे आश्रय, मेरे गढ़ हैं,
मेरे शरणस्थान परमेश्वर हैं, जिनमें मेरा भरोसा है."
मेरे लोगो, हर एक परिस्थिति में उन्हीं पर भरोसा रखो;
उन्हीं के सम्मुख अपना हृदय उंडेल दो,
क्योंकि परमेश्वर ही हमारा आश्रय-स्थल हैं.
याहवेह ही दुःखित को शरण देते हैं,
संकट के समय वही ऊंचा गढ़ हैं.
जिन्होंने आपकी महिमा को पहचान लिया है, वे आप पर भरोसा करेंगे,
याहवेह, जिन्होंने आपसे प्रार्थना की, आपने उन्हें निराश न होने दिया.
उमड़ता सागर आपके नियंत्रण में है;
जब इसकी लहरें उग्र होने लगती हैं, आप उन्हें शांत कर देते हैं.
विशालकाय लहरों की गर्जन से कहीं अधिक शक्तिशाली,
उद्वेलित लहरों के प्रहार से कहीं अधिक प्रचंड हैं,
महान सर्वशक्तिमान याहवेह.
याहवेह ने बवंडर को शांत किया
और समुद्र की लहरें स्तब्ध हो गईं.
कौन हमें मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्लेश, संकट, सताहट, अकाल, कंगाली, जोखिम या तलवार से मृत्यु? ठीक जैसा पवित्र शास्त्र में लिखा भी है:
"आपके निमित्त हम दिन भर मृत्यु का सामना करते रहते हैं;
हमारी स्थिति वध के लिए निर्धारित भेड़ों के समान है."
मगर इन सब विषयों में हम उनके माध्यम से, जिन्होंने हमसे प्रेम किया है, विजयी से भी बढ़कर हैं. क्योंकि मैं यह जानता हूं, कि न तो मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ्य न ऊंचाई, न गहराई और न कोई और सृष्टि हमारे प्रभु येशु मसीह में परमेश्वर के जो प्रेम है, उससे हमें अलग कर सकती है.
Provisão nas dificuldades
O Senhor provê mesmo nos tempos mais difíceis. Ele sustentou Elias, protegeu Israel e cuida dos seus com fidelidade eterna.
उस बर्तन में न आटा खत्म हुआ और न ही तेल की वह कुप्पी कभी खाली हुई, एलियाह द्वारा दिए गए याहवेह के संदेश के अनुसार.
उन पर आच्छादन के निमित्त परमेश्वर ने एक मेघ निर्धारित कर दिया था,
और रात्रि में प्रकाश के लिए अग्नि भी.
उन्होंने प्रार्थना की और परमेश्वर ने उनके निमित्त आहार के लिए बटेरें भेज दीं;
और उन्हें स्वर्गिक आहार से भी तृप्त किया.
उन्होंने चट्टान को ऐसे खोल दिया, कि उसमें से उनके निमित्त जल बहने लगा;
यह जल वन में नदी जैसे बहने लगा.
मैंने युवावस्था देखी और अब मैं प्रौढ़ हूं,
किंतु आज तक मैंने न तो धर्मी को शोकित होते देखा है
और न उसकी संतान को भीख मांगते.
याहवेह निर्दोष पुरुषों की आयु पर दृष्टि रखते हैं,
उनका निज भाग सर्वदा स्थायी रहेगा.
संकट काल में भी उन्हें लज्जा का सामना नहीं करना पड़ेगा;
अकाल में भी उनके पास भरपूर रहेगा.
क्योंकि मैं प्यासी भूमि पर जल,
तथा सूखी भूमि पर नदियां बहाऊंगा;
मैं अपना आत्मा तथा अपनी आशीषें,
तुम्हारी संतान पर उंडेल दूंगा.
दीनों के लिए आप शरणस्थान,
और विपत्ति के समय आप उनके लिए ढाल होंगे,
दरिद्रों के लिये
उनके शरण और रक्षक होंगे.
दिन की उष्णता, आंधी, पानी और हवा से बचने के लिये आड़ बनकर सुरक्षित रहे.
जब तुम गहरे जल से होकर चलोगे,
तुम मुझे अपने पास पाओगे;
जब तुम नदियों से होकर आगे बढ़ोगे,
वे तुम्हें डूबा न सकेंगी.
जब तुम आग में से होकर निकलोगे,
आग तुम्हें झुलसा न सकेगी;
न ही लौ तुम्हें भस्म कर सकेगी.
Força nas provas
Em tudo somos atribulados, mas não esmagados. O Senhor é bom e é fortaleza no dia da angústia — Ele conhce os seus.
हम चारों ओर से कष्टों से घिरे रहते हैं, किंतु कुचले नहीं जाते; घबराते तो हैं, किंतु निराश नहीं होते; सताए तो जाते हैं, किंतु त्यागे नहीं जाते; बहुत कुचले जाते हैं, किंतु नष्ट नहीं होते.
याहवेह भले हैं,
और संकट के समय दृढ़ गढ़ ठहरते हैं.
वे उनका ध्यान रखते हैं जो उन पर भरोसा रखते हैं,
वह जल को अपने मेघों में लपेट लेते हैं
तथा उनके नीचे मेघ नहीं बरस पाते हैं.
वह पूर्ण चंद्रमा का चेहरा छिपा देते हैं
तथा वह अपने मेघ इसके ऊपर फैला देते हैं.
उन्होंने जल के ऊपर क्षितिज का चिन्ह लगाया है.
प्रकाश तथा अंधकार की सीमा पर.
तुम चाबुक समान जीभ से सुरक्षित रहोगे,
तथा तुम्हें हिंसा भयभीत न कर सकेगी.
येशु ने उनसे कहा, "क्यों डर रहे हो, अल्पविश्वासियो!" वह उठे और उन्होंने आंधी और झील को डांटा, और उसी क्षण ही पूरी शांति छा गई.
शिष्य हैरान रह गए, और विचार करने लगे, "ये किस प्रकार के व्यक्ति हैं कि आंधी और झील तक इनकी आज्ञा का पालन करते हैं!"
यदि परमेश्वर घास का श्रृंगार इस सीमा तक करते हैं, जिसका जीवन थोड़े समय का है और जो कल आग में झोंक दिया जाएगा, तो क्या वह तुमको कहीं अधिक सुशोभित न करेंगे? कैसा कमजोर है तुम्हारा विश्वास! इसलिए इस विषय में चिंता न करो, ‘हम क्या खाएंगे या क्या पिएंगे’ या ‘हमारे वस्त्रों का प्रबंध कैसे होगा?’
किंतु वह स्त्री बंजर भूमि की ओर भाग गई, जहां परमेश्वर द्वारा उसके लिए एक स्थान तैयार किया गया था कि वहां 1,260 दिन तक उसकी देखभाल और भरण-पोषण किया जा सके.
मैंने तुम्हें सांपों और बिच्छुओं को रौंदने तथा शत्रु के सभी सामर्थ्य का नाश करने का अधिकार दिया है इसलिये किसी भी रीति से तुम्हारी हानि न होगी.