Dinheiro
O dinheiro é ferramenta que pode ser usada para o bem ou para o mal. A Bíblia nos ensina a administrar recursos com sabedoria, generosidade e temor ao Senhor.
Perspectiva bíblica
Guardai-vos da avareza. A vida não consiste na abundância de bens. O dinheiro é servo, nunca senhor.
और उसने उनसे कहा, "सावधान रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आपको बचाए रखो; क्योंकि किसी का जीवन उसकी सम्पत्ति की बहुतायत से नहीं होता।"
क्योंकि जहाँ तेरा धन है वहाँ तेरा मन भी लगा रहेगा।
उसके स्वामी ने उससे कहा, ‘धन्य हे अच्छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा; मैं तुझे बहुत वस्तुओं का अधिकारी बनाऊँगा। अपने स्वामी के आनन्द में सहभागी हो।’
जब तू अपनी दृष्टि धन पर लगाएगा,
वह चला जाएगा,
वह उकाब पक्षी के समान पंख लगाकर, निःसन्देह आकाश की ओर उड़ जाएगा।
धनी होने के लिये परिश्रम न करना;
अपनी समझ का भरोसा छोड़ना। (1 तीमु. 6:9)
जो रुपये से प्रीति रखता है वह रुपये से तृप्त न होगा; और न जो बहुत धन से प्रीति रखता है, लाभ से यह भी व्यर्थ है।
Administrar com sabedoria
Honra ao Senhor com as tuas primícias. O sábio administra seus recursos com prudência e visão de eternidade.
अपनी सम्पत्ति के द्वारा
और अपनी भूमि की सारी पहली उपज देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना;
धन यहोवा की आशीष ही से मिलता है,
और वह उसके साथ दुःख नहीं मिलाता।
दुष्टों के रखे हुए धन से लाभ नहीं होता,
परन्तु धर्म के कारण मृत्यु से बचाव होता है।
धोखे से कमाया धन जल्दी घटता है,
परन्तु जो अपने परिश्रम से बटोरता, उसकी बढ़ती होती है।
बुद्धि की प्राप्ति शुद्ध सोने से क्या ही उत्तम है!
और समझ की प्राप्ति चाँदी से बढ़कर योग्य है।
बड़े धन से अच्छा नाम अधिक चाहने योग्य है,
और सोने चाँदी से औरों की प्रसन्नता उत्तम है।
घबराहट के साथ बहुत रखे हुए धन से,
यहोवा के भय के साथ थोड़ा ही धन उत्तम है,
मनुष्य में निष्ठा सर्वोत्तम गुण है,
और निर्धन जन झूठ बोलनेवाले से बेहतर है।
अर्थात् व्यर्थ और झूठी बात मुझसे दूर रख; मुझे न तो निर्धन कर और न धनी बना;
प्रतिदिन की रोटी मुझे खिलाया कर। (1 तीमु. 6:8)
Perigos e armadilhas
Quem quer enriquecer cai em tentação. Fuja do amor ao dinheiro e busque contentamento no Senhor.
पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुत सी व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फँसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डुबा देती हैं। (नीति. 23:4, नीति. 15:27)
इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे कि वे अभिमानी न हों और अनिश्चित धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है। (भज. 62:10)
तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, "मैं तुझे कभी न छोड़ूँगा, और न कभी तुझे त्यागूँगा।" (भज. 37:25, व्यव. 31:8, यहो. 1:5)
कोप के दिन धन से तो कुछ लाभ नहीं होता,
परन्तु धर्म मृत्यु से भी बचाता है।
धनी का धन उसकी दृष्टि में शक्तिशाली नगरशक्तिशाली नगर: धर्मी के लिये परमेश्वर का नाम वैसा ही है जैसा धनवान के लिये उसका धन। वह उसमें शरण लेने ऐसे भागता है जैसे वह एक दृढ़ नगर है। है,
और उसकी कल्पना ऊँची शहरपनाह के समान है।
Tudo vem de Deus
De ti vem tudo, e das tuas mãos to damos. Os tributos são devidos — dai a César o que é de César e a Deus o que é de Deus.
"मैं क्या हूँ और मेरी प्रजा क्या है? कि हमको इस रीति से अपनी इच्छा से तुझे भेंट देने की शक्ति मिले? तुझी से तो सब कुछ मिलता है, और हमने तेरे हाथ से पाकर तुझे दिया है।
इसलिए हर एक का हक़ चुकाया करो; जिसे कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे चुंगी चाहिए, उसे चुंगी दो; जिससे डरना चाहिए, उससे डरो; जिसका आदर करना चाहिए उसका आदर करो।
इसलिए कर भी दो, क्योंकि शासन करनेवाले परमेश्वर के सेवक हैं, और सदा इसी काम में लगे रहते हैं।
धर्मी का थोड़ा सा धन दुष्टों के
बहुत से धन से उत्तम है।
क्योंकि दुष्टों की भुजाएँ तो तोड़ी जाएँगी;
परन्तु यहोवा धर्मियों को सम्भालता है।
मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से,
मानो सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूँ।