7 ensinamentos de Jesus para uma vida plena
Jesus nos deixou ensinamentos que transformam vidas e podemos acompanhar diversos momentos em que isso foi mostrado na Bíblia. Veja a seguir 7 ensinamentos Cristo que podem trazer paz e plenitude espiritual.
Lista de ensinamentos:
1. Mateus 22:37-39
उसने उससे कहा, "तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख। बड़ी और मुख्य आज्ञा तो यही है। और उसी के समान यह दूसरी भी है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।
2. Mateus 18:21-22
क्षमा न करनेवाले दास का दृष्टान्त
तब पतरस ने पास आकर, उससे कहा, "हे प्रभु, यदि मेरा भाई अपराध करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे क्षमा करूँ, क्या सात बार तक?" यीशु ने उससे कहा, "मैं तुझ से यह नहीं कहता, कि सात बार, वरन् सात बार के सत्तर गुनेसात बार के सत्तर गुने: अर्थात् जब तक क्षमा माँगने की आवश्यकता हो, आपको ऐसी स्थिति में कभी नहीं होना है कि सत्यनिष्ठा में जो क्षमा माँगी जा रही है उससे विमुख हों। (लूका. 17:3, 4) तक।
3. Mateus 5:44
परन्तु मैं तुम से यह कहता हूँ, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सतानेवालों के लिये प्रार्थना करो। (रोम. 12:14)
4. Mateus 7:1
दोष मत लगाओ
"दोष मत लगाओ, कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए।
5. Mateus 6:33
इसलिए पहले तुम परमेश्वर के राज्य और धार्मिकता की खोज करो तो ये सब वस्तुएँ तुम्हें मिल जाएँगी। (लूका 12:31)
6. Mateus 23:12
जो कोई अपने आपको बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा: और जो कोई अपने आपको छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।
7. João 14:1
यीशु का अपने चेलों को सांत्वना देना
" तुम्हारा मन व्याकुल न होतुम्हारा मन व्याकुल न हो: यीशु ने जो उन्हें छोड़कर जाने की बात कहीं थी उस पर शिष्य बहुत व्याकुल हो रहे थे , तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो।
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Deus abençoe!