Esperar no Senhor
Esperar no Senhor é ato de fé e confiança. A Bíblia promete que os que esperam em Deus renovam as forças, recebem direção e experimentam a fidelidade divina no tempo certo.
Renovar as forças
Os que esperam no Senhor renovam as forças. Sobem como águias, correm e não se cansam, caminham e não se fatigam.
परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएँगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।
परमेश्वर का अपने लोगों पर अनुग्रह
तो भी यहोवा इसलिए विलम्ब करता है कि तुम पर अनुग्रह करे, और इसलिए ऊँचे उठेगा कि तुम पर दया करे। क्योंकि यहोवा न्यायी परमेश्वर है; क्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैंक्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैं: परमेश्वर पर अपना भरोसा रखो और यह विश्वास करो कि वो प्रगट होकर अपने राज्य को ज्यों का त्यों कर देगा। ।
यहोवा की बाट जोहता रह;
हियाव बाँध और तेरा हृदय दृढ़ रहे;
हाँ, यहोवा ही की बाट जोहता रह! (भज. 31:24)
यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की
पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूँगा,
तो मैं मूर्छित हो जाता। (भज. 142:5)
यहोवा की बाट जोहता रह;
हियाव बाँध और तेरा हृदय दृढ़ रहे;
हाँ, यहोवा ही की बाट जोहता रह! (भज. 31:24)
विश्वास की घोषणा
यहोवा मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है;
मैं किस से डरूँमैं किस से डरूँ: वह मेरी रक्षा करे तो किसी में शक्ति नहीं कि मेरा प्राण हर ले: परमेश्वर में विश्वास करनेवालों के लिए वह गढ़ एवं दृढ़ बल है, और वे सुरक्षित रहते हैं। ?
यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है,
मैं किसका भय खाऊँ?
जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से
बैर रखते थे,
मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की,
तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।
चाहे सेना भी मेरे विरुद्ध छावनी डाले,
तो भी मैं न डरूँगा; चाहे मेरे विरुद्ध लड़ाई ठन जाए,
उस दशा में भी मैं हियाव बाँधे निश्चित रहूँगा।
एक वर मैंने यहोवा से माँगा है,
उसी के यत्न में लगा रहूँगा;
कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊँ,
जिससे यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूँ,
और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूँ। (भज. 6:8, भज. 23:6, फिलि. 3:13)
क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने
मण्डप में छिपा रखेगा;
अपने तम्बू के गुप्त स्थान में वह मुझे छिपा लेगा,
और चट्टान पर चढ़ाएगा। (भज. 91:1, भज. 40:2, भज. 138:7)
अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊँचा होगा;
और मैं यहोवा के तम्बू में आनन्द के बलिदान चढ़ाऊँगामैं यहोवा के तम्बू में आनन्द के बलिदान चढ़ाऊँगा: अर्थात् वह स्तुति और धन्यवाद के ऊँचे स्वर के साथ बलिदान चढ़ाएगा। ;
और मैं गाऊँगा और यहोवा के लिए गीत गाऊँगा। (भज. 3:3)
हे यहोवा, मेरा शब्द सुन, मैं पुकारता हूँ,
तू मुझ पर दया कर और मुझे उत्तर दे। (भज. 130:2-4, भज. 13:3)
तूने कहा है, "मेरे दर्शन के खोजी हो।"
इसलिए मेरा मन तुझ से कहता है,
"हे यहोवा, तेरे दर्शन का मैं खोजी रहूँगा।"
अपना मुख मुझसे न छिपा।
अपने दास को क्रोध करके न हटा,
तू मेरा सहायक बना है।
हे मेरे उद्धार करनेवाले परमेश्वर मुझे त्याग न दे, और मुझे छोड़ न दे!
मेरे माता-पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है,
परन्तु यहोवा मुझे सम्भाल लेगा।
हे यहोवा, अपना मार्ग मुझे सिखा,
और मेरे द्रोहियों के कारण मुझ को चौरस रास्ते पर ले चल। (भज. 5:8)
मुझ को मेरे सतानेवालों की इच्छा पर न छोड़,
क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन
में हैंउपद्रव करने की धुन में हैं: वे हिंसा या निर्दयता के व्यवहार पर मन लगाते हैं। मेरे विरुद्ध उठे हैं।
यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की
पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूँगा,
तो मैं मूर्छित हो जाता। (भज. 142:5)
यहोवा की बाट जोहता रह;
हियाव बाँध और तेरा हृदय दृढ़ रहे;
हाँ, यहोवा ही की बाट जोहता रह! (भज. 31:24)
Espera paciente
Esperei com paciência no Senhor e Ele se inclinou para mim. Confie nele e descanse — Ele agirá no tempo certo.
स्तुति का एक गीत
मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा;
और उसने मेरी ओर झुककर मेरी दुहाई सुनी।
उसने मुझे सत्यानाश के गड्ढे
और दलदल की कीच में से उबारादलदल की कीच में से उबारा: गड़हे के तल में ठोस भूमि, चट्टान नहीं थी कि खड़ा हो पाता।,
और मुझ को चट्टान पर खड़ा करके
मेरे पैरों को दृढ़ किया है।
उसने मुझे एक नया गीत सिखाया
जो हमारे परमेश्वर की स्तुति का है।
बहुत लोग यह देखेंगे और उसकी महिमा करेंगे,
और यहोवा पर भरोसा रखेंगे। (प्रका. 5:9, प्रका. 14:3, भज. 52:6)
क्या ही धन्य है वह पुरुष,
जो यहोवा पर भरोसा करता है,
और अभिमानियों और मिथ्या की
ओर मुड़नेवालों की ओर मुँह न फेरता हो।
हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तूने बहुत से काम किए हैं!
जो आश्चर्यकर्मों और विचार तू हमारे लिये करता है
वह बहुत सी हैं; तेरे तुल्य कोई नहीं!
मैं तो चाहता हूँ कि खोलकर उनकी चर्चा करूँ,
परन्तु उनकी गिनती नहीं हो सकती।
मेलबलि और अन्नबलि से तू प्रसन्न नहीं होता
तूने मेरे कान खोदकर खोले हैं।
होमबलि और पापबलि तूने नहीं चाहातूने नहीं चाहा: उसने उनकी इच्छा नहीं की वह आज्ञाकारिता के आगे इनसे प्रसन्न नहीं होगा। ।
तब मैंने कहा,
"देख, मैं आया हूँ; क्योंकि पुस्तक में
मेरे विषय ऐसा ही लिखा हुआ है।
हे मेरे परमेश्वर,
मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्न हूँ;
और तेरी व्यवस्था मेरे अन्तःकरण में बसी है।" (इब्रा. 10:5-7)
मैंने बड़ी सभा में धार्मिकता के शुभ समाचार का प्रचार किया है;
देख, मैंने अपना मुँह बन्द नहीं किया हे यहोवा,
तू इसे जानता है।
मैंने तेरी धार्मिकता मन ही में नहीं रखा;
मैंने तेरी सच्चाई
और तेरे किए हुए उद्धार की चर्चा की है;
मैंने तेरी करुणा और सत्यता बड़ी सभा से गुप्त नहीं रखी।
हे यहोवा, तू भी अपनी बड़ी दया मुझ पर से न हटा ले,
तेरी करुणा और सत्यता से निरन्तर
मेरी रक्षा होती रहे!
क्योंकि मैं अनगिनत बुराइयों से घिरा हुआ हूँ;
मेरे अधर्म के कामों ने मुझे आ पकड़ा
और मैं दृष्टि नहीं उठा सकता;
वे गिनती में मेरे सिर के बालों से भी अधिक हैं;
इसलिए मेरा हृदय टूट गया।
हे यहोवा, कृपा करके मुझे छुड़ा ले!
हे यहोवा, मेरी सहायता के लिये फुर्ती कर!
जो मेरे प्राण की खोज में हैं,
वे सब लज्जित हों; और उनके मुँह काले हों
और वे पीछे हटाए और निरादर किए जाएँ
जो मेरी हानि से प्रसन्न होते हैं।
हम यहोवा की बाट जोहते हैं;
वह हमारा सहायक और हमारी ढाल ठहरा है।
हमारा हृदय उसके कारण आनन्दित होगा,
क्योंकि हमने उसके पवित्र नाम का भरोसा रखा है।
हे यहोवा, जैसी तुझ पर हमारी आशा है,
वैसी ही तेरी करुणा भी हम पर हो।
मैं यहोवा की बाट जोहता हूँ, मैं जी से उसकी बाट जोहता हूँ,
और मेरी आशा उसके वचन पर है;
पहरुए जितना भोर को चाहते हैंपहरुए जितना भोर को चाहते हैं: रात में जो चौकसी करते हैं वे सूर्योदय की प्रतिक्षा करते हैं कि वे कार्य निवृत्त हों। इसी प्रकार कष्टों में, दुःख की लम्बी, तमसपूर्ण, विशादपूर्ण रात में कष्ट भोगी प्राण के लिए शान्ति का पहला संकेत, पहली हलकी सी किरण की प्रतिक्षा करता है।, हाँ,
पहरुए जितना भोर को चाहते हैं,
उससे भी अधिक मैं यहोवा को अपने प्राणों से चाहता हूँ।
हे मेरे मन, परमेश्वर के सामने चुपचाप रह,
क्योंकि मेरी आशा उसी से है।
यहोवा की बाट जोहता रह,
और उसके मार्ग पर बना रह,
और वह तुझे बढ़ाकर पृथ्वी का अधिकारी कर देगा;
जब दुष्ट काट डाले जाएँगे, तब तू देखेगा।
Confiança e perseverança
Confie no Senhor de todo o coração. Sede pacientes na tribulação — o Senhor é fiel e cumprirá todas as suas promessas.
तू अपनी समझ का सहारा न लेना,
वरन् सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखनायहोवा पर भरोसा रखना: परमेश्वर की इच्छा में भरोसा रखना- सच्ची महानता का रहस्य अपनी सब चिन्ताओं, योजनाओं तथा भय से उभरना है। हम अपने स्वयं को अपना भाग्य विधाता समझते है तो अपनी ही समझ का सहारा लेते है। ।
उसी को स्मरण करके सब काम करना,
तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
केवल यही नहीं, वरन् हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज, और धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है;
और उसकी महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ्य से बलवन्त होते जाओ, यहाँ तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको।
धीरज रखना
इसलिए हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, जैसे, किसान पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है। (व्यव. 11:14) तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्योंकि प्रभु का आगमन निकट है।
देखो, हम धीरज धरनेवालों को धन्य कहते हैं। तुम ने अय्यूब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिससे प्रभु की अत्यन्त करुणा और दया प्रगट होती है।
अतः जबकि तुम ने भाईचारे के निष्कपट प्रेम के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन-मन लगाकर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो। क्योंकि तुम ने नाशवान नहीं पर अविनाशी बीज से परमेश्वर के जीविते और सदा ठहरनेवाले वचन के द्वारा नया जन्म पाया है। क्योंकि "हर एक प्राणी घास के समान है, और उसकी सारी शोभा घास के फूल के समान है:
घास सूख जाती है, और फूल झड़ जाता है।
परन्तु प्रभु का वचन युगानुयुग स्थिर रहता है।"
और यह ही सुसमाचार का वचन है जो तुम्हें सुनाया गया था। (लूका 16:17, 1 यूह. 1:1, यशा. 40:8)
प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन् यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले। (हब. 2:3-4)
दूल्हे की प्रतीक्षा करती दस कुँवारियों का दृष्टान्त
"तब स्वर्ग का राज्य उन दस कुँवारियों के समान होगा जो अपनी मशालें लेकर दूल्हे से भेंट करने को निकलीं। उनमें पाँच मूर्ख और पाँच समझदार थीं। मूर्खों ने अपनी मशालें तो लीं, परन्तु अपने साथ तेल नहीं लिया। परन्तु समझदारों ने अपनी मशालों के साथ अपनी कुप्पियों में तेल भी भर लिया। जब दुल्हे के आने में देर हुई, तो वे सब उँघने लगीं, और सो गई।
"आधी रात को धूम मची, कि देखो, दूल्हा आ रहा है, उससे भेंट करने के लिये चलो। तब वे सब कुँवारियाँ उठकर अपनी मशालें ठीक करने लगीं। और मूर्खों ने समझदारों से कहा, ‘अपने तेल में से कुछ हमें भी दो, क्योंकि हमारी मशालें बुझ रही हैं।’ परन्तु समझदारों ने उत्तर दिया कि कही हमारे और तुम्हारे लिये पूरा न हो; भला तो यह है, कि तुम बेचनेवालों के पास जाकर अपने लिये मोल ले लो। जब वे मोल लेने को जा रही थीं, तो दूल्हा आ पहुँचा, और जो तैयार थीं, वे उसके साथ विवाह के घर में चलीं गई और द्वार बन्द किया गया। इसके बाद वे दूसरी कुँवारियाँ भी आकर कहने लगीं, ‘हे स्वामी, हे स्वामी, हमारे लिये द्वार खोल दे।’ उसने उत्तर दिया, कि मैं तुम से सच कहता हूँ, मैं तुम्हें नहीं जानता। इसलिए जागते रहो, क्योंकि तुम न उस दिन को जानते हो, न उस समय को।