Esperar no Senhor
Esperar no Senhor é ato de fé e confiança. A Bíblia promete que os que esperam em Deus renovam as forças, recebem direção e experimentam a fidelidade divina no tempo certo.
Renovar as forças
Os que esperam no Senhor renovam as forças. Sobem como águias, correm e não se cansam, caminham e não se fatigam.
लेकिन ख़ुदावन्द का इन्तिज़ार करने वाले, अज़ — सर — ए — नौ ज़ोर हासिल करेंगे; वह उक़ाबों की तरह बाल — ओ — पर से उड़ेंगे, वह दौड़ेंगे और न थकेंगे, वह चलेंगे और मान्दा न होंगे।
तोभी ख़ुदावन्द तुम पर मेहरबानी करने के लिए इन्तिज़ार करेगा, और तुम पर रहम करने के लिए बुलन्द होगा। क्यूँकि ख़ुदावन्द इन्साफ़ करने वाला ख़ुदा है, मुबारक हैं वह सब जो उसका इन्तिज़ार करते हैं।
ख़ुदावन्द की उम्मीद रख;
मज़बूत हो और तेरा दिल क़वी हो;
हाँ, ख़ुदावन्द ही की उम्मीद रख।
अगर मुझे यक़ीन न होता कि ज़िन्दों की
ज़मीन में ख़ुदावन्द के एहसान को देखूँगा,
तो मुझे ग़श आ जाता।
ख़ुदावन्द की उम्मीद रख;
मज़बूत हो और तेरा दिल क़वी हो;
हाँ, ख़ुदावन्द ही की उम्मीद रख।
ख़ुदावन्द मेरी रोशनी और मेरी नजात मुझे किसकी दहशत?
ख़ुदावन्द मेरी ज़िन्दगी की ताक़त है, मुझे किसका डर?
जब शरीर या’नी मेरे मुख़ालिफ़ और मेरे दुश्मन,
मेरा गोश्त खाने को मुझ पर चढ़ आए तो वह ठोकर खाकर गिर पड़े।
चाहे मेरे ख़िलाफ़ लश्कर ख़ेमाज़न हो,
मेरा दिल नहीं डरेगा।
चाहे मेरे मुक़ाबले में जंग खड़ी हो, तोभी मैं मुतम’इन रहूँगा।
मैंने ख़ुदावन्द से एक दरख़्वास्त की है,
मैं इसी का तालिब रहूँगा;
कि मैं उम्र भर ख़ुदावन्द के घर में रहूँ,
ताकि ख़ुदावन्द के जमाल को देखूँ
और उसकी हैकल में इस्तिफ़्सार किया करूँ।
क्यूँकि मुसीबत के दिन वह मुझे अपने शामियाने में पोशीदा रख्खेगा;
वह मुझे अपने ख़ेमे के पर्दे में छिपा लेगा,
वह मुझे चट्टान पर चढ़ा देगा
अब मैं अपने चारों तरफ़ के दुश्मनों पर सरफराज़ किया जाऊँगा;
मैं उसके ख़ेमे में ख़ुशी की क़ुर्बानियाँ पेश करूँगा;
मैं गाऊँगा, मैं ख़ुदावन्द की मदहसराई करूँगा।
ऐ ख़ुदावन्द, मेरी आवाज़ सुन! मैं पुकारता हूँ।
मुझ पर रहम कर और मुझे जवाब दे।
जब तूने फ़रमाया, कि मेरे दीदार के तालिब हो;
तो मेरे दिल ने तुझ से कहा,
ऐ ख़ुदावन्द, मैं तेरे दीदार का तालिब रहूँगा।
मुझ से चेहरा न छिपा।
अपने बन्दे को क़हर से न निकाल।
तू मेरा मददगार रहा है;
न मुझे तर्क कर, न मुझे छोड़, ऐ मेरे नजात देने वाले ख़ुदा!।
जब मेरा बाप और मेरी माँ मुझे छोड़ दें,
तो ख़ुदावन्द मुझे संभाल लेगा।
ऐ ख़ुदावन्द, मुझे अपनी राह बता,
और मेरे दुश्मनों की वजह से मुझे हमवार रास्ते पर चला।
मुझे मेरे मुख़ालिफ़ों की मर्ज़ी पर न छोड़,
क्यूँकि झूटे गवाह और बेरहमी से पुंकारने वाले मेरे ख़िलाफ़ उठे हैं।
अगर मुझे यक़ीन न होता कि ज़िन्दों की
ज़मीन में ख़ुदावन्द के एहसान को देखूँगा,
तो मुझे ग़श आ जाता।
ख़ुदावन्द की उम्मीद रख;
मज़बूत हो और तेरा दिल क़वी हो;
हाँ, ख़ुदावन्द ही की उम्मीद रख।
Espera paciente
Esperei com paciência no Senhor e Ele se inclinou para mim. Confie nele e descanse — Ele agirá no tempo certo.
मैंने सब्र से ख़ुदावन्द पर उम्मीद रख्खी
उसने मेरी तरफ़ माइल होकर मेरी फ़रियाद सुनी।
उसने मुझे हौलनाक गढ़े
और दलदल की कीचड़ में से निकाला,
और उसने मेरे पाँव चट्टान पर रख्खे
और मेरी चाल चलन क़ाईम की
उसने हमारे ख़ुदा की सिताइश का नया हम्द मेरे मुँह में डाला।
बहुत से देखेंगे और डरेंगे,
और ख़ुदावन्द पर भरोसा करेंगे।
मुबारक है वह आदमी,
जो ख़ुदावन्द पर भरोसा करता है,
और मग़रूर और झूठे दोस्तों की तरफ़ माइल नहीं होता।
ऐ ख़ुदावन्द मेरे ख़ुदा! जो 'अजीब काम तूने किए,
और तेरे ख़याल जो हमारी तरफ़ हैं, वह बहुत से हैं।
मैं उनको तेरे सामने तरतीब नहीं दे सकता;
अगर मैं उनका ज़िक्र और बयान करना चाहूँ तो वह शुमार से बाहर हैं।
क़ुर्बानी और नज़्र को तू पसंद नहीं करता,
तूने मेरे कान खोल दिए हैं।
सोख़्तनी क़ुर्बानी तूने तलब नहीं की।
तब मैंने कहा, "देख! मैं आया हूँ।
किताब के तूमार में मेरे बारे लिखा है।
ऐ मेरे ख़ुदा, मेरी ख़ुशी तेरी मर्ज़ी पूरी करने में है;
बल्कि तेरी शरी’अत मेरे दिल में है।"
मैंने बड़े मजमे' में सदाक़त की बशारत दी है;
देख! मैं अपना मुँह बंद नहीं करूँगा, ऐ ख़ुदावन्द!
तू जानता है।
मैंने तेरी सदाक़त अपने दिल में छिपा नहीं रखी;
मैंने तेरी वफ़ादारी और नजात का इज़हार किया है;
मैंने तेरी शफ़क़त और सच्चाई बड़े मजमा' से नहीं छिपाई।
ऐ ख़ुदावन्द! तू मुझ पर रहम करने में दरेग़ न कर;
तेरी शफ़क़त और सच्चाई बराबर मेरी हिफ़ाज़त करें!
क्यूँकि बेशुमार बुराइयों ने मुझे घेर लिया है;
मेरी बदी ने मुझे आ पकड़ा है, ऐसा कि मैं आँख नहीं उठा सकता;
वह मेरे सिर के बालों से भी ज़्यादा हैं: इसलिए मेरा जी छूट गया।
ऐ ख़ुदावन्द! मेहरबानी करके मुझे छुड़ा।
ऐ ख़ुदावन्द! मेरी मदद के लिए जल्दी कर।
जो मेरी जान को हलाक करने के दर पै हैं,
वह सब शर्मिन्दा और ख़जिल हों;
जो मेरे नुक्सान से ख़ुश हैं, वह पस्पा और रुस्वा हो।
हमारी जान को ख़ुदावन्द की उम्मीद है;
वही हमारी मदद और हमारी ढाल है।
हमारा दिल उसमें ख़ुश रहेगा,
क्यूँकि हम ने उसके पाक नाम पर भरोसा किया है।
ऐ ख़ुदावन्द, जैसी तुझ पर हमारी उम्मीद है,
वैसी ही तेरी रहमत हम पर हो।
मैं ख़ुदावन्द का इन्तिज़ार करता हूँ।
मेरी जान मुन्तज़िर है, और मुझे उसके कलाम पर भरोसा है।
सुबह का इन्तिज़ार करने वालों से ज़्यादा,
हाँ, सुबह का इन्तिज़ार करने वालों से कहीं ज़्यादा,
मेरी जान ख़ुदावन्द की मुन्तज़िर है।
ऐ मेरी जान, ख़ुदा ही की आस रख,
क्यूँकि उसी से मुझे उम्मीद है।
ख़ुदावन्द की उम्मीद रख,
और उसी की राह पर चलता रह,
और वह तुझे सरफ़राज़ करके ज़मीन का वारिस बनाएगा;
जब शरीर काट डाले जाएँगे, तो तू देखेगा।
Confiança e perseverança
Confie no Senhor de todo o coração. Sede pacientes na tribulação — o Senhor é fiel e cumprirá todas as suas promessas.
सारे दिल से ख़ुदावन्द पर भरोसा कर,
और अपनी समझ पर इत्मिनान न कर।
अपनी सब राहों में उसको पहचान,
और वह तेरी रहनुमाई करेगा।
और सिर्फ़ यही नहीं बल्कि मुसीबतों में भी फ़ख़्र करें ये जानकर कि मुसीबत से सब्र पैदा होता है। और सब्र से पुख़्तगी और पुख़्तगी से उम्मीद पैदा होती है।
और तुम उस की जलाली क़ुदरत से मिलने वाली हर क़िस्म की ताक़त से मज़बूती पा कर हर वक़्त साबितक़दमी और सब्र से चल सकोगे।
पस, ऐ भाइयों; ख़ुदावन्द की आमद तक सब्र करो देखो किसान ज़मीन की क़ीमती पैदावार के इन्तज़ार में पहले और पिछले बारिश के बरसने तक सब्र करता रहता है। तुम भी सब्र करो और अपने दिलों को मज़बूत रखो, क्यूँकि ख़ुदावन्द की आमद क़रीब है।
देखो सब्र करने वालों को हम मुबारिक़ कहते हैं; तुम ने अय्यूब के सब्र का हाल तो सुना ही है और ख़ुदावन्द की तरफ़ से जो इसका अन्जाम हुआ उसे भी मा’लूम कर लिया जिससे ख़ुदावन्द का बहुत तरस और रहम ज़ाहिर होता है।
चूँकि तुम ने हक़ की ताबे 'दारी से अपने दिलों को पाक किया है, जिससे भाइयों की बे’रिया मुहब्बत पैदा हुई, इसलिए दिल — ओ — जान से आपस में बहुत मुहब्बत रख्खो। क्यूँकि तुम मिटने वाले बीज से नहीं बल्कि ग़ैर फ़ानी से ख़ुदा के कलाम के वसीले से, जो ज़िंदा और क़ाईम है, नए सिरे से पैदा हुए हो।
चुनाँचे हर आदमी घास की तरह है, और उसकी सारी शान — ओ — शौकत घास के फूल की तरह।
घास तो सूख जाती है, और फूल गिर जाता है।
लेकिन ख़ुदावन्द का कलाम हमेशा तक क़ाईम रहेगा।
ये वही ख़ुशख़बरी का कलाम है जो तुम्हें सुनाया गया था।
ख़ुदावन्द अपने वा’दे में देर नहीं करता, जैसी देर कुछ लोग समझते है; बल्कि तुम्हारे बारे में हलाकत नहीं चाहता बल्कि ये चाहता है कि सबकी तौबा तक नौबत पहुँचे।
दस कुँवारियों की तमसील
"उस वक़्त आसमान की बादशाही उन दस कुँवारियों की तरह होगी जो अपनी मशा’लें लेकर दुल्हा के इस्तक़बाल को निकलीं। उन में पाँच बेवक़ूफ़ और पाँच अक़्लमन्द थीं। जो बेवक़ूफ़ थीं उन्होंने अपनी मशा’लें तो ले लीं मगर तेल अपने साथ न लिया। मगर अक़्लमन्दों ने अपनी मशा’लों के साथ अपनी कुप्पियों में तेल भी ले लिया। और जब दुल्हा ने देर लगाई तो सब ऊँघने लगीं और सो गई।"
"आधी रात को धूम मची, देखो! दुल्हा आ गया, उसके इस्तक़बाल को निकलो! उस वक़्त वो सब कुँवारियाँ उठकर अपनी — अपनी मशा’लों को दुरुस्त करने लगीं। और बेवक़ूफ़ों ने अक़्लमन्दों से कहा, ‘अपने तेल में से कुछ हम को भी दे दो, क्यूँकि हमारी मशा’लें बुझी जाती हैं।’ 'अक़्लमन्दों ने जवाब दिया, शायद हमारे तुम्हारे दोनों के लिए काफ़ी न हो बेहतर; ये है कि बेचने वालों के पास जाकर, अपने लिए मोल ले लो। जब वो मोल लेने जा रही थी, तो दुल्हा आ पहुँचा और जो तैयार थीं, वो उस के साथ शादी के जश्न में अन्दर चली गईं, और दरवाज़ा बन्द हो गया। फिर वो बाक़ी कुँवारियाँ भी आईं और कहने लगीं ‘ऐ ख़ुदावन्द ऐ ख़ुदावन्द। हमारे लिए दरवाज़ा खोल दे।’ उसने जवाब में कहा ‘मैं तुम से सच कहता हूँ कि मैं तुम को नहीं जानता।’ पस जागते रहो, क्यूँकि तुम न उस दिन को जानते हो न उस वक़्त को।"