Esperar no Senhor
Esperar no Senhor é ato de fé e confiança. A Bíblia promete que os que esperam em Deus renovam as forças, recebem direção e experimentam a fidelidade divina no tempo certo.
Renovar as forças
Os que esperam no Senhor renovam as forças. Sobem como águias, correm e não se cansam, caminham e não se fatigam.
Espera paciente
Esperei com paciência no Senhor e Ele se inclinou para mim. Confie nele e descanse — Ele agirá no tempo certo.
Confiança e perseverança
Confie no Senhor de todo o coração. Sede pacientes na tribulação — o Senhor é fiel e cumprirá todas as suas promessas.
इतनोच नहीं हमरो मुसीबत पर भी केवल योच नहीं, बल्की हम कठिनायियों म भी घमण्ड करे, यो जान क कि कठिनायी सी धीरज, अऊर धीरज सी परख्यो भयो चरित्र बनय हय, अऊर परख्यो हुयो चरित्र सी आशा निकलय हय;
ओकी महिमामय शक्ति सी जो सामर्थ हासिल होवय हय ओको म बलवन्त होतो जावो, ताकि तुम धीरज को संग सब कुछ सहन को लायक बनो। अऊर खुशी को संग बाप को धन्यवाद करो।
धीरज अऊर प्रार्थना
येकोलायी हे भाऊवों अऊर बहिनों, प्रभु को आगमन तक धीरज रखो। देखो, किसान जमीन की किमती फसल की आशा रखतो हुयो पहिली अऊर आखरी बारीश होन तक धीरज सी बाट देखतो रह्य हय। तुम भी धीरज रखो; अऊर अपनी आशा ख बनायो रखो, कहालीकि प्रभु को आगमन जवर हय।
देखो, हम धीरज धरन वालो उन भविष्यवक्तावों ख धन्य कहजे हंय। तुम न अय्युब को धीरज को बारे म त सुन्योच हय, अऊर प्रभु को तरफ सी जो ओको प्रतिफल भयो ओख भी जान लियो हय, जेकोसी प्रभु की अत्यन्त करुना अऊर दया प्रगट होवय हय।
जब तुम न सच को पालन करतो हुयो सच्चो भाईचारा को प्रेम ख प्रदर्शित करन लायी अपनो आप ख निष्कपट कर लियो हय त पूरो दिल को संग आपस म एक दूसरों सी प्रेम करे। कहालीकि तुम न नाशवान नहीं पर अविनाशी बीज सी, परमेश्वर को जीवतो अऊर हमेशा ठहरन वालो वचन को द्वारा नयो जनम पायो हय। कहालीकि
जसो शास्त्र म लिख्यो हय "हर एक प्रानी घास को जसो हय,
अऊर ओकी पूरी शोभा
जंगली फूलो को जसो हय। अऊर घास सुक जावय हय।
पर प्रभु को वचन हमेशा हमेशा स्थिर रह्य हय।"
अऊर योच सुसमाचार को वचन हय जो तुम्ख घोषित करयो गयो होतो।
प्रभु अपनी वाचा को बारे म देर नहीं करय, जसी देर कुछ लोग समझय हंय; पर तुम्हरो बारे म धीरज धरय हय, अऊर नहीं चाहवय कि कोयी नाश होय, बल्की यो कि सब ख मन फिराव को अवसर मिले।
दस कुंवारियों को दृष्टान्त
"स्वर्ग को राज्य उन दस कुंवारियों को जसो होयेंन जो अपनी दीया पकड़ क दूल्हा सी मिलन लायी निकली। उन्म पाच मूर्ख अऊर पाच समझदार होती। मूर्खो न अपनी दीया त ली, पर अपनो संग तेल नहीं लियो; पर समझदारों न अपनी दीया को संग अपनो कुप्पियों म तेल भी भर लियो। जब दूल्हा को आनो म देर भयी, त हि सब नींद सी झुलन लगी अऊर सोय गयी।"
"अरधी रात ख धूम मची: ‘देखो, दूल्हा आय रह्यो हय! ओको सी मिलन लायी चलो।’ तब हि सब कुंवारिया उठ क अपनी दीया ठीक करन लगी। अऊर मूर्खो न समझदारों सी कह्यो, ‘अपनो तेल म सी कुछ हम्ख भी देवो, कहालीकि हमरो दीया बुझ रह्यो हंय।’ पर समझदारों न उत्तर दियो, ‘यो हमरो अऊर तुम्हरो लायी पूरो नहीं होय; भलो त यो हय कि तुम तेल बेचन वालो को जवर जाय क अपनो लायी ले लेवो।’ जब हि तेल लेन ख जाय रही होती त दूल्हा आय पहुंच्यो, अऊर जो तैयार होती, हि ओको संग बिहाव को भवन म चली गयी अऊर दरवाजा बन्द कर दियो गयो।"
"येको बाद हि दूसरी कुंवारिया भी आय क कहन लगी, ‘हे मालिक, हे मालिक, हमरो लायी दरवाजा खोल दे अऊर हम ख अन्दर आवन दे!’ ओन उत्तर दियो, ‘मय तुम सी सच कहूं हय, मय तुम्ख नहीं जानु।’"
येकोलायी "जागतो रहो," कहालीकि तुम न ऊ दिन ख जानय हय, अऊर न ऊ समय ख।