Estudar a Bíblia
Estudar a Bíblia é mergulhar na mente de Deus. A Palavra é lâmpada para os pés, espada do Espírito e alimento para a alma. O cristão que estuda cresce em sabedoria e maturidade.
A importância do estudo
Os bereanos eram mais nobres porque examinavam as Escrituras diariamente. Estudar a Bíblia é mandamento e privilégio.
ये लोग थिस्सलुनीकियों के यहूदियों से नेक ज़ात थे, क्यूँकि उन्हों ने बड़े शौक़ से कलाम को क़ुबूल किया और रोज़ — ब — रोज़ किताब ऐ मुक़द्दस में तहक़ीक़ करते थे, कि आया ये बातें इस तरह हैं?
अपने आपको ख़ुदा के सामने मक़बूल और ऐसे काम करने वाले की तरह पेश करने की कोशिश कर; जिसको शर्मिन्दा होना न पड़े, और जो हक़ के कलाम को दुरुस्ती से काम में लाता हो।
और तू बचपन से उन पाक नविश्तों से वाक़िफ़ है, जो तुझे मसीह 'ईसा पर ईमान लाने से नजात हासिल करने के लिए दानाई बख़्श सकते हैं।
हर एक सहीफ़ा जो ख़ुदा के इल्हाम से है ता’लीम और इल्ज़ाम और इस्लाह और रास्तबाज़ी में तरबियत करने के लिए फ़ाइदे मन्द भी है। ताकि मर्दे ख़ुदा कामिल बने और हर एक नेक काम के लिए बिल्कुल तैयार हो जाए।
जब तक मैं न आऊँ, पढ़ने और नसीहत करने और ता’लीम देने की तरफ़ मुतवज्जह रह।
तुम किताब — ए — मुक़द्दस में ढूँडते हो, क्यूँकि समझते हो कि उसमें हमेशा की ज़िन्दगी तुम्हें मिलती है, और ये वो है जो मेरी गवाही देती है;
Meditar e guardar
Não se aparte a lei do Senhor da tua boca. Medita nela de dia e de noite para que cumpras tudo o que nela está escrito.
शरी’अत की यह किताब तेरे मुँह से न हटे, बल्कि तुझे दिन और रात इसी का ध्यान हो ताकि जो कुछ उस में लिखा है उस सब पर तू एहतियात करके 'अमल कर सके; क्यूँकि तब ही तुझे कामयाबी की राह नसीब होगी और तू ख़ूब कामयाब होगा।
तेरा कलाम मेरे क़दमों के लिए चराग़,
और मेरी राह के लिए रोशनी है।
आह! मैं तेरी शरी’अत से कैसी मुहब्बत रखता हूँ,
मुझे दिन भर उसी का ध्यान रहता है।
तेरे फ़रमान मुझे मेरे दुश्मनों से ज़्यादा 'अक़्लमंद बनाते हैं,
क्यूँकि वह हमेशा मेरे साथ हैं।
मैं अपने सब उस्तादों से 'अक़्लमंद हैं,
क्यूँकि तेरी शहादतों पर मेरा ध्यान रहता है।
जवान अपने चाल चलन किस तरह पाक रख्खे?
तेरे कलाम के मुताबिक़ उस पर निगाह रखने से।
मैं पूरे दिल से तेरा तालिब हुआ हूँ:
मुझे अपने फ़रमान से भटकने न दे।
मैंने तेरे कलाम को अपने दिल में रख लिया है
ताकि मैं तेरे ख़िलाफ़ गुनाह न करूँ।
ऐ ख़ुदावन्द! तू मुबारक है;
मुझे अपने क़ानून सिखा!
मैंने अपने लबों से,
तेरे फ़रमूदा अहकाम को बयान किया।
मुझे तेरी शहादतों की राह से ऐसी ख़ुशी हुई,
जैसी हर तरह की दौलत से होती है।
मैं तेरे क़वानीन पर ग़ौर करूँगा,
और तेरी राहों का लिहाज़ रख्खूँगा।
मैं तेरे क़ानून में मसरूर रहूँगा;
मैं तेरे कलाम को न भूलूँगा।
गिमेल
जब मैं तेरी सदाक़त के अहकाम सीख लूँगा,
तो सच्चे दिल से तेरा शुक्र अदा करूँगा।
Estudo diligente
Esdras preparou o coração para buscar e ensinar a lei. O estudo exige disciplina, constância e coração aberto.
क्यूँकि पहले महीने की पहली तारीख़ को तो बाबुल से चला और पांचवें महीने की पहली तारीख़ को येरूशलेम में आ पहुँचा। क्यूँकि उसके ख़ुदा की शफ़क़त का हाथ उसपर था। इसलिए कि 'एज्रा आमादा हो गया था कि ख़ुदावन्द की शरी’अत का तालिब हो, और उस पर 'अमल करे और इस्राईल में आईन और अहकाम की तालीम दे।
तू अपने सारे दिल, और अपनी सारी जान, और अपनी सारी ताक़त से ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा से मुहब्बत रख। और ये बातें जिनका हुक्म आज मैं तुझे देता हूँ तेरे दिल पर नक़्श रहें। और तू इनको अपनी औलाद के ज़हन नशीं करना, और घर बैठे और राह चलते और लेटते और उठते वक़्त इनका ज़िक्र किया करना। और तू निशान के तौर पर इनको अपने हाथ पर बाँधना, और वह तेरी पेशानी पर टीकों की तरह हों। और तू उनको अपने घर की चौखटों और अपने फाटकों पर लिखना।
और जब वह तख़्त — ए — सल्तनत पर बैठा करे तो उस शरी’अत की जो लावी काहिनों के पास रहेगी, एक नक़ल अपने लिए एक किताब में उतार ले। और वह उसे अपने पास रख्खे और अपनी सारी उम्र उसको पढ़ा करे, ताकि वह ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा का ख़ौफ़ मानना और उस शरी’अत और आईन की सब बातों पर 'अमल करना सीखे; जिससे उसके दिल में ग़ुरूर न हो कि वह अपने भाइयों को हक़ीर जाने, और इन अहकाम से न तो दहने न बाएँ मुड़े; ताकि इस्राईलियों के बीच उसकी और उसकी औलाद की सल्तनत ज़माने तक रहे।
अस्माल का मकसद
इस्राईल के बादशाह सुलेमान बिन दाऊद की अम्साल:
हिकमत और तरबियत हासिल करने,
और समझ की बातों का फ़र्क़ करने के लिए,
'अक़्लमंदी और सदाक़त और 'अद्ल, और रास्ती में तरबियत हासिल करने के लिए;
सादा दिलों को होशियारी,
जवान को 'इल्म और तमीज़ बख़्शने के लिए,
ताकि 'अक़्लमंद आदमी सुनकर 'इल्म में तरक़्क़ी करे
और समझदार आदमी दुरुस्त मश्वरत तक पहुँचे,
जिस से मसल और तम्सील को,
'अक़्लमंदों की बातों और उनके पोशीदा राज़ो को समझ सके।
ख़ुदावन्द में भरोसा करना
ऐ मेरे बेटे, मेरी ता’लीम को फ़रामोश न कर,
बल्कि तेरा दिल मेरे हुक्मों को माने,
क्यूँकि तू इनसे उम्र की दराज़ी और बुढ़ापा,
और सलामती हासिल करेगा।
तरबियत को मज़बूती से पकड़े रह, उसे जाने न दे;
उसकी हिफ़ाज़त कर क्यूँकि वह तेरी ज़िन्दगी है।
क्यूँकि फ़रमान चिराग़ है और ता’लीम नूर,
और तरबियत की मलामत ज़िन्दगी की राह है,
Proteção e crescimento
Quem ignora a Palavra perece. Toda Escritura é útil — crescei na graça e no conhecimento do nosso Senhor.
मेरे लोग 'अदम — ए — मा’रिफ़त से हलाक हुए; चूँकि तू ने ज़रिए' को रद्द किया, इसलिए मैं भी तुझे रद्द करूँगा ताकि तू मेरे सामने काहिन न हो; और चूंकि तू अपने ख़ुदा की शरी’अत को भूल गया है, इसलिए मैं भी तेरी औलाद को भूल जाऊँगा।
शरी’अत और शहादत पर नज़र करो! अगर वह इस कलाम के मुताबिक़ न बोलें तो उनके लिए सुबह न होगी।
ईसा ने उनसे कहा, "क्या तुम इस वजह से गुमराह नहीं हो कि न किताब — ए — मुक़द्दस को जानते हो और न ख़ुदा की क़ुदरत को।
क्यूँकि जितनी बातें पहले लिखी गईं, वो हमारी ता’लीम के लिए लिखी गईं, ताकि सब्र और किताब’ए मुक़द्दस की तसल्ली से उम्मीद रखे।
पस ऐ 'अज़ीज़ो! चूँकि तुम पहले से आगाह हो, इसलिए होशियार रहो, ताकि बे — दीनों की गुमराही की तरफ़ खिंच कर अपनी मज़बूती को छोड़ न दो। बल्कि हमारे ख़ुदावन्द और मुन्जी ईसा मसीह के फ़ज़ल और 'इरफ़ान में बढ़ते जाओ। उसी की बड़ाई अब भी हो, और हमेशा तक होती रहे। आमीन।
इसी नजात के बारे में नबियों ने बड़ी तलाश और तहक़ीक़ की, जिन्होंने उस फ़ज़ल के बारे में जो तुम पर होने को था नबुव्वत की।
उन्होंने इस बात की तहक़ीक़ की कि मसीह का रूह जो उस में था, और पहले मसीह के दुखों और उनके ज़िन्दा हो उठने के बाद उसके के जलाल की गवाही देता था, वो कौन से और कैसे वक़्त की तरफ़ इशारा करता था।