Filho de Deus
Jesus é o Filho de Deus — a revelação suprema do Pai. Nele habita toda a plenitude da divindade e por Ele temos acesso ao Pai, à salvação e à vida eterna.
A revelação do Filho
O Filho é o resplendor da glória de Deus. Quem vê o Filho vê o Pai. Jesus é a imagem perfeita do Deus invisível.
वह उसकी महिमा का प्रकाश और उसके तत्त्व का प्रतिरूप है, और अपने सामर्थ्य के वचन के द्वारा वह सब वस्तुओं को संभाले रखता है। वह हमारे पापों को धोकर ऊँचे पर महामहिम के दाहिनी ओर जा बैठा। इस प्रकार वह स्वर्गदूतों से उतना ही उत्तम ठहरा, जितना उसने उनसे श्रेष्ठ नाम उत्तराधिकार में पाया है।
वचन देहधारी हुआ और हमारे बीच में डेरा किया। हमने उसकी ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा। वह अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण था।
परमेश्वर को किसी ने कभी नहीं देखा; परमेश्वर अर्थात् एकलौता पुत्र जो पिता की गोद में है, उसी ने उसे प्रकट किया।
परंतु यीशु ने उनसे कहा,"मेरा पिता अब तक कार्य करता है, और मैं भी कार्य करता हूँ।" इस कारण यहूदी और भी अधिक उसे मार डालने का अवसर ढूँढ़ने लगे, क्योंकि वह न केवल सब्त के दिन की विधि को तोड़ रहा था, बल्कि परमेश्वर को अपना पिता कहकर अपने आपको परमेश्वर के तुल्य ठहरा रहा था।
Confissão e fé
Tu és o Cristo, o Filho do Deus vivo! Quem confessa que Jesus é o Filho de Deus, Deus permanece nele.
जब यीशु कैसरिया फिलिप्पी के प्रदेश में आया तो अपने शिष्यों से पूछने लगा,"लोगों का क्या कहना है? मनुष्य का पुत्र कौन है?" तब उन्होंने उत्तर दिया, "कुछ तो यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला, और कुछ लोग एलिय्याह, और कुछ लोग यिर्मयाह या भविष्यवक्ताओं में से एक कहते हैं।" उसने उनसे पूछा,"परंतु तुम मुझे क्या कहते हो?" शमौन पतरस ने उत्तर दिया, "तू जीवित परमेश्वर का पुत्र मसीह है।"
और यीशु बपतिस्मा लेकर तुरंत पानी में से ऊपर आया; और देखो, उसके लिए आकाश खुल गया, और उसने परमेश्वर के आत्मा को कबूतर के समान उतरते और अपने ऊपर आते हुए देखा। और देखो, आकाश से एक आवाज़ आई, "यह मेरा प्रिय पुत्र है, जिससे मैं अति प्रसन्न हूँ।"
जो कोई यह मान लेता है कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है, परमेश्वर उसमें बना रहता है और वह परमेश्वर में।
परमेश्वर का प्रेम हमारे बीच इससे प्रकट हुआ कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेज दिया कि हम उसके द्वारा जीवित रहें। प्रेम इसमें नहीं कि हमने परमेश्वर से प्रेम रखा, बल्कि इसमें है कि परमेश्वर ने हमसे प्रेम रखा और अपने पुत्र को हमारे पापों के प्रायश्चित्त के लिए भेजा।
जो पाप करता है वह शैतान से है क्योंकि शैतान आरंभ ही से पाप करता आया है। परमेश्वर का पुत्र इसलिए प्रकट हुआ कि वह शैतान के कार्यों का नाश करे।
जिसके पास पुत्र है उसके पास यह जीवन है। जिसके पास परमेश्वर का पुत्र नहीं है उसके पास यह जीवन नहीं।
Vida no Filho
Deus enviou seu Filho ao mundo para que vivêssemos por Ele. O Filho dá vida, julga e reconcilia os pecadores com o Pai.
"क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे वह नाश न हो, परंतु अनंत जीवन पाए।
जिस प्रकार पिता मृतकों को जिलाता और उन्हें जीवन देता है, उसी प्रकार पुत्र भी जिन्हें वह चाहता है जीवन देता है। पिता किसी का न्याय नहीं करता बल्कि उसने न्याय का सारा कार्य पुत्र को सौंप दिया है, ताकि सब लोग जैसे पिता का आदर करते हैं पुत्र का भी आदर करें। जो पुत्र का आदर नहीं करता, वह पिता का भी आदर नहीं करता जिसने उसे भेजा है।
मैं तुमसे सच-सच कहता हूँ कि वह समय आता है बल्कि अब है जब मृतक परमेश्वर के पुत्र की आवाज़ सुनेंगे, और जो सुनेंगे वे जीएँगे। क्योंकि जिस प्रकार पिता अपने में जीवन रखता है, उसी प्रकार उसने होने दिया कि पुत्र भी अपने में जीवन रखे;
परंतु जितनों ने उसे ग्रहण किया, अर्थात् जो उसके नाम पर विश्वास करते हैं, उसने उन्हें परमेश्वर की संतान होने का अधिकार दिया। वे न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से और न ही मनुष्य की इच्छा से, परंतु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूँ; अब मैं जीवित नहीं रहा, परंतु मसीह मुझमें जीवित है। अब जो मैं शरीर में जीवित हूँ तो उस विश्वास के द्वारा जीवित हूँ जो परमेश्वर के पुत्र पर है जिसने मुझसे प्रेम रखा और अपने आपको मेरे लिए दे दिया।
परंतु जब समय पूरा हुआ तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा और व्यवस्था के अधीन उत्पन्न हुआ, कि जो व्यवस्था के अधीन हैं उन्हें मूल्य चुकाकर छुड़ा ले, जिससे हमें लेपालक पुत्र होने का अधिकार प्राप्त हो। क्योंकि तुम पुत्र हो, इसलिए परमेश्वर ने अपने पुत्र के आत्मा को हमारे हृदयों में भेजा है जो "हे अब्बा, हे पिता" कहकर पुकारता है।
क्योंकि जब शत्रु होने पर भी उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा परमेश्वर से हमारा मेल हुआ, तो फिर मेल-मिलाप हो जाने पर हम निश्चय ही उसके जीवन के द्वारा उद्धार पाएँगे।