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Filho de Deus: o que significa a divindade de Jesus?

O que significa Jesus ser o Filho de Deus

Na Bíblia, o título "Filho de Deus" afirma a plena divindade de Jesus e a Sua igualdade de natureza com o Pai. Não significa que Jesus foi criado no tempo nem que teve uma origem biológica, mas que Ele compartilha da mesma essência divina e é a revelação exata do Deus invisível.

No contexto judaico do primeiro século, falar da relação de filho com o pai indicava identidade de natureza e representação total. Quando Jesus chamou Deus de Seu próprio Pai, os líderes religiosos entenderam de imediato o peso daquela afirmação:

यीसू ह ओमन ला कहिस, "मोर ददा ह हमेसा अपन काम करत हवय, अऊ मेंह घलो काम करत हवंव।" एकरे कारन यहूदीमन यीसू ला मार डारे के अऊ कतको उपाय करे लगिन, काबरकि यीसू ह न सिरिप बिसराम दिन के कानून ला टोरत रिहिस, पर ओह परमेसर ला अपन खुद के ददा कहिके, अपनआप ला परमेसर के बरोबर घलो रखत रिहिस।(यूहन्ना 5:17,18)

O Antigo Testamento já apontava para esse mistério, anunciando séculos antes que o menino que nasceria receberia títulos divinos:

काबरकि हमर बर एक बालक ह जनमे हे,

हमन ला एक बेटा दिये गे हवय,

अऊ परभूता ओकर खांध ऊपर होही।

अऊ ओकर नांव

अद्भूत युक्ति करइया, पराकरमी परमेसर,

अनंतकाल के ददा, अऊ सांति के राजकुमार रखे जाही।(यसायाह 9:6)

O Novo Testamento confirma que o Filho é a presença visível de Deus entre os seres humanos, eterno e criador de todas as coisas:

ओ बचन ह मनखे के देहें धारन करिस, अऊ हमर बीच म कुछू समय बर डेरा करिस। हमन ओकर महिमा देखे हवन, ओ एकलऊता बेटा के महिमा, जऊन ह अनुग्रह अऊ सच्चई ले भरपूर होके स्वरगीय ददा करा ले आईस।(यूहन्ना 1:14)

परमेसर ला कोनो कभू नइं देखे हवंय, पर सिरिप एकलऊता बेटा, जऊन ह खुदे परमेसर अय, अऊ जऊन ह ददा के कोरा म हवय, ओही ह ओला परगट करे हवय।(यूहन्ना 1:18)

बेटा ही परमेसर के महिमा के अंजोर ए अऊ ओह परमेसर के रूप के एकदम सही परतिनिधि ए अऊ ओह अपन सामर्थी बचन के दुवारा जम्मो चीजमन ला संभालके रखथे। ओह मनखेमन के पाप ला सुध करे के बाद, स्वरग म महामहिम परमेसर के जेवनी हांथ कोति जा बईठिस। एकरसेति ओह स्वरगदूतमन ले जादा उत्तम ठहिरिस, जइसने कि परमेसर ह ओला स्वरगदूतमन ले उत्तम नांव घलो दे रिहिस।(इबरीमन 1:3,4)

O testemunho do Pai e a confissão de Pedro

A identidade de Jesus como Filho de Deus não surgiu como um rumor popular, mas foi afirmada pelo próprio Deus no início do ministério público de Cristo:

बतिसमा लेय के बाद यीसू ह तुरते पानी ले बाहिर निकलिस। ओहीच समय अकास ह खुल गीस, अऊ ओह परमेसर के आतमा ला पंड़की के सहीं अपन ऊपर उतरत देखिस। अऊ अकास ले ये अवाज आईस, "येह मोर मयारू बेटा अय, जेकर ले मेंह बहुंत खुस हवंव।"(मत्ती 3:16,17)

A resposta esperada diante dessa revelação é o reconhecimento. Em Cesareia de Filipe, quando Jesus perguntou aos discípulos sobre a Sua identidade, Pedro expressou a base da fé cristã:

जब यीसू ह कैसरिया-फिलिप्पी के इलाका म आईस, त ओह अपन चेलामन ले पुछिस, "मनखेमन मनखे के बेटा ला कोन ए, कहिथें?"

ओमन कहिन, "कुछू मनखेमन कहिथें कि ओह यूहन्ना बतिसमा देवइया अय; कुछू मन एलियाह अय, कहिथें; अऊ कुछू मनखेमन कहिथें कि ओह यरमियाह या अगमजानीमन ले एक झन अय।"

यीसू ह ओमन ले पुछिस, "पर तुमन मोला कोन ए, कहत हव?"

सिमोन पतरस ह जबाब दीस, "तेंह जीयत परमेसर के बेटा—मसीह अस।"(मत्ती 16:13-16)

Reconhecer Jesus como o Filho enviado por Deus é o ponto de partida da comunhão com o Criador:

कहूं कोनो ये मान लेथे कि यीसू ह परमेसर के बेटा अय, त परमेसर ह ओमा रहिथे अऊ ओह परमेसर म।(1 यूहन्ना 4:15)

Por que Deus enviou o Seu Filho

O envio do Filho à Terra teve um propósito definido: resgatar a humanidade da condenação do pecado e manifestar o amor do Pai de forma concreta na história.

"काबरकि परमेसर ह संसार ले अइसने मया करिस कि ओह अपन एकलऊता बेटा ला दे दीस, ताकि जऊन कोनो ओकर बेटा ऊपर बिसवास करय, ओह नास नइं होवय, पर परमेसर के संग सदाकाल के जिनगी पावय।(यूहन्ना 3:16)

परमेसर ह ये किसम ले अपन मया ला हमर बीच म परगट करिस: ओह अपन एकलऊता बेटा ला ये संसार म पठोईस, ताकि हमन ला ओकर दुवारा सदाकाल के जिनगी मिलय। मया येमा नइं अय कि हमन परमेसर ले मया करेंन, पर मया येमा हवय कि परमेसर ह हमर ले मया करिस, अऊ अपन बेटा ला पठोईस कि ओह कुरूस म मरे के दुवारा हमर पाप के सजा ला अपन ऊपर ले लेवय।(1 यूहन्ना 4:9,10)

Ao se entregar na cruz e ressuscitar, o Filho desfez o poder do mal e reconciliou com Deus aqueles que estavam separados dEle:

जऊन ह पाप करते रहिथे, ओह सैतान कोति ले अय, काबरकि सैतान ह सुरूच ले पाप करत आय हवय। परमेसर के बेटा ह एकरसेति परगट होईस कि ओह सैतान के काम ला नास करय।(1 यूहन्ना 3:8)

काबरकि जब हमन परमेसर के बईरी रहेंन, त ओकर बेटा के मिरतू के दुवारा ओकर संग हमर मेल-मिलाप होईस, त फेर मेल-मिलाप होय के बाद, मसीह के जिनगी के दुवारा हमन उद्धार काबर नइं पाबो?(रोमीमन 5:10)

A autoridade do Filho e a nova vida de quem crê

O Pai conferiu ao Filho a autoridade de julgar e de conceder vida. Ter o Filho significa ter a própria vida espiritual restaurada:

काबरकि जइसने ददा ह मरे मनखे ला जियाथे अऊ ओमन ला जिनगी देथे, वइसनेच बेटा ह घलो जऊन ला चाहथे, ओला जिनगी देथे। ददा ह काकरो नियाय नइं करय, पर ओह नियाय करे के जम्मो अधिकार अपन बेटा ला सऊंप दे हवय, ताकि जम्मो मनखे जइसने ददा के आदर करथें, वइसनेच बेटा के घलो आदर करंय। जऊन ह बेटा के आदर नइं करय, ओह ददा के घलो आदर नइं करय, जऊन ह बेटा ला पठोय हवय।(यूहन्ना 5:21-23)

मेंह तुमन ला सच कहत हंव, ओ समय ह आवत हे, अऊ आ गे हवय, जब मरे मनखेमन परमेसर के बेटा के अवाज ला सुनहीं, अऊ जऊन मन येला सुनहीं, ओमन जिनगी पाहीं। काबरकि जइसने ददा ह अपन म जिनगी रखथे; ओही किसम ले, ओह बेटा ला घलो अधिकार दे हवय कि ओह अपन म जिनगी रखय।(यूहन्ना 5:25,26)

जेकर करा परमेसर के बेटा हवय, ओकर करा जिनगी हवय; अऊ जेकर करा परमेसर के बेटा नइं ए, ओकर करा जिनगी घलो नइं ए।(1 यूहन्ना 5:12)

Quem recebe a Jesus deixa de ser apenas criatura e passa a fazer parte da família de Deus. Pela obra do Filho eterno, os crentes recebem o Espírito Santo e são adotados como filhos do Pai:

पर जतेक झन ओला गरहन करिन अऊ ओकर नांव ऊपर बिसवास करिन, ओमन ला ओह परमेसर के संतान होय के अधिकार दीस। ये संतानमन न तो सुभाविक बंस ले, न देहें के ईछा ले, अऊ न कोनो मनखे के ईछा ले, पर परमेसर के ईछा ले जनमिन।(यूहन्ना 1:12,13)

पर जब आखिर म सही समय आईस, त परमेसर ह अपन बेटा ला पठोईस, जऊन ह एक माईलोगन ले जनमिस अऊ ओह मूसा के कानून के अधीन पईदा होईस, ताकि जऊन मन मूसा के कानून के अधीन हवंय, ओमन ला दाम देके छोंड़ावय अऊ हमन ला बेटा के पूरा अधिकार मिलय। काबरकि तुमन ओकर बेटा अव, परमेसर ह अपन बेटा के आतमा ला हमर हिरदय म पठोय हवय अऊ ये आतमा ह ऊंचहा अवाज म कहिथे, "हे अब्बा, हे ददा।"(गलातिया 4:4-6)

Essa nova condição transforma o cotidiano: a vida agora é conduzida pela fé no Filho de Deus, que se entregou por cada pessoa.

मेंह मसीह के संग कुरूस म चघाय जा चुके हवंव अऊ अब मेंह जीयत नइं अंव, पर मसीह ह मोर म जीयत हवय। ओ जिनगी जऊन ला मेंह देहें म जीयत हवंव, ओला मेंह परमेसर के बेटा म बिसवास के दुवारा जीयत हवंव, जऊन ह मोर ले मया करिस अऊ अपनआप ला मोर बर दे दीस।(गलातिया 2:20)

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