Filhos de Deus
Ser filho de Deus é o maior privilégio da existência humana. Pela fé em Cristo, recebemos o direito de ser chamados filhos de Deus — herdeiros de Deus e co-herdeiros com Cristo.
O direito de ser filho
A todos que creram no nome de Jesus, deu-lhes o poder de serem feitos filhos de Deus — nascidos não do sangue, mas de Deus.
परंतु जितनों ने उसे ग्रहण किया, अर्थात् जो उसके नाम पर विश्वास करते हैं, उसने उन्हें परमेश्वर की संतान होने का अधिकार दिया। वे न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से और न ही मनुष्य की इच्छा से, परंतु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
"क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे वह नाश न हो, परंतु अनंत जीवन पाए।
परंतु ये इसलिए लिखे गए हैं, ताकि तुम विश्वास करो कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र मसीह है, और विश्वास करके उसके नाम से जीवन पाओ।
तुम सब मसीह यीशु पर विश्वास करने के द्वारा परमेश्वर की संतान हो; क्योंकि तुममें से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहन लिया है।
परंतु जब समय पूरा हुआ तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा और व्यवस्था के अधीन उत्पन्न हुआ, कि जो व्यवस्था के अधीन हैं उन्हें मूल्य चुकाकर छुड़ा ले, जिससे हमें लेपालक पुत्र होने का अधिकार प्राप्त हो।
अतः अब तू दास नहीं बल्कि पुत्र है, और यदि पुत्र है तो परमेश्वर के द्वारा उत्तराधिकारी भी है।
A identidade dos filhos
O Espírito testifica com nosso espírito que somos filhos de Deus. E se filhos, também herdeiros — herdeiros de Deus.
अतः जितने परमेश्वर के आत्मा के द्वारा चलाए जाते हैं, वे परमेश्वर की संतान हैं। क्योंकि तुम्हें दासत्व की आत्मा नहीं मिली कि फिर भयभीत हो जाओ, बल्कि तुम्हें लेपालकपन का आत्मा मिला है, जिसके द्वारा हम "हे अब्बा, हे पिता" पुकारते हैं।
आत्मा स्वयं हमारी आत्मा के साथ यह साक्षी देता है कि हम परमेश्वर की संतान हैं।
अर्थात्, जो शरीर की संतान हैं वे परमेश्वर की संतान नहीं, बल्कि प्रतिज्ञा की संतान को ही वंश माना जाता है।
Viver como filhos
Vede que grande amor o Pai nos concedeu: que fôssemos chamados filhos de Deus! E é isso que somos.
देखो, पिता ने हमसे कैसा प्रेम किया है कि हम परमेश्वर की संतान कहलाएँ, और हम हैं भी। इस कारण संसार हमें नहीं जानता क्योंकि संसार ने उसे भी नहीं जाना।
इसी से परमेश्वर की संतान और शैतान की संतान की पहचान होती है; प्रत्येक जो धार्मिकता पर नहीं चलता, वह परमेश्वर से नहीं, और न ही वह जो अपने भाई से प्रेम नहीं रखता।
धन्य हैं वे जो मेल कराते हैं,
क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र कहलाएँगे।
उसने उनसे पूछा,"परंतु तुम मुझे क्या कहते हो?" शमौन पतरस ने उत्तर दिया, "तू जीवित परमेश्वर का पुत्र मसीह है।" इस पर यीशु ने उससे कहा,"हे योना के पुत्र शमौन! तू धन्य है, क्योंकि यह बात मांस और लहूने नहीं, बल्कि मेरे पिता ने जो स्वर्ग में है, तुझ पर प्रकट की है।
तुम दुःख को ताड़ना समझकर सह लो। परमेश्वर तुम्हारे साथ पुत्र के समान व्यवहार करता है। ऐसा कौन सा पुत्र है जिसकी ताड़ना उसका पिता नहीं करता? यदि वह ताड़ना जिसके भागी सब होते हैं, तुम्हारी नहीं हुई, तो तुम पुत्र नहीं बल्कि अवैध संतान हो।