Gratidão ao Senhor
A gratidão ao Senhor é resposta de amor diante da bondade divina. Louvar a Deus com cântico e magnificá-lo com ação de graças — isso é o que agrada ao Senhor.
Agradecer ao Senhor
Deus transformou nosso lamento em dança. Ele é digno de toda gratidão, em todo tempo e em toda circunstância.
तन्नै मेरे खात्तर दुख की घड़ी ताहीं नाच म्ह बदल दिया,
तन्नै मेरा टाट उतरवा कै मेरी कमर म्ह आनन्द
का पटका बाँधया सै;
ताके मेरा मन तेरा भजन गान्दा रहवै
अर कदे चुप न्ही हो।
हे मेरे परमेसवर यहोवा,
मै सदा तेरा धन्यवाद करदा रहूँगा।
मै गीत गाकै तेरे नाम की स्तुति करुँगा,
अर धन्यवाद करदा होया तेरी बड़ाई करुँगा।
उसके फाटकां म्ह धन्यवाद,
अर उसके आँगणां म्ह स्तुति करदे होये बड़या करो,
उसका धन्यवाद करो, अर उसके नाम नै धन्य कहो!
जितने तन्नै ढूँढ़ै सै, वे सब तेरे कारण खुश अर मगन हों!
अर जो तेरा उद्धार चाहवै सै, वे लगातार कहन्दे रहवै, "परमेसवर की बड़ाई हो!"
Gratidão constante
Em tudo dai graças. Tudo o que Deus criou é bom, quando recebido com ação de graças e paz no coração.
हरेक हालात म्ह धन्यवाद करो; क्यूँके थारे खात्तर मसीह यीशु म्ह परमेसवर की याए मर्जी सै।
ये झूठ्ठे लोग सिखावै सै, के ब्याह करणा अर कई चीज जो खाण-पीण की सै, वे गलत सै, पर परमेसवर नै इन खाण-पीण की चिज्जां ताहीं बिश्वासियाँ खात्तर बणाया सै, जो सच्ची शिक्षा नै जाणै सै के परमेसवर की बणाई हरेक चीज आच्छी सै, कोए भी चीज नकारन की कोनी, जै उस ताहीं धन्यवाद देकै खावै। क्यूँके परमेसवर के वचन अर प्रार्थना कै जरिये सब कबूल हो जावै सै।
जो शान्ति मसीह देवै सै, वा थारे दिलां पै राज करैगी, क्यूँके थम सारे एक देह के अंग सों, इस करकै थारे ताहीं एक-दुसरे के साथ शान्ति तै रहण कै खात्तर बुलाया गया सै, अर थम सदा उसका धन्यवाद करदे रहों।
लेकिन मै ऊँच्चे शब्द तै धन्यवाद करकै तेरे ताहीं बलिदान चढ़ाऊँगा;
जो मन्नत मन्नै मान्नी, उसनै पूरी करुँगा।
उद्धार यहोवा ए तै होवै सै।"