Homem de Deus
O homem de Deus é aquele que busca a justiça, a piedade, a fé e o amor. A Bíblia apresenta modelos de homens íntegros que andaram com Deus e marcaram a história.
Características do homem de Deus
O homem de Deus foge das paixões e segue a justiça, a piedade, a fé, o amor, a perseverança e a mansidão.
शख़्सी हिदायात
लेकिन आप जो अल्लाह के बंदे हैं इन चीज़ों से भागते रहें। इनकी बजाए रास्तबाज़ी, ख़ुदातरसी, ईमान, मुहब्बत, साबितक़दमी और नरमदिली के पीछे लगे रहें।
कोई भी आपको इसलिए हक़ीर न जाने कि आप जवान हैं। लेकिन ज़रूरी है कि आप कलाम में, चाल-चलन में, मुहब्बत में, ईमान में और पाकीज़गी में ईमानदारों के लिए नमूना बन जाएँ।
नसीहतें और सलाम
जागते रहें, ईमान में साबितक़दम रहें, मरदानगी दिखाएँ, मज़बूत बने रहें। सब कुछ मुहब्बत से करें।
ऐ इनसान, उसने तुझे साफ़ बताया है कि क्या कुछ अच्छा है। रब तुझसे चाहता है कि तू इनसाफ़ क़ायम रखे, मेहरबानी करने में लगा रहे और फ़रोतनी से अपने ख़ुदा के हुज़ूर चलता रहे।
Exemplos bíblicos
Noé era justo e íntegro entre seus contemporâneos. Jó era homem reto que temia a Deus e se desviava do mal.
यह उस की ज़िंदगी का बयान है।
नूह रास्तबाज़ था। उस ज़माने के लोगों में सिर्फ़ वही बेक़ुसूर था। वह अल्लाह के साथ साथ चलता था।
अय्यूब की दीनदारी
मुल्के-ऊज़ में एक बेइलज़ाम आदमी रहता था जिसका नाम अय्यूब था। वह सीधी राह पर चलता, अल्लाह का ख़ौफ़ मानता और हर बुराई से दूर रहता था।
एक दिन अल्लाह ने अपना पैग़ंबर भेज दिया, एक आदमी जिसका नाम यहया था। वह नूर की गवाही देने के लिए आया। मक़सद यह था कि लोग उस की गवाही की बिना पर ईमान लाएँ।
समझदार अपनी नज़र के सामने हिकमत रखता है, लेकिन अहमक़ की नज़रें दुनिया की इंतहा तक आवारा फिरती हैं।
Viver como filho de Deus
Quem faz a vontade de Deus é eleito. Medite na Palavra e ande nos caminhos do Senhor como verdadeiro discípulo.
तो भी कुछ उसे क़बूल करके उसके नाम पर ईमान लाए। उन्हें उसने अल्लाह के फ़रज़ंद बनने का हक़ बख़्श दिया, ऐसे फ़रज़ंद जो न फ़ितरी तौर पर, न किसी इनसान या मर्द के मनसूबे से पैदा हुए बल्कि अल्लाह से।
हम जानते हैं कि अल्लाह गुनाहगारों की नहीं सुनता। वह तो उस की सुनता है जो उसका ख़ौफ़ मानता और उस की मरज़ी के मुताबिक़ चलता है।
2
नौजवान अपनी राह को किस तरह पाक रखे? इस तरह कि तेरे कलाम के मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारे।
मैं पूरे दिल से तेरा तालिब रहा हूँ। मुझे अपने अहकाम से भटकने न दे।
मैंने तेरा कलाम अपने दिल में महफ़ूज़ रखा है ताकि तेरा गुनाह न करूँ।
ऐ रब, तेरी हम्द हो! मुझे अपने अहकाम सिखा।
अपने होंटों से मैं दूसरों को तेरे मुँह की तमाम हिदायात सुनाता हूँ।
मैं तेरे अहकाम की राह से उतना लुत्फ़अंदोज़ होता हूँ जितना कि हर तरह की दौलत से।
मैं तेरी हिदायात में महवे-ख़याल रहूँगा और तेरी राहों को तकता रहूँगा।
मैं तेरे फ़रमानों से लुत्फ़अंदोज़ होता हूँ और तेरा कलाम नहीं भूलता।
दो राहें
मुबारक है वह जो न बेदीनों के मशवरे पर चलता, न गुनाहगारों की राह पर क़दम रखता, और न तानाज़नों के साथ बैठता है
बल्कि रब की शरीअत से लुत्फ़अंदोज़ होता और दिन-रात उसी पर ग़ौरो-ख़ौज़ करता रहता है।
वह नहरों के किनारे पर लगे दरख़्त की मानिंद है। वक़्त पर वह फल लाता, और उसके पत्ते नहीं मुरझाते। जो कुछ भी करे उसमें वह कामयाब है।
बेदीनों का यह हाल नहीं होता। वह भूसे की मानिंद हैं जिसे हवा उड़ा ले जाती है।
इसलिए बेदीन अदालत में क़ायम नहीं रहेंगे, और गुनाहगार का रास्तबाज़ों की मजलिस में मक़ाम नहीं होगा।
क्योंकि रब रास्तबाज़ों की राह की पहरादारी करता है जबकि बेदीनों की राह तबाह हो जाएगी।
चुनाँचे अपने पुराने इनसान को उसके पुराने चाल-चलन समेत उतार देना, क्योंकि वह अपनी धोकेबाज़ शहवतों से बिगड़ता जा रहा है। अल्लाह को आपकी सोच की तजदीद करने दें और नए इनसान को पहन लें जो यों बनाया गया है कि वह हक़ीक़ी रास्तबाज़ी और क़ुद्दूसियत में अल्लाह के मुशाबेह है।