O que significa ser irrepreensível na Bíblia?
O que significa ser irrepreensível na Bíblia
Na Bíblia, ser irrepreensível não significa ser perfeito ou incapaz de errar, mas viver com tal integridade moral que nenhuma acusação justa possa ser feita contra a sua conduta. Quem é irrepreensível mantém coerência entre o que professa e o que pratica, sem espaço para duplicidade ou hipocrisia.
No texto bíblico, a ideia se apoia em dois termos principais: no Antigo Testamento, a palavra hebraica para integridade (tamim) expressa algo inteiro, reto e sem defeito moral oculto; no Novo Testamento, os termos gregos traduzidos como irrepreensível descrevem alguém que não dá motivo para escândalo e a quem nada de desonesto se pode atribuir de forma legítima.
कितणे धन्य सै वे जो चाल के खरे सै,
अर यहोवा के नियम-कायदे पै चाल्लै सै!(भजन संहिता 119:1)
वो जो खराई तै चाल्लै अर धर्म के काम करै सै,
अर दिल तै सच बोल्लै सै।
जो अपणी जीभ तै अपमान न्ही करदा,
अर ना दुसरे माणसां की बुराई करदा,
अर ना अपणे पड़ोसी का अपमान सुणै सै;(भजन संहिता 15:2,3)
A diferença entre ser irrepreensível e ser perfeito
A Escritura nunca apresenta o ser humano como imune a falhas. A própria carta de Tiago lembra que todos tropeçam em muitas áreas da vida. A irrepreensibilidade, portanto, não é a pretensão de nunca errar, mas a disposição de andar na verdade: reconhecer as falhas, pedir perdão e manter uma vida transparente diante de Deus e do próximo.
Jó, por exemplo, foi chamado de íntegro e reto não porque vivesse isolado de fraquezas, mas porque recusou negociar seus princípios, guardando os caminhos de Deus mesmo sob provação severa.
हम सब घणीए बार चूक जावां सा, पर जो कोए मुँह तै गलत बात न्ही बोलता, वोए तो सिध्द माणस सै, अर वोए सारी देह पै भी लगाम लगा सकै सै।(याकूब 3:2)
पर वो जाणै सै, के मै किसी चाल चल्या सूं;
अर जिब वो मन्नै ता लेवैगा फेर मै सोन्ने की तरियां लिकडूँगा।
मेरे पैर उसकी राह म्ह टिके रहै;
अर मै उस्से का राह बिना मुड़े थाम्मे रहया।(अय्यूब 23:10,11)
Como a irrepreensibilidade se manifesta na prática
A vida irrepreensível é observável no comportamento comum: no trabalho honesto, na fala controlada e na recusa à malícia e às divisões. Em Filipenses, Paulo conecta a irrepreensibilidade a fazer as coisas sem murmurações nem discussões, servindo de testemunho visível em meio a uma sociedade deformada moralmente.
Não se trata de agradar a todos, mas de não fornecer munição justa a quem procura desmerecer o Evangelho por causa do mau testemunho de quem crê.
थम यीशु मसीह के कारण उत्साहित हो, अर जो उसका प्यार थारे खात्तर सै, वो थमनै शान्ति देवै सै, क्यूँके पवित्र आत्मा कै गैल थारी संगति सै, अर मसीह की करुणा अर दया थारे पै सै। तो मेरा यो आनन्द पूरा करो के एक मन रहों, अर एके प्यार, एके चित्त, अर एके मनसा राक्खों। मतलबीपण या झूठ्ठी बड़ाई कै खात्तर कुछ ना करो, पर दीनता तै एक-दुसरे नै अपणे तै घणा आदर मान द्यो। हरेक अपणे ए हित की न्ही, बल्के दुसरयां कै हित की भी चिंता करै। जिसा मसीह यीशु का सुभाव था उसाए तेरा भी सुभाव हो। यीशु, परमेसवर कै समान होकै भी होकै भी परमेसवर कै बराबर होण नै अपणे बस म्ह राक्खण की चीज ना समझा। बल्के अपणा सारा सुर्गीय हक छोड़ दिया, अर दास का रूप धारण करते होए माणस की समानता म्ह होग्या। अर माणस कै रूप म्ह जाहिर होकै अपणे-आपनै दीन करया, अर परमेसवर का आज्ञाकारी रहया अर याड़ै तक के अपराधियाँ की तरियां मौत, हाँ क्रूस की मौत भी सह ली। इस कारण परमेसवर नै उस ताहीं ऊँच्ची उपाधि दी, अर उसनै वो नाम दिया जो सारे नाम्मां म्ह ऊँच्चा सै, के जो सुर्ग म्ह अर धरती पै धरती कै नीच्चै सै, वे सारी यीशु कै नाम की बड़ाई करै, अर परमेसवर पिता की महिमा के खात्तर हरेक इन्सान मान ले के यीशु मसीह ए प्रभु सै।
इस करकै हे मेरै प्यारे बिश्वासी भाईयो, जिस ढाळ थम सदा तै हुकम मानते आये सों, उसाए इब भी ना सिर्फ मेरै गैल रहंदे होए, पर खास करकै इब मेरै दूर रहण पै, भी परमेसवर तै डरदे अर कापते होए अपणे उद्धार के काम नै पूरा करो। क्यूँके परमेसवर थारे म्ह काम करण लागरया सै, अर वोए थमनै अपणी इच्छा अर सामर्थ देवै सै, वो काम करो जो उसनै पसन्द सै। सारे काम बिना कुड़कड़ाए अर बिना विवाद कै करया करो, ताके थम परमेसवर की औलाद की तरियां इस दुनिया के बुरे अर मतलबी माणसां के बीच म्ह पवित्र अर बेदाग जीवन जी सकों। दुनिया के माणसां के बीच म्ह थम जीवन का वचन लिये होए, आसमान के तारां के समान चमकों। जिब मसीह बोहड़ै तो मन्नै गर्व करण का कारण हो, ताके मेरी कोशिश अर मेरी मेहनत करणा बेकार ना होवै। जिब मन्नै थारे ताहीं वचन सुणाया, तो थमनै यीशु मसीह पै बिश्वास करया, अर अपणा जीवन भी सेवा खात्तर प्रभु ताहीं बलिदान दिया। इस करकै मै प्रभु खात्तर मर भी जाऊँ, तोभी थारे साथ खुश अर आनन्दित सूं। उस्से तरियां थम भी आनन्दित होओ, अर मेरै गैल आनन्द करो।
मन्नै प्रभु यीशु मसीह म्ह आस सै, के मै तीमुथियुस नै थारे धोरै तावळा-ए भेजूगाँ, ताके थारे हाल नै जाणकै, मै उत्साहित होऊँ। क्यूँके मेरै धोरै तीमुथियुस के जिसा सुभाव आळा माणस और कोए न्ही सै जो शुद्ध मन तै थारी चिंता करै। क्यूँके सारे अपणे स्वार्थ की खोज म्ह रहवै सै, परमेसवर के काम्मां खात्तर न्ही। पर थम जाणो सों, के तीमुथियुस तो बिश्वास लायक अर आच्छे सुभाव का सै, जिसा बेट्टा पिता कै गेल्या रहवै सै, उसाए उसनै सुसमाचार कै फैलाण म्ह मेरै गैल मेहनत करी। इस करकै मन्नै आस सै, कै ज्यो ही मन्नै बेरा लाग्गैगा के मेरा के हाल होगा, त्यों ही मै उसनै तावळी सी भेज देऊँगाँ। अर मन्नै प्रभु म्ह भरोस्सा सै, के मै आप भी तावळा आऊँगा।
मन्नै इपफ्रुदीतुस नै थारे धोरै भेजणा जरूरी समझा, जो मेरा भाई अर सहकर्मी साथी योद्धा, अर जरूरतां म्ह मेरी मदद करण आळा थारी ओड़ तै भेज्जा गया दूत सै। क्यूँके उसका मन थारे सारया म्ह लाग्या रह्या था, अर वो बेचैन रहवै था क्यूँके थमनै उसकी बीमारी का हाल सुण्या था। पक्का वो बीमार तो होग्या था, उरै ताहीं वो मरण पै था, पर परमेसवर नै उस ताहीं मरण न्ही दिया, अर सिर्फ उस्से पै न्ही पर मेरै पै भी दया करी, ताके मन्नै दुख पै दुख ना हो। इस करकै मन्नै उस ताहीं भेजण का और भी जत्न करया, के तू उसतै फेर मिलकै आनन्दित हो जा, अर मेरी भी चिन्ता घट जावै। इस करकै तू प्रभु म्ह उसतै घणे आनन्द कै गैल मिलये, अर इसा का आदर करया करिये। क्यूँके वो मसीह कै काम खात्तर अपणी जान जोखिम म्ह गेर कै मौत कै धोरै आ ग्या था। ताके वो मेरी मदद कर सकै जिस काम नै थम कर न्ही पाये, क्यूँके थम दूर थे।(फिलिप्पियों 2)
इस दुनिया के माणसां बरगे ना बणो, पर परमेसवर थारी सोच नै बदलै, अर थारा चाल-चलण भी बदलता जावै, जिसतै थम परमेसवर की भली, अर आच्छी लागण आळी, अर सिध्द इच्छा अनुभव तै बेरा पाड़ सको।(रोमियों 12:2)
वो सीध्धे माणसां खात्तर खरी बुद्धि धरे राक्खै सै;
जो खराई तै चाल्लै सै, उनकै खात्तर वो ढाल बणै सै।(नीतिवचन 2:7)
O padrão divino e o caminho da integridade
O padrão da retidão nasce do próprio Deus, cujo caminho é perfeito e cuja palavra é provada. O ser humano não constrói integridade por esforço isolado ou justiça própria, mas sendo moldado pelo amor e pelo cuidado com os vulneráveis, que formam o coração da devoção genuína.
परमेसवर की रफतार खरी सै;
यहोवा का वचन त्याया होया सै;
वो अपणे सारे शरणागतां की ढाल सै।(2 शमूएल 22:31)
इन सारा तै बढ़कै थम जो काम कर सकों सों, वो यो सै, के थम एक-दुसरे तै प्यार करो, प्यार ही सै जो म्हारे ताहीं एक-दुसरे कै गैल एकता म्ह जोड़े राक्खै सै।(कुलुस्सियों 3:14)
म्हारे पिता परमेसवर की नजर म्ह सच्ची अर शुद्ध भगति या सै, के अनाथ्थां अर विधवाया के क्ळेश म्ह उसकी सुधि ले, अर अपणे-आपनै दुनिया तै बेदाग राक्खै।(याकूब 1:27)
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