Irrepreensível
Ser irrepreensível não é ser perfeito — é viver com integridade diante de Deus e dos homens. A Bíblia nos chama a buscar uma vida reta, pura e sem manchas visíveis de hipocrisia.
O padrão divino
Deus é perfeito e chama seus filhos à integridade. A palavra de Deus é purificada e Ele é escudo dos que caminham na retidão.
परमेश्वर का मार्ग सिद्ध है।
यहोवा का वचन शुद्ध है;
वह उन सब की ढाल है
जो उसकी शरण लेते हैं।
क्या ही धन्य हैं वे
जो चाल के खरे हैं,
और यहोवा की व्यवस्था पर चलते हैं।
वह जो खराई से चलता और धार्मिकता के कार्य करता,
और हृदय से सच बोलता है।
वह अपनी जीभ से निंदा नहीं करता
और न अपने पड़ोसी की बुराई करता है,
और न ही अपने मित्र को बदनाम करता है।
वह सीधे लोगों के लिए खरी बुद्धि का भंडार रखता है;
जो खराई से चलते हैं, उनके लिए वह ढाल है।
Buscar a perfeição em Cristo
Todos tropeçamos em muitas coisas, mas o alvo é a maturidade. Cristo é a fonte da salvação eterna para todos os que lhe obedecem.
क्योंकि हम सब बहुत सी बातों में चूक जाते हैं। यदि कोई अपनी बातों में नहीं चूकता तो वह सिद्ध मनुष्य है, और अपनी सारी देह पर भी नियंत्रण रख सकता है।
हमारे परमेश्वर और पिता की दृष्टि में शुद्ध और निर्मल भक्ति यह है कि अनाथों और विधवाओं के दुःख में उनकी सुधि लें, और अपने आपको इस संसार से निष्कलंक रखें।
प्रत्येक भला दान और प्रत्येक उत्तम वरदान ऊपर से उस ज्योतियों के पिता की ओर से आता है जिसमें न तो कोई परिवर्तन होता है और न ही वह ऐसी छाया है जो बदलती रहती है।
और उन सब के लिए, जो उसकी आज्ञा मानते हैं, सिद्ध ठहराया जाकर अनंत उद्धार का स्रोत बन गया,
यीशु ने उससे कहा,"यदि तू सिद्ध होना चाहता है, तो जा, अपनी संपत्ति को बेचकर कंगालों को दे दे, फिर तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा, और आकर मेरे पीछे हो ले।"
Vida íntegra
Que a vossa alegria seja completa! Vivam em harmonia, sejam irrepreensíveis — transformados pela renovação da mente.
"मैंने ये बातें तुमसे इसलिए कही हैं कि मेरा आनंद तुममें हो और तुम्हारा आनंद पूरा हो जाए।
तुमने अब तक मेरे नाम से कुछ नहीं माँगा। माँगो तो तुम पाओगे, ताकि तुम्हारा आनंद पूरा हो जाए।
इस संसार के सदृश्य न बनो, बल्कि अपने मन के नए हो जाने के द्वारा तुम परिवर्तित होते जाओ, जिससे तुम परमेश्वर की इच्छा को पहचान सको, जो भली, ग्रहणयोग्य और सिद्ध है।
हे भाइयो, हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम से मैं तुमसे विनती करता हूँ कि तुम सब एक ही बात कहो, और तुममें फूट न हो, परंतु तुम एक ही मन और एक ही विचार में होकर मिले रहो।
और इन सब के ऊपर प्रेम को धारण करो जो सिद्धता का बंधन है।
अतः यदि मसीह में कुछ प्रोत्साहन है, प्रेम का ढाढ़स है, आत्मा की सहभागिता है, स्नेह और करुणा है, तो एक ही मन, एक ही प्रेम, एक ही चित्त और एक ही मनसा रखकर मेरा आनंद पूरा करो। स्वार्थ से या अहंकार से कुछ न करो, बल्कि दीनता से दूसरों को अपने से श्रेष्ठ समझो, प्रत्येक व्यक्ति अपने हित का ही नहीं, बल्कि दूसरों के हित का भी ध्यान रखे।
तुममें वही स्वभाव हो जो मसीह यीशु में था, जिसने परमेश्वर के स्वरूप में होते हुए भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा, बल्कि अपने को शून्य कर दिया, और दास का स्वरूप लेकर मनुष्य की समानता में हो गया। उसने मनुष्य रूप में प्रकट होकर अपने आपको दीन किया, और यहाँ तक आज्ञाकारी रहा कि मृत्यु, हाँ क्रूस की मृत्यु भी सह ली। इस कारण परमेश्वर ने उसे अति महान भी किया और उसे वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है, ताकि स्वर्ग में और पृथ्वी पर और पृथ्वी के नीचे, हर घुटना यीशु के नाम पर टिके, और हर जीभ परमेश्वर पिता की महिमा के लिए अंगीकार करे कि यीशु मसीह ही प्रभु है।
अतः हे मेरे प्रियो, जिस प्रकार तुमने सदैव आज्ञा मानी, उसी प्रकार केवल मेरी उपस्थिति में ही नहीं बल्कि अनुपस्थिति में भी, उससे और भी अधिक डरते और काँपते हुए अपने-अपने उद्धार का कार्य पूरा करो; क्योंकि परमेश्वर ही है जो तुम्हारे भीतर अपने भले उद्देश्य के लिए इच्छा रखने और कार्य करने दोनों का प्रभाव डालता है।
सब कार्य बिना कुड़कुड़ाए और बिना विवाद के किया करो, ताकि तुम निर्दोष और खरे बनो, और इस कुटिल और भ्रष्ट पीढ़ी के बीच परमेश्वर की निष्कलंक संतान बनकर जगत में ज्योति के समान चमको, और जीवन के वचन को दृढ़ता से थामे रहो। तब मसीह के दिन मुझे इस बात पर गर्व होगा कि न तो मेरी दौड़-धूप और न मेरा परिश्रम व्यर्थ गया। और चाहे मैं तुम्हारे विश्वास के बलिदान और सेवाकार्य पर अर्घ-स्वरूप उंडेला भी जाता हूँ, तो भी मैं आनंदित हूँ और तुम सब के साथ आनंद मनाता हूँ। वैसे ही तुम भी आनंदित रहो और मेरे साथ आनंद मनाओ।
प्रभु यीशु में मुझे आशा है कि तीमुथियुस को तुम्हारे पास शीघ्र भेजूँ, ताकि तुम्हारे विषय में जानकर मुझे भी प्रसन्नता हो। क्योंकि मेरे पास उसके जैसा कोई नहीं, जो मेरे समान सच्चे मन से तुम्हारी चिंता करे। सब अपने ही हित को खोजते हैं, न कि यीशु मसीह के। परंतु तुम उसकी योग्यता से परिचित हो कि जैसे पुत्र अपने पिता के साथ करता है, वैसे ही उसने मेरे साथ सुसमाचार की सेवा की है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ कि अपनी स्थिति स्पष्ट होते ही मैं उसे तुम्हारे पास तुरंत भेज दूँगा; और प्रभु में मुझे भरोसा है कि मैं स्वयं भी शीघ्र आऊँगा।
फिर भी मैंने आवश्यक समझा कि मैं इपफ्रुदीतुस को तुम्हारे पास भेज दूँ जो मेरा भाई, सहकर्मी और संगी योद्धा है, परंतु मेरी आवश्यकताओं में सेवा-टहल करनेवाला तुम्हारा दूत है। वह तुम सब से मिलने के लिए लालायित और व्याकुल रहता है क्योंकि तुमने उसकी बीमारी का हाल सुन लिया था। वास्तव में वह इतना बीमार था कि मरने पर था, परंतु परमेश्वर ने उस पर दया की, और केवल उस पर ही नहीं बल्कि मुझ पर भी, कि कहीं मुझे दुःख पर दुःख सहना न पड़े। मैंने उसे और भी उत्सुकता से इसलिए भेजा है कि तुम उसे फिर से देखकर आनंदित हो जाओ और मेरा दुःख भी कम हो जाए। अतः तुम बड़े आनंद के साथ प्रभु में उसका स्वागत करो, और ऐसे लोगों का आदर किया करो; क्योंकि वह मसीह के कार्य के लिए अपने प्राण को जोखिम में डालकर मृत्यु के निकट आ गया, ताकि मेरे प्रति तुम्हारी सेवा में जो घटी रह गई थी, उसे पूरा करे।
ध्यान रखो कि बुराई के बदले कोई किसी से बुराई न करे, परंतु सदा एक दूसरे और सब लोगों के साथ भलाई करने का प्रयत्न करो।