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Irrepreensível

Por Bíblia Online

Ser irrepreensível não é ser perfeito — é viver com integridade diante de Deus e dos homens. A Bíblia nos chama a buscar uma vida reta, pura e sem manchas visíveis de hipocrisia.

O padrão divino

Deus é perfeito e chama seus filhos à integridade. A palavra de Deus é purificada e Ele é escudo dos que caminham na retidão.

Buscar a perfeição em Cristo

Todos tropeçamos em muitas coisas, mas o alvo é a maturidade. Cristo é a fonte da salvação eterna para todos os que lhe obedecem.

ि हम सब बहयदि ओकलन नहीं कय हय एक िआदमआय अऊर शरवश कर सकय हय

हमरपरमवर अऊर जवर अऊर िमल भकि हय ि अनों अऊर िधवों कठिओकि े, अऊर अपनआप जगत िकलरखे।

कहि हर एक अचअऊर हर एक अचपरिउपहवरआवय हय, अऊर परमवर वररकबनहय, ओख खलवय हय, हमबदलतरहन जसनहीं बदलय

अऊर िबन पर, अपनसब आजनन अननउदबन गयो,

ओककहो, "यदि तय िहवय हय ा, अपनधन यजगरों े, अऊर वरधन िें: अऊर आय ा।"

Vida íntegra

Que a vossa alegria seja completa! Vivam em harmonia, sejam irrepreensíveis — transformados pela renovação da mente.

मय कहीं , ि बनरहे, अऊर हर

अब तक नहीं ांो; ांो, ों ि हरे।

जगत जसमत बनो; पर हरमन नयपन हरल-चलन बदलते, परमवर अची, अऊर वती, अऊर िइचअनभव करतरहो।

ििों मणडल

ऊवों अऊर बहिों, मय हमररभमसिनतकरहय ि सब एकच कहो, अऊर नहीं , पर एकच मन अऊर एकच मत िरहो।

अऊर इन सब अलरन करो, मच एक सरों आपस धय अऊर परिकरय हय

मसनमरतअऊर महनत

मसहरवन मजबकरय हय, ओकभलवय हय, अऊर आतहरसहभिहय, अऊर करअऊर सरों रति तरस हय, करि एक मन रहो, अऊर एकच , अऊर एकच ि, अऊर एकच मनसरखो। िपन अऊर घमणकरन लसमत करो, पर नतएक सरों अपनअचसमझो। हर एक अपनिनहीं बलसरों ििकरे। जसमसवभवसहरवभो;

अपनवरयददपि परमवर वरो,

पर ओन अपनआप परमवर जसरहनो, यदहय असओन नहीं।

बलअपनआप असकर िो,

अऊर वक वररन कर िो,

अऊर आदम

समनतभय गयो।

अऊर आदमरगट अपनआप नरमकरयो, अऊर यहां तक आजरहि तक पहुंगयो,

करयो।

वजह परमवर ओख ऊचऊचतक उठो,

अऊर ओख िसब उततम हय,

ि वरअऊर धरतपर अऊर धरतखल,

ि सब

पर टने;

अऊर परमवर ि

महिहर एक बलकरेंि मसहच रभआय

जगत रकचमकय हय

िो, तरह हमआजनत आयहय, वसअब नहीं वल रहतपर िकर अब रहनपर डरतअऊर पतअपनअपनउदकरतो; कहि परमवरच आय अपनकरन िलय हय अऊर ओकभलउदअनचलन बल वय हय

सब िियत अऊर ििकरतरहो, िरषअऊर ों परमवर िकलसनबनरहो, उनचमकजसआशमचमकय हय, जब उनवन सनवय हयतब जवर मसआवन िपर घमणकरन वजह ि हनत अऊर नहीं गयी।

यदि हरिबलिअऊर अपनबहपड़ें, तब मय हय, अऊर सब हयवसरहअऊर मनो।

िअऊर इपफ

रभआशहय ि मय िहरजवर रतच ूं, हरखबर हन िे। कहि जवर सरों नहजवर वना, मन हरिकरे। कहि सब अपनरह, नहीं ि मसी। पर ओख परखअऊर िहय ि जसकरय हय, वसओन समकरयो। आशहय ि जसपड़ेंि हय, मय ओख जलं। अऊर रभभरहय ि मय हरजवर जलआऊं।

पर मय इपफअऊर वक अऊर सहकरअऊर हर, अऊर जरों करन हय, हरजवर जनजरसमझो। कहि ओकमन सब लगो, वजह अऊर ििरहत कहि ओको। सचमभय गययहां तक ि मरन पर ो, पर परमवर ओकपर दयकरी, अऊर वल ओकपर नहीं पर पर ि पर मत मय ओख जन अऊर िकरयि ओकिकर अऊर कम े। रभओकबहओकगत करजो, अऊर असों आदर करजो, कहि मसअपनपर िउठजवर आय गयो, कमहरतरफ भयओख करे।

वध! सरों बदलमत करो; पर हमभलकरन पर रहो, आपस अऊर सब भलकरो।

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