Julgamento
O julgamento pertence a Deus. A Bíblia adverte contra o juízo precipitado entre irmãos e revela que Cristo é o juiz justo que julgará vivos e mortos com perfeita equidade.
Não julgueis
Jesus disse: não julgueis para que não sejais julgados. Com o juízo com que julgais, sereis julgados.
"दोष मत लगाओ ताकि तुम पर भी दोष न लगाया जाए;
"दोष मत लगाओ ताकि तुम पर भी दोष न लगाया जाए; क्योंकि जिस प्रकार तुम दोष लगाते हो, उसी प्रकार तुम पर भी दोष लगाया जाएगा; और जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिए नापा जाएगा।
"दोष मत लगाओ ताकि तुम पर भी दोष न लगाया जाए; क्योंकि जिस प्रकार तुम दोष लगाते हो, उसी प्रकार तुम पर भी दोष लगाया जाएगा; और जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिए नापा जाएगा। तू क्यों अपने भाई की आँख के तिनके को देखता है, परंतु अपनी आँख के लट्ठे पर ध्यान नहीं देता? या तू अपने भाई से कैसे कह सकता है, ‘आ, मैं तेरी आँख से तिनका निकाल दूँ’, जबकि देख, तेरी आँख में तो लट्ठा है? अरे पाखंडी, पहले अपनी आँख में से लट्ठा निकाल, तब तू अपने भाई की आँख से तिनका निकालने के लिए स्पष्ट देख पाएगा।
तू क्यों अपने भाई की आँख के तिनके को देखता है, परंतु अपनी आँख के लट्ठे पर ध्यान नहीं देता?
"दोष मत लगाओ, और तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा; किसी को दोषी मत ठहराओ, और तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे। क्षमा करो, तो तुम भी क्षमा किए जाओगे;
"दोष मत लगाओ, और तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा; किसी को दोषी मत ठहराओ, और तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे। क्षमा करो, तो तुम भी क्षमा किए जाओगे;
"दोष मत लगाओ, और तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा; किसी को दोषी मत ठहराओ, और तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे। क्षमा करो, तो तुम भी क्षमा किए जाओगे; दो, तो तुम्हें दिया जाएगा; लोग अच्छे नाप से दबा दबाकर और हिला हिलाकर उमड़ता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे; क्योंकि जिस नाप से तुम नापते हो उसी से तुम्हारे लिए भी नापा जाएगा।"
Julgar com justiça
Quando precisar avaliar, julgue segundo a justa aparência. Não julgue pela carne, mas pelo Espírito e pela verdade.
बाहरी रूप देखकर न्याय मत करो, बल्कि धार्मिकता से न्याय करो।"
तुम शरीर के अनुसार न्याय करते हो, मैं किसी का न्याय नहीं करता। और यदि मैं न्याय करूँ भी तो मेरा न्याय सच्चा है, क्योंकि मैं अकेला नहीं हूँ बल्कि इसमें मैं हूँ और पिता है जिसने मुझे भेजा है।
परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिए नहीं भेजा कि वह जगत को दोषी ठहराए, परंतु इसलिए कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए।
जो उस पर विश्वास करता है, वह दोषी नहीं ठहराया जाता, परंतु जो विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहराया जा चुका है; क्योंकि उसने परमेश्वर के एकलौते पुत्र के नाम पर विश्वास नहीं किया।
जो उस पर विश्वास करता है, वह दोषी नहीं ठहराया जाता, परंतु जो विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहराया जा चुका है; क्योंकि उसने परमेश्वर के एकलौते पुत्र के नाम पर विश्वास नहीं किया। और दोष यह है कि ज्योति जगत में आ चुकी है, परंतु मनुष्यों ने अंधकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना, क्योंकि उनके कार्य बुरे थे।
तू झूठे मुकदमे से दूर रहना, तथा निर्दोष और धर्मी व्यक्ति को घात न करना, क्योंकि मैं दुष्ट को निर्दोष न ठहराऊँगा।
O tribunal de Cristo
Todos compareceremos diante do tribunal de Cristo para prestar contas. Cada um dará conta de si mesmo a Deus.
क्योंकि हम सब को मसीह के न्यायासन के सामने उपस्थित होना अवश्य है ताकि प्रत्येक को अपने उन भले या बुरे कार्यों का प्रतिफल मिले जो उसने देह के द्वारा किए हैं।
फिर तू अपने भाई पर दोष क्यों लगाता है? या फिर तू अपने भाई को तुच्छ क्यों समझता है? हम सब परमेश्वर के न्यायासन के सामने खड़े होंगे; क्योंकि लिखा है :
प्रभु कहता है, इसलिए कि मैं जीवित हूँ,
हर एक घुटना मेरे सामने टिकेगा
और हर एक जीभ
परमेश्वर का अंगीकार करेगी।
इसलिए हममें से प्रत्येक परमेश्वर को अपना-अपना लेखा देगा।
अतः अब से हम एक दूसरे पर दोष न लगाएँ, बल्कि यह निर्णय लें कि कोई अपने भाई के मार्ग में ठेस या ठोकर का पत्थर न रखे।
अतः अब से हम एक दूसरे पर दोष न लगाएँ, बल्कि यह निर्णय लें कि कोई अपने भाई के मार्ग में ठेस या ठोकर का पत्थर न रखे।
तू कौन है जो दूसरे के सेवक पर दोष लगाता है? उसका स्थिर रहना या गिरना उसके स्वामी पर निर्भर है; और वह अवश्य स्थिर किया जाएगा, क्योंकि प्रभु उसे स्थिर करने में समर्थ है।
खानेवाला न-खानेवाले को तुच्छ न समझे; और न ही न-खानेवाला खानेवाले पर दोष लगाए, क्योंकि परमेश्वर ने उसे ग्रहण किया है।
अतः हे दोष लगानेवाले, तू जो भी हो, निरुत्तर है; क्योंकि जिस बात में तू दूसरे पर दोष लगाता है, उसी में स्वयं को भी दोषी पाता है, इसलिए कि तू जिस बात का दोष लगाता है वही करता है।
अतः हे दोष लगानेवाले, तू जो भी हो, निरुत्तर है; क्योंकि जिस बात में तू दूसरे पर दोष लगाता है, उसी में स्वयं को भी दोषी पाता है, इसलिए कि तू जिस बात का दोष लगाता है वही करता है। परंतु हम जानते हैं कि ऐसे कार्य करनेवालों पर परमेश्वर के दंड की आज्ञा सत्य के अनुसार होती है। हे मनुष्य, तू जो ऐसे कार्य करनेवालों पर दोष लगाता है और स्वयं उन्हीं कार्यों को करता है, क्या तू यह सोचता है कि तू परमेश्वर के दंड से बच जाएगा?
इसलिए जितनों ने व्यवस्था को पाए बिना पाप किया, वे बिना व्यवस्था के नाश भी होंगे; और जितनों ने व्यवस्था के अधीन होकर पाप किया, उनका न्याय व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।
यह उस दिन होगा जब परमेश्वर मेरे सुसमाचार के अनुसार मसीह यीशु के द्वारा मनुष्यों की गुप्त बातों का न्याय करेगा।
अतः अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दंड की आज्ञा नहीं; [वे शरीर के अनुसार नहीं बल्कि आत्मा के अनुसार चलते हैं।] क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में तुम्हें पाप और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया है।
क्योंकि पाप की मज़दूरी तो मृत्यु है, परंतु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनंत जीवन है।
Deus é o juiz
O Senhor julgará o mundo com justiça. O juízo de Deus é verdadeiro e justo — Ele conhece todos os segredos do coração humano.
परंतु यहोवा सदैव अपने सिंहासन पर विराजमान है,
उसने अपना सिंहासन न्याय के लिए स्थापित किया है।
परंतु यहोवा सदैव अपने सिंहासन पर विराजमान है,
उसने अपना सिंहासन न्याय के लिए स्थापित किया है।
वह जगत का न्याय धार्मिकता से करेगा,
और देश-देश के लोगों का न्याय खराई से करेगा।
क्योंकि परमेश्वर प्रत्येक कार्य और प्रत्येक गुप्त बात का, चाहे वह भली हो या बुरी, न्याय करेगा।
फिर मैंने छोटे और बड़े, सब मृतकों को सिंहासन के सामने खड़े हुए देखा। तब पुस्तकें खोली गईं; फिर एक और पुस्तक खोली गई, जो जीवन की पुस्तक है। उन पुस्तकों में लिखी हुई बातों के आधार पर सब मृतकों का न्याय उनके कार्यों के अनुसार किया गया।
फिर मैंने छोटे और बड़े, सब मृतकों को सिंहासन के सामने खड़े हुए देखा। तब पुस्तकें खोली गईं; फिर एक और पुस्तक खोली गई, जो जीवन की पुस्तक है। उन पुस्तकों में लिखी हुई बातों के आधार पर सब मृतकों का न्याय उनके कार्यों के अनुसार किया गया। तब समुद्र ने उन मृतकों को जो उसमें थे, दे दिया और मृत्यु और अधोलोक ने भी उन मृतकों को जो उनमें थे, दे दिया; और प्रत्येक का न्याय उनके कार्यों के अनुसार किया गया।
Discernimento e graça
Temos um advogado junto ao Pai — Jesus Cristo. Não há condenação para os que estão em Cristo. Prove os espíritos.
हे मेरे बच्चो, मैं ये बातें तुम्हें इसलिए लिख रहा हूँ कि तुम पाप न करो। परंतु यदि कोई पाप करता है, तो पिता के पास हमारा एक सहायक है, अर्थात् यीशु मसीह जो धर्मी है।
हे प्रियो, हर एक आत्मा पर विश्वास न करो, बल्कि आत्माओं को परखो कि वे परमेश्वर की ओर से हैं या नहीं, क्योंकि बहुत से झूठे भविष्यवक्ता जगत में निकल पड़े हैं।
इसलिए समय से पहले अर्थात् जब तक प्रभु न आ जाए, किसी बात का न्याय मत करो। वही अंधकार में छिपी बातों को प्रकाशित करेगा और मनों के उद्देश्यों को प्रकट करेगा। तब परमेश्वर की ओर से प्रत्येक की प्रशंसा होगी।
क्या तुममें से कोई किसी दूसरे के साथ झगड़ा होने पर न्याय के लिए पवित्र लोगों के पास न जाकर अधर्मियों के पास जाने का दुस्साहस करता है? क्या तुम यह नहीं जानते कि पवित्र लोग जगत का न्याय करेंगे? और यदि तुम्हारे द्वारा जगत का न्याय किया जाना है, तो क्या तुम इन छोटे से छोटे विषयों का न्याय करने के भी योग्य नहीं हो? क्या तुम नहीं जानते कि हम स्वर्गदूतों का न्याय करेंगे? सांसारिक विषयों की तो बात ही छोड़ो। यदि वास्तव में तुम्हें सांसारिक विषयों का न्याय करना हो, तो फिर क्या तुम ऐसे लोगों को नियुक्त करोगे जिनका कलीसिया में कोई महत्त्व नहीं? मैं तुम्हें लज्जित करने के लिए यह कह रहा हूँ। क्या तुममें एक भी बुद्धिमान नहीं जो भाइयों के आपसी झगड़े सुलझा सके?
क्या तुम यह नहीं जानते कि पवित्र लोग जगत का न्याय करेंगे? और यदि तुम्हारे द्वारा जगत का न्याय किया जाना है, तो क्या तुम इन छोटे से छोटे विषयों का न्याय करने के भी योग्य नहीं हो? क्या तुम नहीं जानते कि हम स्वर्गदूतों का न्याय करेंगे? सांसारिक विषयों की तो बात ही छोड़ो।
बल्कि मैं अपनी देह को ताड़ना देता और वश में लाता हूँ, कहीं ऐसा न हो कि दूसरों को तो प्रचार करूँ पर स्वयं अयोग्य ठहरूँ।
मैं अच्छी कुश्ती लड़ चुका हूँ, मैंने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैंने विश्वास की रखवाली की है। भविष्य में मेरे लिए धार्मिकता का मुकुट रखा हुआ है जिसे प्रभु, जो धार्मिकता से न्याय करनेवाला है, मुझे उस दिन देगा और केवल मुझे ही नहीं बल्कि उन सब को भी जो उसके प्रकट होने को प्रिय समझते हैं।
तो स्पष्ट है कि प्रभु धर्मियों को परीक्षा में से निकालना और अधर्मियों को न्याय के दिन तक दंड की दशा में रखना भी जानता है,
हे भाइयो, एक दूसरे के विरोध में न बोलो; जो अपने भाई के विरोध में बोलता है या अपने भाई पर दोष लगाता है वह व्यवस्था के विरोध में बोलता है, और व्यवस्था पर दोष लगाता है; और यदि तू व्यवस्था पर दोष लगाता है, तो तू व्यवस्था का पालन करनेवाला नहीं बल्कि उसका न्यायी ठहरा। व्यवस्था देनेवाला और न्यायी एक ही है, जो बचाने और नाश करने में समर्थ है; परंतु तू कौन है, जो अपने पड़ोसी पर दोष लगाता है?
हे मेरे भाइयो, सब से बड़ी बात यह है कि शपथ न खाना, न स्वर्ग की, न पृथ्वी की और न ही किसी अन्य वस्तु की; परंतु तुम्हारी "हाँ" की "हाँ" और "न" की "न" हो, ताकि तुम दंड के योग्य न ठहरो।
क्योंकि जो कोई संपूर्ण व्यवस्था का पालन करता है परंतु किसी एक बात में चूक जाए, तो वह सारी व्यवस्था का दोषी ठहरता है। जिसने यह कहा, तू व्यभिचार न करना, उसने यह भी कहा, तू हत्या न करना। अब यदि तू व्यभिचार नहीं करता परंतु हत्या करता है, तो तू व्यवस्था का अपराधी ठहरता है। तुम उन लोगों के समान बोलो और कार्य करो जिनका न्याय स्वतंत्रता की व्यवस्था के अनुसार होने वाला है।
इसलिए खाने और पीने में या पर्व या नए चाँद या सब्त के दिन के विषय में तुम पर कोई दोष न लगाए,
इसलिए खाने और पीने में या पर्व या नए चाँद या सब्त के दिन के विषय में तुम पर कोई दोष न लगाए, जो आनेवाली बातों की छाया मात्र है परंतु वास्तविकता तो मसीह है।
विवाह सब में आदर की बात समझी जाए, और विवाह-शय्या निष्कलंक रहे; क्योंकि परमेश्वर व्यभिचारियों और परस्त्रीगामियों को दंड देगा।
मनुष्य का सारा चाल-चलन उसकी अपनी दृष्टि में तो ठीक होता है,
परंतु यहोवा मन को तौलता है।
धार्मिकता और न्याय का अनुसरण करना यहोवा को
बलिदान से भी अधिक ग्रहणयोग्य है।
परंतु मैं तुमसे कहता हूँ कि जो भी व्यर्थ बात मनुष्य कहेंगे, न्याय के दिन उसका लेखा उन्हें देना पड़ेगा;
जो विश्वास करेगा और बपतिस्मा लेगा उसी का उद्धार होगा, परंतु जो विश्वास नहीं करेगा वह दोषी ठहराया जाएगा।
हे जवान, अपनी जवानी में आनंद कर, और तेरी जवानी के दिनों में तेरा हृदय तुझे प्रसन्न रखे; अपने मन और अपनी आँखों की अभिलाषा के अनुसार चल। परंतु स्मरण रख कि इन सब बातों के विषय परमेश्वर तेरा न्याय करेगा।
क्योंकि जिस प्रकार पिता अपने में जीवन रखता है, उसी प्रकार उसने होने दिया कि पुत्र भी अपने में जीवन रखे; और उसने उसे न्याय करने का अधिकार भी दिया, क्योंकि वह मनुष्य का पुत्र है।
"दोष मत लगाओ, और तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा; किसी को दोषी मत ठहराओ, और तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे। क्षमा करो, तो तुम भी क्षमा किए जाओगे;