Pular para o conteúdo
Publicidade

Legalidades: o que a Bíblia diz sobre leis e impostos

O cristão e o cumprimento das leis civis

A Bíblia orienta o cristão a cumprir as leis do país, pagar tributos e respeitar as autoridades, pois a ordem pública foi instituída por Deus para promover a justiça e conter o mal. Essa submissão só encontra limite quando uma lei humana entra em conflito direto com a palavra de Deus — situação em que a lealdade ao Senhor vem em primeiro lugar.

Ao escrever aos cristãos que viviam sob o Império Romano, Paulo explicou que a obediência às autoridades civis não deve nascer apenas do medo de punição, mas do dever de manter a consciência limpa perante Deus:

हर एक मनखे सासन करइया अधिकारीमन के अधीन रहय, काबरकि परमेसर कोति ले अधिकार दिये जाथे। अभी जऊन अधिकार हवय, ओह परमेसर के दुवारा दिये गे हवय। एकरसेति, जऊन ह अधिकार के बिरोध करथे, ओह परमेसर के ठहिराय अधिकार के बिरोध करथे अऊ अइसने मनखे ह अपन ऊपर दंड लानथे। जऊन ह सही काम करथे, ओकर ऊपर अधिकारी के भय नइं रहय, पर जऊन ह गलत काम करथे, ओकर ऊपर अधिकारी के डर बने रहिथे। का तुमन अधिकारी के भय ले मुक्त होय चाहथव? त फेर सही काम करव अऊ ओह तुम्हर बड़ई करही। काबरकि ओह तुम्हर भलई खातिर परमेसर के सेवक अय। पर यदि तुमन गलत करथव, त ओकर ले डरव, काबरकि ओला बेकार म अधिकार नइं दिये गे हवय। ओह परमेसर के दास ए अऊ कुकरमीमन ला दंड देथे। एकरसेति, न सिरिप दंड ले बांचे खातिर, पर अपन बिबेक के खातिर घलो, अधिकारीमन के अधीन रहना जरूरी अय।

एकरे कारन, तुमन लगान घलो पटाथव, काबरकि अधिकारीमन परमेसर के सेवक अंय, जऊन मन अपन पूरा समय अइसने काम बर देथें। हर ओ मनखे के चुकता कर देवव, जेकर तुमन लगत हवव; जऊन ला लगान पटाना हवय, ओला लगान पटावव; जऊन ला मालगुजारी देना हवय, ओला मालगुजारी देवव; जेकर ले डरना चाही, ओकर ले डरव अऊ जेकर आदरमान करना चाही, ओकर आदरमान करव।(रोमीमन 13:1-7)

Esse princípio se traduz na prática em não deixar pendências financeiras nem judiciais com o próximo, mantendo a integridade no convívio social:

आपस म मया रखव अऊ मया के छोंड़ अऊ कोनो चीज म काकरो करजदार झन बनव। जऊन ह अपन संगी मनखे ला मया करथे, ओह मूसा के कानून ला मनइया समझे जाथे।(रोमीमन 13:8)

Pedro reforça a mesma orientação, ensinando que o respeito às leis humanas serve de testemunho para calar acusações injustas contra os que creem:

मूरती-पूजा करइयामन के बीच म तुम्हर चालचलन ह सही रहय, ताकि कहूं ओमन तुम्हर ऊपर गलत काम करे के दोस लगाथें, त ओ दिन, जब परमेसर ह हमर करा आही, त ओमन हमर बने काममन ला देख सकंय अऊ परमेसर के महिमा करंय।

परभू के हित म, अपनआप ला मनखेमन के बीच ठहिराय हर हाकिम के अधीन रखव; चाहे परधान हाकिम के रूप म राजा के अधीन होवय, या राजपाल के अधीन होवय, काबरकि ओमन कुकरमीमन ला दंड दे बर अऊ बने काम करइयामन के परसंसा करे बर राजा के दुवारा ठहिराय जाथें।(1 पतरस 2:12-14)

Impostos, processos e deveres na prática

Quando questionado sobre o pagamento de tributos a Roma, Jesus estabeleceu a distinção entre os deveres com o Estado e os deveres com o Criador:

त हमन ला बता, तोर का बिचार हवय? रोमी महाराजा ला लगान देवई कानून के मुताबिक ठीक अय कि नइं?"

ओमन के दुस्टता ला जानके यीसू ह कहिस, "हे ढोंगी मनखेमन हो! तुमन काबर मोला फंसाय के कोसिस करत हव? मोला ओ सिक्का ला देखावव, जेकर उपयोग तुमन लगान पटाय बर करथव।" ओमन ओकर करा एक सिक्का लानिन। यीसू ह ओमन ले पुछिस, "येमा काकर मूरती अऊ काकर नांव लिखाय हवय?"

ओमन कहिन, "महाराजा के।"

तब यीसू ह ओमन ला कहिस, "जऊन ह महाराजा के अय, ओला महाराजा ला देवव अऊ जऊन ह परमेसर के अय, ओला परमेसर ला देवव।"(मत्ती 22:17-21)

Em Cafarnaum, mesmo não tendo a obrigação pessoal de pagar o imposto do templo, Jesus optou por quitar a taxa para não criar escândalo desnecessário:

जब यीसू अऊ ओकर चेलामन कफरनहूम म आईन, त मंदिर के लगान लेवइयामन पतरस करा आईन अऊ पुछिन, "का तुम्हर गुरू ह मंदिर के लगान नइं पटावय?"

ओह कहिस, "हव, ओह पटाथे।"

जब पतरस ह घर के भीतर आईस, त ओकर पुछे के पहिली यीसू ह कहिस, "हे सिमोन, तेंह का सोचथस? ये धरती के राजामन काकर ले लगान लेथें? अपन खुद के बेटामन ले या आने मन ले?"

पतरस ह कहिस, "आने मन ले।"

यीसू ह ओला कहिस, "तब तो बेटामन ला लगान पटाय बर नइं पड़य। पर हमन ओमन ला ठेस पहुंचाय नइं चाहथन, एकरसेति तेंह झील म जा अऊ अपन गरी ला खेल। जऊन मछरी पहिली फंसही, ओला पकड़बे अऊ ओकर मुहूं ला खोलबे, त तोला उहां एक ठन सिक्का मिलही। ओला लेके मोर अऊ तुम्हर तरफ ले ओमन ला लगान पटा देबे।"(मत्ती 17:24-27)

No Sermão do Monte, Cristo ensina a resolver desavenças e litígios com prontidão, buscando o acordo antes que o problema escale para os tribunais:

"ओ मनखे जऊन ह तोर बिरोध म अदालत जावत हे, ओकर संग जल्दी करके मामला के निपटारा कर ले। कचहरी जावत बेरा डहार म ही ओकर संग मेल-मिलाप कर ले, नइं तो ओह तोला नियायधीस ला सऊंप दीही, अऊ नियायधीस ह तोला पुलिस अधिकारी ला सऊंप दीही, अऊ तेंह जेल म डाल दिये जाबे। मेंह तोला सच कहत हंव कि जब तक तुमन कौड़ी-कौड़ी नइं चुका दूहू, तब तक उहां ले नइं छूट सकव।(मत्ती 5:25,26)

O próprio cumprimento das normas do Império fez parte da história bíblica: o decreto de recenseamento civil emitido por César Augusto levou José e Maria até Belém, onde se cumpriu a profecia do nascimento de Jesus:

ओ समय म महाराजा अगस्तुस ये हुकूम निकालिस कि जम्मो रोमन राज म जनसंख्या के गनती करे जावय। (जब ये पहिली जनसंख्या के गनती होईस, त ओ समय क्विरिनियुस ह सीरिया के राजपाल रिहिस)। अऊ जम्मो मनखेमन नांव लिखवाय बर अपन-अपन सहर या गांव म गीन।

यूसुफ ह घलो गलील प्रदेस के नासरत सहर ले यहूदिया प्रदेस म दाऊद के गांव बैतलहम गीस, काबरकि ओह दाऊद के परिवार अऊ बंस के रिहिस। ओह उहां मरियम के संग नांव लिखवाय बर गीस, जेकर संग ओकर मंगनी हो गे रिहिस। मरियम ह ओ समय देहें म रहय।(लूका 2:1-5)

E quando a fé cristã enfrentasse perseguição nos tribunais humanos, Jesus garantiu que o Espírito Santo daria a resposta certa diante de reis e governadores:

मोर कारन, तुमन ला हाकिम अऊ राजामन के आघू म लाने जाही कि तुमन मोर बिसय म ओमन ला अऊ आनजातमन ला गवाही देवव। जब ओमन तुमन ला पकड़थें, त एकर चिंता झन करव कि तुमन ला का कहना हे या कइसने कहना हे, काबरकि ओहीच बखत तुमन ला बताय जाही कि का कहना हे।(मत्ती 10:18,19)

O limite da autoridade humana diante de Deus

O respeito às leis e aos tribunais não significa que o poder dos governantes seja absoluto. Diante de Pôncio Pilatos, Jesus deixou claro que a autoridade humana só existe porque Deus a permite:

तब पीलातुस ह कहिस, "का तेंह मोर ले बात नइं करस? का तेंह नइं जानस कि मोर करा तोला छोंड़ देय के या फेर तोला कुरूस ऊपर चघाय के अधिकार हवय?"

यीसू ह जबाब दीस, "यदि तोला ऊपर ले अधिकार नइं दिये जातिस, त मोर ऊपर तोर कुछू अधिकार नइं होतिस। एकरसेति जऊन ह मोला तोर हांथ म सऊंपे हवय, ओह बड़े पाप के दोसीदार ए।"(यूहन्ना 19:10,11)

O profeta Isaías lembra que governos, nações e seus decretos são pequenos perante a grandeza e a soberania do Criador:

खचित जाति-जाति के मनखेमन बाल्टी म पानी के एक बूंद सहीं अंय;

ओमन तराजू म के धुर्रा सहीं अंय;

यहोवा ह द्वीपमन ला धुर्रा के कन सहीं उठाथे।

जम्मो जाति के मनखेमन ओकर आघू म कुछू नो हंय;

ओमन ओकर नजर म बेकार समझे जाथें

अऊ ओमन कुछू घलो नो हंय।(यसायाह 40:15,17)

Nenhum obstáculo civil ou jurídico tem a palavra final contra a vontade divina quando Ele decide abrir o caminho:

काबरकि परभू के काम करे बर, मोला एक बहुंत अछा मऊका मिले हवय अऊ मोर बिरोध करइया कतको हवंय।(1 कुरिन्थुस 16:9)

Seja o primeiro

Este artigo te tocou? Faça uma oração!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.