Ler a Bíblia
Ler a Bíblia é essencial para a vida cristã. A Escritura é lâmpada para os pés, alimento para a alma e espada do Espírito. O cristão que lê a Bíblia é transformado pela Palavra.
A importância de ler
Meditar na Palavra dia e noite traz prosperidade e bom sucesso. Ler a Bíblia ilumina o entendimento e fortalece a fé.
नेम नी आहयी कीताप तारा दीमाक मे गेथी कदी नी उतरवा जोवे, आनी मेत रात-दाड़ो धीयान लगाड़ राखजे, आनीन करते के जे कंय तीनी मे लीखलु से तीनी अनसारे करवा नी तु चोकसी करे; काहाके आसमेत करवा सी तारा आखा काम पुरा हयहे, अने तु ताखत वाळो बणही।
A Escritura é inspirada
Toda a Escritura é útil para ensinar, corrigir e instruir em justiça. Examine as Escrituras — nelas encontramos a vida eterna.
आखी खरली सास्तर भगवान नी अगवाय सीत लीखली से, अने आहयी खरली सास्तर माणहु ने ह़ीकाड़वा, ह़ुदारवा, अने धरम नी ह़ीकापण जुगु फायदा वाळी से। काहाके भगवान नी सेवा करन्यो माणेह पुरी रीती सी नामह़ाद्यो बणे, अने आखा भला काम करवा करीन तीयार हय जाय।
तमु खरला सास्तर मे ह़ोदवा बाज र्या, काहाके तमु ह़मजी र्या के सास्तर मे गेथी अमर जीवाय जड़त्ली से, अने आहयी सास्तर मारा बारा मे गवाय दी री।
जेतरी वात पेले गेथी लीखली से, तीहयी आपणीत ह़ीकापण ना लेदे लीखली से के आमु धीरज अने चोखली सास्तर ना हीम्मत ना लारे आह राखये।
जुगाळा से तीहया जे आहयी कीताप ने भणे, अने जुगाळा से तीहया जे भगवान वगे गेथी केदली वात नी खबर ने ह़मळे; अने जे लीखलु से तीनी अनसारे चाले। काहाके आहयी आखी वात हयवा वाळी टेम ह़ाते आय लागली से।
मने आवते लग तु पाट भणवा अने ह़मजाड़तो रे, अने ह़ीकाड़वा मे लागलो रे।
Estudar com diligência
Os bereanos eram mais nobres porque examinavam as Escrituras diariamente. O estudo dedicado da Bíblia produz maturidade espiritual.
आहया थीसलुनीकीयो ह़ेर वाळा युहदी गेथा जादा वारु हता, अने तीहया घण-जबर मन लगाड़ीन भगवान नो बोल ह़मळ्या, अने पोलुस केदो तीहयी वात पारखवा करीन खरला सास्तर मे भणीन देखता हता।
ईसु तीमने केदो, "तमु चोखली सास्तर ने नी ह़मजो अने भगवान नी सक्ती ने नी ओळखो। एतरे तमु भुले पड़ र्या।