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Frutos do Espírito

Por Bíblia Online

Os frutos do Espírito são evidências visíveis da presença de Deus na vida do crente. Amor, alegria, paz, paciência — são marcas que diferenciam os filhos de Deus no mundo.

O fruto do Espírito

O fruto do Espírito é amor, alegria, paz, paciência, amabilidade, bondade, fidelidade, mansidão e domínio próprio. Contra estas coisas não há lei.

परंतु आत्मा का फल प्रेम, आनंद, शांति, धैर्य, कृपा, भलाई, विश्‍वासयोग्यता, नम्रता और संयम है। ऐसी बातों के विरुद्ध कोई व्यवस्था नहीं है।

पहले तो तुम अंधकार थे, परंतु अब प्रभु में ज्योति हो, इसलिए ज्योति की संतान के समान चलो —ज्योति का फल हर प्रकार की भलाई और धार्मिकता और सत्य है— और यह परखो कि प्रभु किस बात से प्रसन्‍न होता है।

परंतु जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहले पवित्र है, फिर शांतिप्रिय, विनम्र, विचारशील, दया और अच्छे फलों से भरा हुआ, पक्षपात-रहित और निष्कपट है; और मेल करानेवाले धार्मिकता का फल मेल-मिलाप के साथ बोते हैं।

अतः हे मेरे भाइयो, मसीह की देह के द्वारा तुम भी व्यवस्था के प्रति मृत बना दिए गए थे कि तुम उस दूसरे के हो जाओ जो मृतकों में से जी उठा ताकि हम परमेश्‍वर के लिए फल लाएँ; क्योंकि जब हम शारीरिक थे तो हमारी लालसाएँ जो व्यवस्था के अनुसार पापमय थीं, हमारे अंगों में मृत्यु का फल लाने के लिए कार्य करती थीं। परंतु अब जिस व्यवस्था से हम बँधे थे उसके प्रति मरकर हम उससे स्वतंत्र हो गए हैं, ताकि हम लेख की पुरानी रीति से नहीं बल्कि आत्मा की नई रीति से सेवा करें।

इसलिए जिन बातों से अब तुम लज्‍जित होते हो, उनसे तुम्हें उस समय क्या फल मिला? क्योंकि उन बातों का अंत तो मृत्यु है। परंतु अब पाप से छुड़ाए जाकर और परमेश्‍वर के दास होकर तुम्हें यह फल मिला है, जिसका परिणाम पवित्रता है और जिसका अंत अनंत जीवन है।

Permanecer em Cristo

Quem permanece em Cristo dá muito fruto. Toda árvore boa produz bons frutos — e é pelo fruto que se conhece a árvore.

तुम मुझमें बने रहो और मैं तुममें। जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आपसे फल नहीं ला सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझमें बने न रहो, तो फल नहीं ला सकते। मैं दाखलता हूँ, तुम डालियाँ हो। जो मुझमें बना रहता है और मैं उसमें, वह बहुत फल लाता है, क्योंकि मुझसे अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।

मेरे पिता की महिमा इसी से होती है कि तुम बहुत फल लाओ और मेरे शिष्य बने रहो।

जैसा पेड़ वैसा फल

"अच्छा पेड़ बेकार फल नहीं लाता, और न ही बेकार पेड़ कभी अच्छा फल लाता है। प्रत्येक पेड़ अपने फल से पहचाना जाता है; क्योंकि लोग कँटीली झाड़ियों से अंजीर नहीं बटोरते, और न ही झाड़ी से अंगूर बटोरते हैं। भला मनुष्य अपने मन के भले भंडार से भली बात निकालता है, और बुरा मनुष्य अपने मन के बुरे भंडार से बुरी बात निकालता है; क्योंकि जो मन में भरा है वही उसके मुँह पर आता है।

इसलिए पश्‍चात्ताप के योग्य फल लाओ

Semear e colher

Quem semeia na justiça colherá fruto de vida. Os frutos do Espírito são a colheita de uma vida plantada no Senhor.

और केवल यही नहीं, बल्कि स्वयं हम भी जिनके पास आत्मा का पहला फल है, अपने आपमें कराहते हैं और लेपालक पुत्र होने की अर्थात् अपनी देह के छुटकारे की उत्सुकतापूर्वक प्रतीक्षा करते हैं।

मेरा फल सोने से,

बल्कि कुंदन से भी उत्तम है,

और मेरी उपज उत्तम चाँदी से अच्छी है।

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