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Luz do mundo: o significado de Jesus nas Escrituras

O que significa Jesus ser a luz do mundo

Na Bíblia, a luz representa a verdade divina, a santidade e a salvação, enquanto as trevas simbolizam o pecado, o engano e a morte espiritual. Quando Jesus afirma "Eu sou a luz do mundo", ele declara ser a manifestação de Deus que liberta a humanidade da desorientação moral e concede vida eterna a quem o segue.

Jesus fez essa declaração no pátio do templo em Jerusalém, no contexto da Festa dos Tabernáculos. Durante essa festa judaica, grandes candelabros de ouro eram acesos para lembrar a coluna de fogo que guiou os israelitas pelo deserto. Ao aplicar essa imagem a si mesmo, Jesus indicou que ele é o guia verdadeiro que conduz o ser humano para fora das trevas do pecado.

यीसू ह मनखेमन ले फेर कहिस, "मेंह संसार के अंजोर अंव। जऊन कोनो मोर पाछू आही, ओह अंधियार म कभू नइं चलही, पर ओह जिनगी के अंजोर ला पाही।"(यूहन्ना 8:12)

ओ बचन म जिनगी रिहिस, अऊ ओ जिनगी ह मनखेमन बर अंजोर लानिस। ओ अंजोर ह अंधियार म चमकथे, अऊ अंधियार ह ओकर ऊपर जय नइं पा सकिस।(यूहन्ना 1:4,5)

जब तक मेंह संसार म हवंव, तब तक मेंह संसार के अंजोर अंव।"(यूहन्ना 9:5)

मेंह संसार म अंजोर के रूप म आय हवंव, ताकि जऊन कोनो मोर ऊपर बिसवास करय, ओह अंधियार म झन रहय।(यूहन्ना 12:46)

नियाय करइया के फैसला ये अय: अंजोर ह संसार म आईस, पर मनखेमन अंजोर के बदले अंधियार ले मया करिन, काबरकि ओमन के काम खराप रिहिन। जऊन ह खराप काम करथे, ओह अंजोर ले घिन करथे अऊ ओह अंजोर म नइं आवय, काबरकि ओला डर रहिथे कि ओकर खराप काममन उजागर हो जाहीं। पर जऊन ह सही काम ला करथे, ओह अंजोर म आथे, ताकि ये साफ दिख जावय कि ओकर काम ह परमेसर के जरिये करे गे हवय।"(यूहन्ना 3:19-21)

Deus como a fonte de toda luz

Antes de ser um título aplicado a Cristo, a luz define a própria natureza de Deus. O apóstolo João escreve que Deus é luz e que nele não há nenhuma treva, o que expressa sua pureza absoluta, fidelidade e justiça sem mancha.

Andar na luz divina não significa ausência de erros, mas sinceridade: significa viver com disposição de confessar o pecado, buscar o perdão e manter comunhão aberta com o Criador e com o próximo.

ओ संदेस जऊन ला हमन ओकर बेटा यीसू ले सुने हवन अऊ तुमन ला सुनावत हवन; ओह ये अय—परमेसर ह अंजोर अय; अऊ ओमा कुछू घलो अंधियार नइं ए।(1 यूहन्ना 1:5)

पर कहूं हमन अंजोर म चलथन, जइसने परमेसर ह अंजोर म हवय, त हमर संगति एक-दूसर के संग हवय, अऊ ओकर बेटा यीसू के लहू ह हमन ला जम्मो पाप ले सुध करथे।(1 यूहन्ना 1:7)

काबरकि हर एक बने अऊ उत्तम बरदान स्वरग ले आथे अऊ परमेसर ददा, जऊन ह अंजोर ला बनाईस, ओकर कोति ले, ये बरदान ह मिलथे, अऊ ओह बदलत छइहां सहीं नइं बदलय।(याकूब 1:17)

Por que os seguidores de Jesus são chamados luz do mundo

No Sermão do Monte, Jesus estendeu a mesma metáfora aos seus discípulos. Enquanto Cristo é a fonte primária de luz, os que creem nele funcionam como refletores: suas práticas de justiça, verdade e misericórdia evidenciam o Reino de Deus na sociedade.

Nas casas modestas da Galileia do primeiro século, uma lâmpada a óleo nunca era colocada debaixo de um cesto, mas sobre um velador para clarear todo o ambiente. Da mesma forma, a fé genuína não foi feita para ficar oculta, mas para transformar o testemunho diário em benefício de quem está ao redor.

"तुमन संसार के अंजोर अव। पहाड़ ऊपर बसे सहर ह छिपे नइं रह सकय। अऊ न तो मनखेमन दीया ला बारके बड़े कटोरा के खाल्हे म रखथें, पर दीया ला दीवट ऊपर मढ़ाथें, जिहां ले येह घर के हर एक जन ला अंजोर देथे। ओही किसम ले, तुम्हर अंजोर ह मनखेमन के आघू म चमकय, ताकि ओमन तुम्हर बने काम ला देखंय अऊ स्वरग म रहइया तुम्हर ददा के बड़ई करंय।(मत्ती 5:14-16)

जऊन मनखेमन अंधियार म रहत रिहिन,

ओमन एक बड़े अंजोर ला देखिन;

अऊ जऊन मन मिरतू के छइहां के प्रदेस म रहत रिहिन,

ओमन के ऊपर एक अंजोर चमकिस।"(मत्ती 4:16)

पर तुमन एक चुने बंस, राज-पदधारी पुरोहित, पबितर जाति अऊ परमेसर के खुद के मनखे अव, ताकि तुमन ओकर परसंसा करव, जऊन ह तुमन ला अंधियार म ले अपन अद्भूत अंजोर म बलाय हवय।(1 पतरस 2:9)

तुमन जम्मो झन अंजोर के संतान अऊ दिन के संतान अव। हमन रथिया या अंधियार के संतान नो हन।(1 थिस्सलुनीके 5:5)

A Palavra de Deus como lâmpada nos Salmos

No Antigo Testamento, a metáfora da iluminação está diretamente ligada às Escrituras. No Salmo 119, o salmista compara os mandamentos de Deus a uma lâmpada para os pés e luz para o caminho, retratando o viajante que precisa ver onde pisa para não tropeçar na escuridão da noite.

A revelação divina não remove todos os obstáculos do caminho, mas oferece discernimento suficiente para que o fiel tome cada decisão conforme a vontade de Deus.

तोर बचन के समझ ले अंजोर मिलथे;

येह सधारन मनखे ला समझ के आतमा देथे।(भजन-संहिता 119:130)

यहोवा ह मोर अंजोर अऊ मोर उद्धार अय—

त मेंह काकर ले डरहूं?

यहोवा ह मोर जिनगी के मजबूत किला अय—

त काकर ले मेंह भय खाहूं?(भजन-संहिता 27:1)

काबरकि तोरेच करा जिनगी के पानी के सोत हवय;

तोरेच अंजोर म हमन अंजोर देखथन।(भजन-संहिता 36:9)

हे यहोवा, तेंह मोर दीया ला बारे रखथस;

मोर परमेसर ह मोर अंधियार ला अंजोर कर देथे।(भजन-संहिता 18:28)

यहोवा ला अपन जिनगी सऊंप दे;

ओकर ऊपर भरोसा रख अऊ ओह येला करही:

ओह तोर धरमीपन के ईनाम ला बिहान के अंजोर सहीं,

अऊ तोर काम के नियाय ला मंझनियां के सूरज सहीं चमकाही।(भजन-संहिता 37:5,6)

काबरकि तेंह मोला मिरतू ले

अऊ मोर गोड़मन ला ठोकर खाय ले बचाय हस,

ताकि मेंह जिनगी के अंजोर म

परमेसर के आघू म चल सकंव।(भजन-संहिता 56:13)

हे यहोवा सर्वसक्तिमान परमेसर, हमन ला फेर पहिले सहीं कर दे;

अपन मुहूं के अंजोर हमर ऊपर चमका,

कि हमर उद्धार होवय।(भजन-संहिता 80:19)

ओमन अपन तलवार के ताकत ले देस ला नइं जीतिन,

न ही ओमन अपन बाहां के ताकत ले जय पाईन;

पर येह तोर जेवनी हांथ, तोर बाहां,

अऊ तोर चेहरा के अंजोर रिहिस जेकर दुवारा जीत मिलिस, काबरकि तेंह ओमन ले मया करय।(भजन-संहिता 44:3)

तोर सेवक के ऊपर तोर मुहूं के अंजोर चमकय;

अपन बहुंत मया के कारन मोर उद्धार कर।(भजन-संहिता 31:16)

O confronto entre a verdade e as trevas

As Escrituras tratam a história humana como um campo de conflito moral e espiritual entre luz e escuridão. O apóstolo Paulo explica que a incredulidade opera como uma cegueira imposta pelo mal, que impede a mente humana de contemplar a glória do Evangelho.

Séculos antes, o profeta Isaías já havia anunciado a chegada da salvação messiânica como o nascer de um grande dia sobre povos que habitavam regiões de sombras e opressão.

ये जुग के देवता ह अबिसवासीमन के बुद्धि ला अंधरा कर दे हवय; ताकि ओमन परमेसर के रूप याने मसीह के अंजोर ला झन देख सकंय, अऊ ये अंजोर ह मसीह के महिमा के सुघर संदेस ले आथे। हमन अपन परचार नइं करन, पर ये परचार करथन कि यीसू मसीह ह परभू ए अऊ हमन यीसू के हित म तुम्हर सेवक अन। काबरकि येह परमेसर ए, जऊन ह कहिस, "अंधियार म ले अंजोर चमकय।" ओहीच परमेसर ह अपन अंजोर ला हमर हिरदय म चमकाईस ताकि हमन ओकर महिमा के गियान के अंजोर ला पा सकन, जऊन ह यीसू मसीह के चेहरा म हवय।(2 कुरिन्थुस 4:4-6)

अबिसवासीमन के संग साझीदार झन बनव। काबरकि धरमीपन अऊ अधरम म का समानता? या अंजोर अऊ अंधियार के का संगति?(2 कुरिन्थुस 6:14)

मेंह ये घलो पराथना करथंव कि तुम्हर हिरदय के आंखीमन अंजोर होवंय, ताकि तुमन ओ आसा ला जानव, जेकर बर ओह तुमन ला बलाय हवय अऊ ये घलो जानव कि संतमन म ओकर उत्तराधिकार के महिमा के धन का अय,(इफिसुस 1:18)

जऊन मनखेमन अंधियार म चलत रिहिन

ओमन एक बड़े अंजोर ला देखिन;

अऊ घोर अंधियार के देस म रहइया मनखेमन के ऊपर

एक अंजोर चमकिस।(यसायाह 9:2)

"उठ, चमकदार हो; काबरकि तोर अंजोर ह आय हवय,

अऊ यहोवा के महिमा तोर ऊपर उदय होवत हे।

देख, धरती ऊपर अंधियार

अऊ राज-राज के मनखेमन ऊपर बिरबिट अंधियार छावत हे,

पर तोर ऊपर यहोवा उदय होवत हे

अऊ ओकर तेज तोर ऊपर परगट होवत हे।

जाति-जाति के मनखेमन तोर मेर अंजोर बर,

अऊ राजामन तोर बिहान के अंजोर कोति आहीं।(यसायाह 60:1-3)

"हे मोर मनखेमन, मोर बात ला सुनव;

हे मोर जाति के मनखेमन, मोर बात ला सुनव:

कानून ह मोर ले निकलके जाही;

मोर नियाय ह देस-देस के मनखेमन बर एक अंजोर बन जाही।(यसायाह 51:4)

O testemunho cristão e a esperança final

Desde o primeiro comando da Criação no Gênesis até as visões finais do Apocalipse, a presença manifesta de Deus é descrita em termos de claridade e fulgor. Os primeiros cristãos entenderam que pregar a ressurreição de Jesus era cumprir a vocação profética de levar essa claridade até os confins da terra.

Jesus advertiu que o coração depende daquilo em que os olhos se fixam. Escolher a luz de Cristo exige abandonar a dissimulação do pecado, confiando na promessa bíblica de que, no Reino consumado de Deus, a escuridão deixará de existir para sempre.

अऊ परमेसर ह कहिस, "अंजोर हो," त अंजोर हो गीस।(उतपत्ती 1:3)

" ‘ "यहोवा तुमन ला आसीस देवय

अऊ तुम्हर रकछा करय;

यहोवा ह अपन चेहरा के अंजोर तुम्हर ऊपर चमकाय

अऊ अनुग्रह करय;

यहोवा ह अपन चेहरा तुम्हर कोति करय

अऊ तुमन ला सांति देवय।" ’(गनती 6:24-26)

ओह गूढ़ अऊ लुकाय बातमन ला परगट करथे;

ओह जानथे कि अंधियार म का रखे हवय,

अऊ अंजोर ह ओकर संग रहिथे।(दानिएल 2:22)

काबरकि परभू ह हमन ला ये हुकूम दे हवय,

" ‘मेंह तोला आनजातमन बर एक अंजोर ठहिराय हवंव

ताकि तेंह जम्मो धरती के छोर तक उद्धार के रसता बन।’"(प्रेरितमन के काम 13:47)

पर परमेसर के मदद ले, मेंह आज इहां ठाढ़े हवंव अऊ छोटे-बड़े जम्मो ला बरोबर गवाही देवत हवंव। मेंह ओ बातमन ला छोंड़के, अऊ कुछू नइं कहत हंव जऊन ला अगमजानीमन अऊ मूसा ह घलो कहिस कि ये बातमन पूरा होवइया हवय— कि मसीह ला दुख उठाय बर पड़ही, अऊ ओह सबले पहिली मरे मन ले जी उठही अऊ अपन यहूदी मनखे अऊ आनजातमन ला उद्धार के संदेस के परचार करही।"(प्रेरितमन के काम 26:22,23)

"कोनो मनखे दीया ला बारके ओला बड़े कटोरा म नइं ढांपय या खटिया के खाल्हे म नइं मढ़ाय। पर ओह दीया ला दीवट ऊपर रखथे, ताकि जऊन मन भीतर आवंय, ओमन अंजोर ला देखंय।(लूका 8:16)

तोर आंखी ह तोर देहें के दीया अय। जब तोर आंखीमन ठीक हवंय, त तोर जम्मो देहें ह घलो अंजोर ले भरे हवय। पर जब तोर आंखीमन खराप हवंय, त तोर देहें ह घलो पूरा अंधियार ले भरे हवय।(लूका 11:34)

एकरसेति, जऊन बात तुमन अंधियार म कहे हवव, ओह दिन के अंजोर म सुने जाही, अऊ जऊन बात तुमन भीतर के खोली म मनखेमन के कान म चुपेचाप कहे हवय, ओला घर के छानी ऊपर ले खुलेआम बताय जाही।(लूका 12:3)

अऊ सहर ला सूरज या चंदा के अंजोर के जरूरत नइं रिहिस, काबरकि परमेसर के महिमा ओला अंजोर देवत रिहिस अऊ मेढ़ा-पीला ओकर दीया रिहिस।(दरसन 21:23)

उहां अब कभू रात नइं होही। ओमन ला दीया या सूरज के अंजोर के जरूरत नइं पड़ही, काबरकि परभू परमेसर ह ओमन ला अंजोर दीही, अऊ ओमन सदाकाल तक राज करहीं।(दरसन 22:5)

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